Posts

Showing posts from May, 2011

" BHRASHTACHAAR - KITNE - PRKAAR - KA ? ? ? BATAAIYE TO JARA

Image
देश भर मैं फैले भ्रष्टाचारियो , आदाब बजा लाता हूँ ! भाइयो आज मुझे आपसे एक काम पडगया है | यूंही आज मेरे मन मैं विचार आया कि देश मैं बचे खुचे शरीफों को बता दूं कि भ्रष्टाचार कितने प्रकार का होता है ? क्योंकि ये गिनती के लोग आजकल बड़ा शोर मचा रहे हैं |ये थोडा सा अन्न्शन ,जलूस और प्रदर्शन करके समझते हैं कि बहुत बड़ा तीर मार लिया ,और मेरे जैसे लोग थोडा कम्पुटर पर लिख कर ये समझने लगते हैं कि सारी दुनिया ने इसे पढ़ लिया और हमें पूरा जनसमर्थन हासिल है |अब प्रलय आ जाएगी ! इसी सोच के तहत हमने एक "ठेकेदार " मित्र को चाय पर बुला लिया |पहली चुस्की लेते ही हमने ये प्रशन दाग दिया कि मित्र बताओ तो भ्रष्टाचार कितने प्रकार का होता है ? मित्र बड़े ही दार्शनिक अंदाज़ में बोला ,ये बड़ी गहरी " माया " है | मैंने पूछा माया ? उसने कहा हाँ , सतयुग त्रेता और द्वापर में इसी भ्रष्टाचार को ही "माया" कहा जाता था |और भ्रष्टाचारी को " मायावी " कहते थे |मैंने कहा ठीक है ,पर ये तो बताओ ये होता कितने प्रकार है |मित्र बोला यार ये बिजनेस सीक्रेट है ,बताना तो नहीं चाहिए ,परन्तु तूने …

B.J.P. KA BHRASHTACHAAR MITAAO AANDOLAN, RAM NAM SATYA HAI !!!

सरप्राइज़ पसंद भारतीयों ,रिश्वत भरा नमस्कार !!बी.जे.पी.का भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन राजस्थान से गडकरी जी ने बड़े जोर शोर से शुरू किया ,लेकिन अगले ही दिन पंजाब में एक बी.जे.पी. के विधायक "खुराना"जी ने उसका राम नाम सत्य कर दिया |सुनने में आया है कि ये सब उसने सिर्फ अपने लिए नहीं किया ? कई मंत्रिओं को बाँटना था |या फिर पार्टी फंड में जमा करवाना हो ? खैर वो तो अब जांच हो जाएगी |परन्तु हमारी तो बोलती बंद हो गई ? अब हम किसकी मुर्दाबाद करें ? उनकी या अपनी ?दरअसल ,जब तक सभी पार्टियां अपने चुनावी चंदे को पारदर्शिता में नहीं लाती तब तक भ्रष्टाचार आन्दोलन की शुरुआत नहीं हो सकती | चाहे बाबा रामदेव आमरण अनशन करे या श्री अन्ना हजारे ?कुछ नहीं सुधरने वाला |शोले फिल्म का डायलाग इस स्थिति में फिट बैठता है | "इतनी बदलियों के बाद भी हम नहीं बदले ,तो अब क्या बदलेंगे ?

" DO NOT DISTERB "DESH KA MANTRI MANDAL "SO" RAHA HAI ! ! ! ! !

प्यारे दोस्तों, नमस्कार !गर्मियों के दिन हैं ,आलस्य आ ही जाता है |देश के प्रधानमंत्री सहित सारा मंत्रिमंडल सो रहा है,कोई जेल में,तो कोई रेल में ,कोई आफिस में,तो कोई संसद में |कोई मंत्री घोटाला करदे तो पी.एम. साहिब और उनकी पार्टी के प्रवक्ता कहते हैं हमें क्या पता ?अब पी.एम. साहिब मंत्रियों के टेबल पर डंडा लेकर खड़े होकर काम तो नहीं करवाएँगे ?और कोई मंत्री पर ऊँगली उठे तो मंत्री कहता है की मुझे क्या पता.जांच करवाएंगे,हमने थोडेही किया है कोई गलत काम ,काम तो बाबू लोग करते हैं ?और जब कोई खुदानाखास्ता अच्छा काम बाबुओं से हो जाये तो यही मंत्री बाबुओं को पीछे कर खुद आगे आ जाते हैं ,और वाह वाही लूट लेते हैं |अभी पिछले दिनों अमेरिका ने पाकिस्तान में चोरी से घुस कर "श्री मान ओसामा बिन लादेन "को पता नहीं क्या कर दिया ? तो भारत में बैठे कुछ लोगों का होसला ऐसे ही बढ़ गया,जैसे अमिताभ बच्चन की फिलम में लड़ाई का सीन देख कर भोले भले दर्शकों का बढ़ जाता है |आव देखा न ताव ,बस बोलदिये "हमें भी ऐसा ही करना चाहिए "और थल सेना अध्यक्ष जी ने भी कह दिया कि आज्ञा मिलेगी तो हम भी ऐसा कर सकते हैं…

JAILALITA OR MAMTA KA DABDABA ------ ! ! ! ! KYON --?????

अजीबोगरीब मानसिकता के धनियों, ख़ुशी भरा नमस्कार ! ५ राज्यों में चुनावों के नतीजे आ चुके हैं | ममता दीदी ने बंगाल में और तमिलनाडु में जयललिता दीदी ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की है |बंगाल में तो ३४ सालों का रिकार्ड टूट गया है |भाई हम तो मीनमेख निकलने वाले हैं | क्यों मिली इतनी बड़ी जीत ? क्या कारन थे ? देखना होगा ,समझना होगा, जानना होगा और फिर सीखना होगा | क्या रेल मंत्रालय का प्रबंधन इसका कारन है ? नहीं ,क्या कोंग्रेस और तृणमूल पार्टी का गठबंधन भारी जीत का कारन है ? नहीं तो फिर क्या चुनावों में भ्रष्टाचार हुआ है ? नहीं तो फिर असली कारन क्या है ? असली कारन है ,कामरेडों की बंगाल में फैली गुंडागर्दी, और पिछले १८ वर्षों में संसद में निभाई गयीं अलग अलग भूमिकाएं |जनता सब देख रही थी |यही भ्रष्टाचार का मुद्दा तमिलनाडु में छाया रहा | तभी तो टीवी ,रुपया बांटेगए परन्तु कोई असर नहीं हुआ |जितने वाले सभी महानुभावों को बहुत बहुत बधाई ,और अनुरोध कि कृपया जनता के हितों का भी ध्यान रखना जी |भगवन सबका भला करे | 

AARAKSHAN KA BHRASHTACHAAR ---------!!!!!! ----???????????

हाय,दोस्तों!हाय-हाय,हाय-हाय|आपसोचरहे होगे की आज इसे क्या हो गया,इतनी हाय हाय क्यों लगा रखी है |नहीं दोस्तों ये हाय वैसी  नहीं है जो नेताओं के खिलाफ होती है ,ये हाय हाय वैसी  भी नहीं है जो चोट की पीड़ा से निकलती है ,ये तो मशहूर फ़िल्मी कामेडियन कलाकारश्रीवी.गोपाल की अदाकारी जैसी है,एक फिल्म में उन्होंने अंग्रेजी के "हाय" शब्द का मजाक दो बार हायहाय बोलकर उड़ाया था | पुराने ज़माने में जैसे राम राम दोबार कहते थे वेसे किसी अंग्रेजी लड़की ने फिलम में उनसे इंग्लिश में एकबार "हाय" बोला तोउन्होंनेरामरामकी तरह उसे दोबार"हाय हाय बोल दिया |वैसेही मैं आज आपको हायहाय कह रहा हूँ |छोड़ो जी ये, हायहाय ! मुद्दे पर आते हैं,"आरक्षण"५ साल तक के लिए देश आज़ाद होने के बाद लागु हुआ,ताकि उन पिछड़ चुके भारतियों में बराबरी लायी जा सके जोदेशके बंटवारे के दंश से या फिर देश में उस समय फैले जातिवाद से पीड़ित थे |परन्तु देशके नेताओं ने वोटों के लालच मेंआरक्षण आजतक न केवल जारीरखा है बल्कि उसे इस कदर उलझा दिया है कि अब कोई भी पार्टी उसे बंद नहीं कर सकती |ये एक ऐसा "बम्ब "हैजो परम…

BHRASHTACHAAR -- KA " TRIFALA " CHURAN !!!!! ?????

प्यारे दोस्तों,प्यार भरा नमस्कार !!भारतीय संस्कृति में कोई भी तीन चीज़ें मिल जातीं हैं तो इन्सान के लिए ज्यादा लाभदायक हो जातीं हैं | जैसे :- त्रिफला चूरन ,जो हरड,बिहेड़ा,आंवला से बनता है ,इस चूरन को खाने से पेट की कई बीमारियाँ दूर हो जाती हैं |इसी तरह से हिन्दुस्तान में तीन पेड़ों को बहुत महत्वपूरण मन जाता है ,पीपल,नीम,और बिल्वपत्र |तीन देवता,ब्रह्मा,विष्णु,और महेश,तीन देविआं,मां काली,मां लक्ष्मी,और मां सरस्वती, तो साहिब अब मार्किट में आ गया है,भ्रष्टाचार का त्रिफला चूरन ,जिसमें बाबु,नेता और माफिया शामिल है |इस चूरन के उपयोग से धन की वर्षा होने लगती है और वारे न्यारे होने लगते हैं|आज कल भारत में यह चूरन बहुत बिक रहा है |जब हमारे प्रधान मंत्री स.मनमोहन सिंह जी से पूछा गया की ये चूरन इतना क्यों बिक रहा है तो वो बोले कि,मेरे मंत्री क्या करते हैं मुझे बताते ही नहीं ,मुझे क्या पता ????सीधी सी बात है दोस्तों कि कलयुग में हर चीज कि कीमत है,और हर चीज बिकेगी ,अरे यारो मै भी तो बिकाऊँ हूँ ,बस सही कीमत लगाने कि जरूरत है ? फर्क सिर्फ इतना है कि मै अपना धर्म,ईमान,और देश हित किसी कीमत पर नहीं बेचूंग…

" BE - KABU HOTE BABU " !!!! ?????????

भ्रष्टाचार के आगे नतमस्तक,देशवासियो ! नमस्कार! देश का बाबु,जो कभी पैदल,या ज्यादा हुआ तो साईकिल पर दफ्तर जाता था |सुबह से शाम तक काम करता रहता था |युग बदला तो बाबु की बुद्धि ने भी तरक्की करी |अब बाबु,बड़े से बड़े अफसर,नेता को टरकाना जानता है | सारे आदेशों को रोकना जानता और आये हुए बजट को इधर से उधर भी करना जानता है |इसी को तो कलाकारी या चमत्कार कहते हैं ,और चमत्कार को ही नमस्कार है जनाब !!सीधे साधे अफसरों से लेकर श्रीमती  गोलमा देवी,राबड़ी देवी से होते हुए हमारे प्रधानमंत्री स.मनमोहन सिंह जी तक इन बाबुओं से गच्चा खा जाते हैं |आप और मैं किस खेत की मूली हैं ???भ्रष्टाचार पर अन्ना जी अनशन कर चुके,बाबा रामदेव जी करने वाले हैं |पर इन भ्रष्टाचार के ओवर ब्रिजों पर अभी तक किसीकी नज़र नहीं पड़ी |जनता तो कहती है की फलाना बाबु अच्छा है उसने रिश्वत लेकर तुरंत काम कर दिया है ??तो आप ही बताओ किसे हो भ्रष्टाचार का सत्यानाश !!!!!!""?????????