सरकार और विपक्ष के लटकों - झटकों में फंसे दोस्तों ! नमस्कार !! सभी भारत वासी पिछले १२ दिनों से सरकार - विपक्ष और मिडिया के लटके - झटके देख रहे हैं , समझ रहे हैं | कैसे - कैसे नाटक कर रहे हैं , " लालू, बंसल , प्रणब, राहुल,मायावती,आदि - आदि | जनता समझ भी रही है , और सोच भी रही है कि क्या किय जाए ? नेता चेलेंज कर रहे हैं कि हिम्मत है तो २०१४ में चुनाव लड्लें , अपनी सरकार बनालें और " बिल " पास करवालें ? सरकार संसद में तो ये दिखा रही है कि वो " जन्लोकपाल " के कुछ - कुछ पक्ष में है | विपक्ष दिखा रहा है कि वो " ज्यादातर " पक्ष में है " लेकिन दोनों कि शह पर " माया - लल्लू असली भाषा बोल रहे हैं "| बेशर्मी की हद हो गयी है ? पुराने संसद - सदस्य या मंत्री होने का " दंभ " लगातार बढ़ रहा है | जिसका इलाज आवश्यक है , और इस बीमारी की डाक्टर " जनता " ही है | आज हम सबको ये "प्रण" करना है कि अब चाहे जो भी चुनाव आये , चाहे छोटा हो या बड़ा , तब हमने किसी लालच में नहीं फंसना , जाती , धरम , इलाका और पार्टी के बन्धनों में नहीं फंसना " सिर्फ और सिर्फ " इमानदार " और " सेवा - भावी व्यक्तियों को ही चुनना है | ये मशाल जलती रहनी चाहिए | तभी शुद्ध लोक तंत्र आएगा |
FIGHT ANY TYPE OF CORRUPTION, WITH "PEN"!
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
"निराशा से आशा की ओर चल अब मन " ! पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक)
प्रिय पाठक मित्रो ! सादर प्यार भरा नमस्कार !! ये 2020 का साल हमारे लिए बड़ा ही निराशाजनक और कष्टदायक साबित ह...
-
कई लोग मन और दिल को एक ही मानते हैं , लेकिन मैं और मेरा सनातन धर्म एक नहीं मानते क्योंकि डाक्टर लोग दिल का तो ऑपरेशन कर सकते हैं लेकिन मन क...
-
आधुनिक भारत के महान क्रन्तिकारी श्रीमान अरविन्द केजरीवाल साहब और उनकी पूरी टीम को भला कौन नहीं जानता जी ! सब जानते हैं कि ये सब लोग इस दहा...
-
राजनीति के साथ-साथ अध्यापन,लेखन,समाज-सेवा,कर्म,कर्तव्य,धर्म और मनुष्य का चरित्र आज जिस स्तर तलक पहुँच चुका है , ये आप सब भली-भाँती जानते है...

No comments:
Post a Comment