Thursday, November 23, 2017

"मेरी राजस्थान के आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने हेतु आरम्भ हुई "चुनाव-अभियान यात्रा"सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र हेतु !! आपका साथ आवश्यक है !


मुझे राजस्थान का अगला विधानसभा चुनाव सूरतगढ़ विधानसभा से लड़ना होगा ,क्योंकि जनता भाजपा से रूठकर वापिस कांग्रेस के पास ना जा पाए !मुझे ये आभास हुआ है कि जनता भाजपा विधायकों से नाराज होकर वापिस कांग्रेस को जितवाने का सोच रही है !पार्टी नेतृत्व को घंटी बजाकर जगाना होगा !!  भाजपा का कार्यकर्ता होने के नाते पार्टी की टिकेट मांगूंगा ! अगर नेतृत्व ने मुझे नकार कर अगर किसी नए आदमी को टिकट दिया तो पार्टी का साथ देंगे ,अगर पुराने रह चुके विधायकों को ही फिर से दोहराया तो जन भावना को जानने हेतु एक सभा बुलाई जाएगी ,फिर जो जनता कहेगी वो ही करेंगे !हो सकता है निर्दलीय चुनाव लड़कर जनता की सेवा करनी पड़े !मैं पीछे नहीं हटूंगा !एक बात तो निश्चित है कि सूरतगढ़ विधानसभा की जनता बड़ी परेशान है मौजूदा प्रशासन एवं नेतृत्व से !जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता ! मैंने जनता से मिलना शुरू कर दिया है ! मैंने अपनी "चुनाव-अभियान यात्रा"का शुभारम्भ गुरु-पर्व वाले दिन बाबा रामदेव जी ,गुरुदवारा साहिब और बजरंगबली जी के मंदिर में माथा टेक कर उनकी पवित्र ध्वजा लेकर करी थी !जिनसे भी मिल रहा हूँ ,सब खुश हो रहे हैं और आगे बढ़ने हेतु कह रहे हैं !जनता का प्यार और आशीर्वाद मिल रहा है !30 साल तक पार्टी की सेवा करी है !जिसको भी पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनाया उसे जितने हेतु भरपूर काम किया !अब जनता हमें उलाहने दे रही है ! हम किधर जाएँ !राजनीति छोड़कर हम तो अपने घर भी बैठ गए थे ! लेकिन जनता बैठने भी नहीं देती ! पार्टी नेतृत्व से अनुरोध है कि वो वस्तुस्थिति को समझकर उचित निर्णय ले !अन्यथा होने वाले नुकसान का पार्टी नेतृत्व स्वयं जिम्मेदार होगा !हम जीवित भी भाजपा के , बागी भी भाजपा के मरेंगे तो भी भाजपा के जीते तोभी भाजपा के और हारे तो भी भाजपा के !!आपकी जानकारी हेतु प्रस्तुत है पूरी जानकार हमारी गतिविधियों की ! आप सब अगर सहमत हों तो हमारे साथ जुड़ें !इस संदेश को आगे शेयर करें !














"मेरी राजस्थान के आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने हेतु आरम्भ हुई "चुनाव-अभियान यात्रा"सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र हेतु !! आपका साथ आवश्यक है !


प्रिय मित्रो ! 
                    सादर नमस्कार !
                                       कुशलता के आदान-प्रदान पश्चात् समाचार ये है कि हमारे इस ब्लॉग में ज्वलन्त विषयों पर लेख-टिप्पणियां होती हैं।जो मित्र पढ़ने में रूचि रखते हों,अवश्य पढ़ें,फिर अपने मित्रों को शेयर करें और अपने अनमोल कॉमेंट्स भी रोज़ाना लिख्खा करें।इसका लिंक ये है - www.pitamberduttsharma.blogspot.com. मुझसे संपर्क करने हेतु मेरा ई मेल एड्रेस ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. मेरा मोबाईल नम्बर ये है - 9414657511. सधन्यवाद ! आपका अपना मित्र पीताम्बर दत्त शर्मा,1/120,आवासन मंडल कालोनी,वार्ड नम्बर 10,सूरतगढ़।जिला श्रीगंगानगर,राज. भारत

Friday, October 27, 2017


प्रेस की स्वतंत्रता के नाम पर अपराधियों के संरक्षण का अड्डा बनता जा रहा है प्रेस क्लब!

प्रेस क्लब (PCI) की कुछ प्रेसवार्ताओं, बैठकों, गतिविधियों पर नजर डालें तो यह चित्र उभरता है:-

1) PCI को बलात्कार का अधिकार दो- तरुण तेजपाल के लिए प्रेस कांफ्रेंस!

2) PCI को मनी लाऊंड्रिंग का अधिकार दो- प्रणय राय के लिए प्रेस कांफ्रेंस!

3) PCI को ब्लैकमेलिंग का अधिकार दो- विनोद वर्मा के लिए प्रेस कांफ्रेंस!

4) PCI को अपराध आरोपियों को संरक्षण देने का अधिकार दो- कन्हैया कुमार को पुलिस से बचाने के लिए छुपाया! बकैत पांडे के बलात्कार आरोपी भाई को भी यदा-कदा वहां देखा गया!

5) PCI को सरकार गिराने का अधिकार दो- आंदोलन की आड़ में राजनीतिक साजिश रचने वाले अरविंद केजरीवाल और उनके अपराध आरोपी साथियों के लिए कथित पत्रकारों द्वारा बैठकों का आयोजन।

6) PCI को फैसला सुनाने का अधिकार दो- गौरी लंकेश की हत्या में बिना सबूत हिंदू संगठनों को गुनाहगार ठहराने के लिए बैठक!

7) PCI को सामाजिक एडिटर नियुक्ति का अधिकार दो- कन्हैया कुमार, उमर खालिद जैसों के लिए बकैत गिरोह द्वारा प्रेस वार्ता और मार्च का आयोजन।

यह है दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की सच्चाई! इस क्लब में नक्सलियों, आतंकियों, अलगा्वादियों, अपराधियों के लिए खुलेआम बैठकें होती हैं! प्रेस का भय दिखाकर समाज और सरकार को ब्लैकमेल किया जाता है! वामपंथी गिरोह ने इसे क्रियेटिव सेंटर की जगह डिस्ट्रक्टिव सेंटर बना रखा है!

जो लोग वास्तविक पत्रकारिता कर रहे हैं, उन्हें चाहिए कि एकजुट होकर यहां से मिल रहे अपराध के संरक्षण पर रोक लगाएं और समाज को तोड़ने वाले तथाकथित पत्रकारों की सदस्यता खारिज कर उन्हें बाहर निकालें! प्रेस की स्वतंत्रता के नाम पर अपराध आरोपियों के संरक्षण का अड्डा बनता जा रहा है #PCI

 Sandeep Kumar Deo


By-: www.pitamberduttsharma.blogspot.com.


























Sunday, October 22, 2017

अगर कोई मोदी को गालियाँ दे रहे है ...
तो वह महाशय अवश्य इन लिस्ट में से एक है :
----------------------
.
1. नम्बर दो की इनकम से प्रॉपर्टी खरीदने वाले ।
2. राशन डीलर नाराज़ हो गये: राशन कार्ड सब्सिडी आधार कार्ड से जोड़ दिया।
3. प्रॉपर्टी डीलर नाराज हो गये: दो लाख से ज्यादा Cash पेमेंट में रोक लगा दी।
4. दलाल नाराज: ऑनलाइन सिस्टम बनने से दलाल नाराज हो गये।
5. NGO के मालिक नाराज़: 40,000 से अधिक NGO बन्द हो गये।
6. कंपनी के MD: मोदी ने फर्जी 3,00,000 कंपनी बन्द कर दी।
7. E-tender होने से ठेकेदार नाराज हो गये।
8. गैस एजेंसी वाले नाराज : गैस सब्सिडी को बैंक खाते से जोड़ दिया गया।
9. इनकम टैक्स चोर नाराज: 12 करोड लोग इनकम टैक्स के दायरे मै आ चुके।
10. ब्यापारी नाराज: व्यापारी लोग आटोमेटिक GST सिस्टम में आ गये।
11. बेनामी संपत्ति वाले नाराज: बेनामी संपत्ति कानून लागु
12. नम्बर-२ का काम वाले नाराज: ऐसे लोगो का फलना फूलना बन्द हो गया।
13. ब्लैक वाइट करने वाले नाराज: दो लाख से ज्यादा Cash पेमेंट में रोक
14. आलसी अधिकारी नाराज : अब ऑफिस में समय फिंगरप्रिंट अटेंडेंस
15. वो लोग नाराज हो गये जो रिश्वत देकर काम करने मे विश्वास करते है।
16. घोटाले करने वाले पुराने नेता और अधिकारी नाराज हैं ।
17. फर्जी कंपनी खाता धारक वाले नाराज हैं: क्योकि बैंक एकाउंट्स को आधार कार्ड और पैन कार्ड से जोड़ दिया गया।
18. करोड़ो का Cash से कारोबार करने वाले नाराज हैं: क्योकि नोट बंदी से करोड़ो का घर में रखा हुवा Cash बैंक में जमा हो गया।
19. लाखो, करोड़ो की ज्वेलरी Cash में बेचने और खरीदने वाले नाराज हैं: क्योकि पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया।
20. जिनको राजनीति विरासत में मिली हैं वो नाराज हैं ।
---------------------------
.
देश वदलाव की कहानी लिख रहा है
जिसे समझ है और जो ईमानदार हैं वही सही गलत और मोदी जी को समझ पा रहा हैं.
.
चोर, फ्री का माल खाने वाले, टैक्स की चोरी करने वाले ... मोदी को कोस रहे है...।
.





Wednesday, October 18, 2017

मुसलमानो का असली दूश्मन कौन है ..????

अगर भारतीय मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है,तो वो बोलेंगे...
आरएसएस वीएचपी बीजेपी

अगर गाजा के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
इज़राइली !

अगर अमेरिकन मुस्लिम से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
American Freedom Defense Initiative!

अगर चीन के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
चाइना की सरकार!

अगर म्यांमार के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
बौद्धिस्ट!

अगर पाकिस्तान के सुन्नियों से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
शिया,बोहरा,अहमदी!

अगर पाकिस्तान के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
भारत के बहुसंख्यक हिन्दू!

अगर आसाम के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
बोड़ो आदिवासी!

अगर इराक के सुन्नियों से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
शिया मुस्लिम!

अगर ब्रिटेन के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
इंग्लिश डिफेंस लीग!

अगर रूस के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
रशियन डिफेंस लीग!

अगर श्रीलंका के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
Bodu Bala Sena (BBS)!

अगर किसी गैर मुसलमान से पूछो की दुनिया मे किसने अशांति फैला रखी है
तो वो सिर्फ एक ही जवाब देंगे......
इस्लाम ( मुस्लिम) ..????




Friday, October 13, 2017

सचमुच भारत का समाज एक अजीब समाज है।
*********
ज्यादा दिन नहीं हुए, कोई तीन-साढ़े तीन साल पहले जब उस समय के शासक लूट के अनेक नए आयाम गढ़ रहे थे। तब जनता इससे परेशान थी... तब अन्ना के पीछे पागल हुई जनता पूरी तरह से समाज में ईमानदारी लाने के लिए आन्दोलित थी.... फिर नई सरकार बनी.... सब लोग तत्काल हर बेईमान को पकड़ कर अंदर करने और ईमानदार समाज बनाने को तत्काल कदम उठाने को बेचैन हो उठे......
नवंबर 2016 से कदम उठाए जाने लगे... शुरू में सबको अच्छा लगा.... बुरा तो खैर अभी भी किसी को नहीं लग रहा होगा, लेकिन नोटबन्दी, आधार लिंकिंग, GST जैसे कदमों को काफी जनता अब बुरी नज़रों से देख रही है... क्यों देख रही है?... कारण क्या है?... आखिर मामला क्या है? 
********
ठीक से देखा जाए तो मामला कुछ नहीं है।
अन्ना की मांग थी कि लोकपाल लाओ, जो हमारे पिछवाड़े लाठी धर-धर के हमे ईमानदार बनाएगा, क्योंकि बिना पिटे हम ईमानदार नहीं बनेगे... अब वही जनता कुछ भी खरीदने पर बिल काटे जाने से परेशान हो गई है.... जो व्यापारी बेईमान अफसरों के द्वारा प्रताड़ित होने पर इनके खिलाफ कदम उठाने की मांग करते थे, वो ही व्यापारी अब ऑनलाइन रिटर्न भर कर सरकारी बाबू के मुंह पर फेंकने को बुरा मान रहे हैं.....
इसका आसान कारण है कि लोग ईमानदार हों,... लेकिन हमको छोड़कर सब हों.... हम माल कमाएं और बाकी ईमानदारी से रहें. अगर लतियाने वाला लोकपाल आ गया होता तो क्या होता? खुद ही सोच लें…. नोटबन्दी से पहले जो काला बाज़ारी थी, जिस इकॉनमी को ब्लैक मनी संभालता था, वो काफी रुक गई है.... जब पूरी इकॉनमी से कालाबाज़ारी की भारी रकम निकल जाएगी तो उसका असर तो पड़ना ही है.... लेकिन जनता चाह रही थी कि सब ईमानदार हो जाएं और इसका कोई असर भी न पड़े.... उदाहरण के लिए जनता चाह रही थी कि कुछ ऐसा हो, कि जब हम प्रॉपर्टी बेचें तो महंगी बिके... लेकिन जब खरीदें तो सस्ती मिले.... ज़ाहिर है कि लोगों को नुकसान दिख ही रहा है....
********
आधार लिंक कराने से महाराष्ट्र में 10 लाख गरीब गायब हो गए.... उत्तरखण्ड में भी कई लाख फ़र्ज़ी BPL कार्ड धारी गरीब ख़त्म हो गए.... 3 करोड़ से ज्यादा फ़र्ज़ी LPG कनेक्शन धारक ख़त्म हो गए... मदरसों से वजीफा पाने वाले 1,95,000 फर्ज़ी बच्चे गायब हो गए..... डेढ़ करोड़ से ऊपर फर्जी राशन कार्ड धारी गायब हो गए.... इन सबसे सरकारी ख़ज़ाने को चूना लगा रहे लोगों का टर्नओवर ख़त्म हो गया.... ये लोग बाजार में मंदी का रोना रोने लगे.... आधार लिंकिंग को बुरा बताने लगे, और साथ में जनता भी रोने लगी.....
********
खैर मामले तो बहुत हैं… कभी फिर लिखेंगे… तुम चाहो तो सरकार बदल देना… फर्क मोदी को नहीं... फर्क जनता को ही पड़ेगा…

Sunday, October 8, 2017

सूफियों द्वारा भारत का इस्लामीकरण

प्राय: हिन्दू समाज में यही माना जाता है कि हिंदुस्तान में जितने भी मुस्लमान सूफी, फकीर और पीर आदि हुए हैं, वे सभी उदारवादी थे। हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक थे। वे भारतीय दर्शन और ध्यान योग की उपज थे। मगर यह एक भ्रान्ति है। भारत देश पर इस्लामिक आकर्मण दो रूपों में हुआ था। प्रथम इस्लामिक आक्रमणकर्ताओं द्वारा एक हाथ में तलवार और एक में क़ुरान लेकर भारत के शरीर और आत्मा पर जख्म पर जख्म बनाते चले गए। दूसरा सूफियों द्वारा मुख में भजन, कीर्तन, चमत्कार के दावे और बगल में क़ुरान दबाये हुए पीड़ित भारतीयों के जख्मों पर मरहम लगाने के बहाने इस्लाम में दीक्षित करना था। सूफियों को इस्लाम में दीक्षित करने वाली संस्था कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। इस लेख में हम ऐतिहासिक प्रमाणों के माध्यम से यह जानेंगे की सूफियों द्वारा भारत का इस्लामीकरण किस प्रकार किया गया।

सूफियों के कारनामें

हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन कर उन्हें मुसलमान बनाने के लिए सूफियों ने साम-दाम, दंड-भेद की नीति से लेकर तलवार उठाने तक सभी नैतिक और अनैतिक तरीकों का भरपूर प्रयोग किया।

1. शाहजहाँ की मुल्ला मुहीबीब अली सिन्धी नामक सूफी आलिम से अभिन्नता थी। शाहजहाँ ने इस सूफी संत को हिन्दुओं को इस्लाम में दीक्षित करने की आज्ञा दी थी[i]।

2. सूफी कादरिया खानकाह के शेख दाऊद और उनके शिष्य शाह अब्दुल माली के विषय में कहा जाता है कि वे 50 से 100 हिन्दुओं को इस्लाम में दीक्षित करते थे[ii]।

3.सूफी शेख अब्दुल अज़ीज़ द्वारा अनेक हिन्दुओं को इस्लाम में दीक्षित किया गया[iii]।

4. सूफी मीरान भीख के जीवन का एक प्रसंग मिलता है। एक हिन्दू जमींदार बीरबर को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। उसने सूफी मीरान भीख से सजा मांफी की गुहार लगाई। सूफी ने इस्लाम कबूल करने की शर्त लगाई। हिन्दू बीरबर मुसलमान बन गया। सूफी ने इस्लाम की सेवा में उसे रख लिया[iv]।

5. दारा शिकोह के अनुसार सूफी शेख अब्दुल क़ादिर द्वारा अनेक हिन्दुओं को मुसलमान बनाया गया[v]।

6. मीर सैय्यद अली हमदानी द्वारा कश्मीर का बड़े पैमाने पर इस्लामीकरण किया गया। श्रीनगर के काली मंदिर को तोड़कर उसने अपनी खानकाह स्थापित करी थी। हिन्दू ब्राह्मणों को छलने के लिए हमदानी के शिष्य नूरुद्दीन ने नुंद ऋषि के नाम से अपने को प्रसिद्द कर लिया। नूरुद्दीन ने श्रीनगर की प्रसिद्द हिन्दू उपासक लाल देह के हिन्दू रंग में अपने को पहले रंग लिया। फिर उसके उपासकों को प्रभावित कर इस्लाम में दीक्षित कर दिया। उसके मुख्य शिष्यों के नाम बामुद्दीन, जैनुद्दीन, लतीफुद्दीन आदि रख दिया।ये सभी जन्म से ब्राह्मण थे[vi]।

सूफियों द्वारा इस्लाम की सेवा करने के लिए मुस्लिम शासकों को हिन्दुओं पर अत्याचार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। जिससे हिन्दू तंग आकर इस्लाम ग्रहण कर ले।

1. अल्तमश द्वारा नियुक्त सुहरावर्दी ख़लीफ़ा सैय्यद नूरुद्दीन मुबारक ने इस्लाम की सेवा के लिए

- शरिया लागु करना।

-मूर्तिपूजा और बहुदेवतावाद को कुफ्र घोषित करना।

-मूर्तिपूजक हिन्दुओं को प्रताड़ित करना।

-हिन्दुओं विशेष रूप से ब्राह्मणों को दंड देना।

-किसी भी उच्च पद पर किसी भी हिन्दू को न आसीन करना[vii]।

2. बंगाल के सुल्तान गियासुद्दीन आज़म को फिरदवासिया सूफी शेख मुज्जफर ने पत्र लिख कर किसी भी काफिर को किसी भी सरकारी उच्च पद पर रखने से साफ़ मना किया। शेख ने कहा इस्लाम के बन्दों पर कोई काफिर हुकुम जारी न कर सके। ऐसी व्यवस्था करे। इस्लाम, हदीस आदि में ऐसे स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं[viii]।

3. मीर सैय्यद अली हमदानी द्वारा कश्मीर के सुलतान को हिन्दुओं के सम्बन्ध में राजाज्ञा लागु करने का परामर्श दिया गया था। इस परामर्श में हिन्दुओं के साथ कैसा बर्ताव करे। यह बताया गया था।

-हिन्दुओं को नए मंदिर बनाने की कोई इजाजत न हो।

-हिन्दुओं को पुराने मंदिर की मरम्मत की कोई इजाजत न हो।

-मुसलमान यात्रियों को हिन्दू मंदिरों में रुकने की इजाज़त हो।

- मुसलमान यात्रियों को हिन्दू अपने घर में कम से कम तीन दिन रुकवा कर उनकी सेवा करे।

-हिन्दुओं को जासूसी करने और जासूसों को अपने घर में रुकवाने का कोई अधिकार न हो।

-कोई हिन्दू इस्लाम ग्रहण करना चाहे तो उसे कोई रोकटोक न हो।

-हिन्दू मुसलमानों को सम्मान दे एवं अपने विवाह में आने का उन्हें निमंत्रण दे।

-हिन्दुओं को मुसलमानों जैसे वस्त्र पहनने और नाम रखने की इजाजत न हो।

-हिन्दुओं को काठी वाले घोड़े और अस्त्र-शस्त्र रखने की इजाजत न हो।

-हिन्दुओं को रत्न जड़ित अंगूठी पहनने का अधिकार न हो।

-हिन्दुओं को मुस्लिम बस्ती में मकान बनाने की इजाजत न हो।

-हिन्दुओं को मुस्लिम कब्रिस्तान के नजदीक से शव यात्रा लेकर जाने और मुसलमानों के कब्रिस्तान में शव गाड़ने की इजाजत न हो।

-हिन्दुओं को ऊँची आवाज़ में मृत्यु पर विलाप करने की इजाजत न हो।

-हिन्दुओं को मुस्लिम गुलाम खरीदने की इजाजत न हो।

मेरे विचार से इससे आगे कुछ कहने की आवश्यता ही नहीं है[ix]।

4. सूफी शाह वलीउल्लाह द्वारा दिल्ली के सुल्तान अहमद शाह को हिन्दुओं को उनके त्योहार बनाने से मना किया गया। उन्हें होली बनाने और गंगा स्नान करने से रोका जाये। सुन्नी फिरके से सम्बंधित होने के कारण सूफी शाह वलीउल्लाह द्वारा शिया फिरके पर पाबन्दी लगाने की सलाह दी गई। शिया मुसलमानों को ताजिये निकालने और छाती पीटने पर पाबन्दी लगाने की सलाह दी गई[x]।

5. मीर मुहम्मद सूफी और सुहा भट्ट की सलाह पर कश्मीर के सुल्तान सिकंदर ने अनंतनाग,मार्तण्ड, सोपुर और बारामुला के प्राचीन हिन्दुओं के मंदिरों को नष्ट कर दिया। हिन्दुओं पर जज़िया कर लगाया गया। कश्मीरी हिन्दू ब्राह्मणों को सरकारी पदों से हटाकर ईरान से मौलवियों को बुलाकर बैठा दिया गया[xi]।

सूफियों द्वारा हिन्दू मंदिरों का विनाश।

इतिहास में अनेक उदहारण मिलते हैं जब सूफियों ने अनेक हिन्दू मंदिरों का स्वयं विध्वंश किया अथवा मुस्लिम शासकों को ऐसा करने की प्रेरणा दी।

1. सूफी मियां बयान अजमेर में ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के समीप रहता था। गुजरात से बहादुर शाह जब अजमेर आया तो सूफी मियां उससे मिले। उस समय राजगद्दी को लेकर गुजरात में अनेक मतभेद चल रहे थे। मियां ने बहादुर शाह की खूब आवभगत करी और उसे अजमेर को राजपूत काफिरों से मुक्त करने की गुजारिश करी। बाद में शासक बनने पर बहादुर शाह ने अजमेर पर हमला कर दिया। हिन्दू मंदिरों का सहार कर उसने अपने वायदे को निभाया[xii]।

2. लखनौती बंगाल में रहने वाले सुहरावर्दी शेख जलालुद्दीन ने उत्तरी बंगाल के देवताला (देव महल) में जाकर एक विशाल मंदिर का विध्वंश कर उसे पहले खानकाह में तब्दील किया फिर हज़ारों हिन्दू और बुद्धों को इस्लाम में दीक्षित किया[xiii]।

सूफियों द्वारा हिन्दू राज्यों पर इस्लामिक शासकों द्वारा हमला करने के लिए उकसाना

1. चिश्ती शेख नूर क़ुतुब आलम ने बंगाल के दिनाजपुर के राजा गणेश की बढ़ते शासन से क्षुब्ध होकर जौनपर के इस्लामिक शासक सुल्तान इब्राहिम शाह को हमला करने के लिए न्योता दिया। गणेश राजा ने भय से अपने बेटे को इस्लाम काबुल करा अपनी सत्ता बचाई[xiv]।

2. शेख गौस द्वारा ग्वालियर के किले को जितने में बाबर की सहायता करी गई थी[xv]।

3. शेख अहमद शाहिद द्वारा नार्थ वेस्ट फ्रंटियर प्रोविंस में हज़ारों अनुयाइयों को नमाज पढ़ने के बाद सिखों के राज को हटाने के लिए इस्लाम के नाम पर रजामंद किया गया[xvi]।

सूफियों का हिन्दुओं के प्रति सौतेला व्यवहार

हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक के नाम से प्रसिद्द सूफियों का हिन्दुओं के प्रति व्यवहार मतान्ध और संकुचित सोच वाला था।

1. सूफी वलीउल्लाह का कहना था की मुसलमानों को हिन्दुओं के घरों से दूर रहना चाहिए जिससे उन्हें उनके घर के चूल्हे न देखने पड़े[xvii]। यही वलीउल्लाह सुल्तान मुहम्मद गजनी को खिलाफत-ए-खास के बाद इस्लाम का सबसे बड़ा शहंशाह मानता था। उसका कहना था की मुहम्मद के इतिहासकारों ने नहीं पहचाना की मुहम्मद गजनी की जन्मपत्री मुहम्मद साहिब से मिलती थी इसीलिए उसे जिहाद में आशातीत सफलता प्राप्त हुई[xviii]। हिन्दुओं पर अथाह अत्याचार करने वाले ग़जनी की प्रसंशा करने वाले को क्या आप हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक मानना चाहेंगे?

2. सूफी सुहरावर्दी शेख जलालुद्दीन द्वारा अल्लाह को हिन्दुओं द्वारा ठाकुर, धनी और करतार जैसे शब्दों का प्रयोग करने से सख्त विरोध था[xix]।

इस लेख के माध्यम से हमने भारत वर्ष के पिछले 1200 वर्षों के इतिहास में से सप्रमाण कुछ उदहारण दिए है जिनसे यह सिद्ध होता हैं सूफियों का मूल उद्देश्य भारत का इस्लामीकरण करना था। अजमेर के ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती, दिल्ली के निजामुद्दीन औलिया, बहराइच के सालार गाज़ी मियां के विषय में कब्र पूजा: मूर्खता अथवा अन्धविश्वास नामक लेख में विस्तार से प्रकाश डाला जायेगा। आशा है इस लेख को पढ़कर पाठकों की इस भ्रान्ति का निवारण हो जायेगा की सूफी संतों का कार्य शांति और भाईचारे का पैगाम देना था।

डॉ विवेक आर्य

[i] Tabaqat-I-shahjahani, f.316b

[ii] supra, p.63, p.119-120

[iii]malfuzat-I-shah ‘abdu’l-’aziz, p.22)

[iv]History of Sufism in India by SAA Rizvi vol. 2 p.272-273

[v]Muhammad dara-shukoh, safinatu’l-auliya’, lucknow, 1872,p.69

[vi]सूफियों द्वारा भारत का इस्लामीकरण,पुरुषोत्तम पृष्ठ 28

[vii]tarikh-I firuz shahi, pp. 41-44

[viii]S.H.Askari- the correspondence of the fourteenth century Sufi saints of Bihar with the contemporary sovereigns of Delhi and Bengal, journal of the Bihar research society, march 1956,p.186-187

[ix]Zakhiratul-muluk, pp. 117-118

[x] Shah Waliu’llah dihlawi ke siyasi maktubat, aligarh, 1950, pp. 41-44, 2nd edition, Delhi 1969, p.5

[xi] HSI by SAA Rizvi, vol.1, pp.297

[xii] akhbaru’l-akhyar by Shaikh ‘abdu’l-haqq muhaddis dihlawi pp.291-292

[xiii] jamali, p.171

[xiv] tabaqat-I-akbari, 3,p.265; gulshan-I ibrahimi, pp. 296-207; ghulam hussain salim, riyazu’s- salatin, Calcutta, 1890, pp.108-110, maktubat-I ashrafi (letter to sultan Ibrahim)

[xv] Beveridge, a.s.tr.Babur-nama, 2, reprint, New Delhi, 1970, pp. 539-540

[xvi] Muhammad ja’far thaneswari, ed. Maktubat-Saiyid Ahmad shahid, Karachi, 1969.no.14, 16

[xvii] shah waliu’llah, hujjat Allah al – baligha, 1, Karachi, n.d. pp.468

[xviii] shah waliu’llah, qurrat al-a’ynain fi tafzil al-shaykhyn, Delhi, 1893, p.324

[xix] siraju’l-hidaya, f.64b www.pitamberduttsharma.blogspot.com.

Saturday, September 30, 2017

फए5🚩To:---"Anti Modi Friends"🚩

🚩अगर बैंक की लाइन में "मृत्यु" के "ज़िम्मेदार" #मोदीजी है, तो 1947 #विभाजन के "नरसंहार" का "ज़िंम्मेदार" कौन ???
बस वैसे ही पुछ रहा हुँ ????

🚩अगर बैंक की लाइन में" मृत्यु "के "ज़िम्मेदार" मोदीजी है, तो हजारो "निर्दोष  #सिखो की हत्या" का, "जिम्मेदार" कौन ???
बस वैसे ही पुछ रहा हुँ ??

🚩अगर बैंक की लाइन में "मृत्यु" के "ज़िम्मेदार" मोदीजी है, तो "हज़ारो #कश्मीरी पंडितों" के,"नरसंहार" का "ज़िंम्मेदार" कौन ???
बस वैसे ही पुछ रहा हुँ???

🚩🙏🏼अम्बानी, अदानी, सिंघवी, टाटा, बिरला, माल्या, ललित मोदी........... *ये मोदी के कार्यकाल में #अरबपति बने थे क्या ???*

🚩क्या 85 अरबपतियों को जो "90 हजार करोड़ का #लोन" दिया गया था........  *क्या वो मोदी के समय दिया गया ...??*

🚩जिस भी अफसर के घर "छापा" डाला जाए... तो "करोड़ रुपये" तो उसके #गद्दे के नीचे" ही, मिल जाते है ....... *क्या ये मोदी के काल में कमाए गये ....????*

🚩  *किस हद की मूर्खता पूर्ण देश भर में बातें है .* ????

🚩मोदी के काल में तो - "माल्या के 8000 करोड़" के लोन के जवाब में, "ED ने उसकी 9120 करोड़" की "संम्पत्ति को कब्जे" में ले लिया है .....

🚩*बस यही गलती हुई है, कि मोदी #अकेला भ्रष्ट लोगो" के खिलाफ "लड़" रहा है...* ....

🚩🚩और🚩🚩

🚩  *हमारे देश में "नमक और नमकहराम" दोनों "पर्याप्त मात्रा" में उपलब्ध हैं ....

🚩"व्यक्तिगत" रूप से आप *बीजेपी के विरोधी* हो सकते हैं "बीजेपी की नीतियों के विरोधी" हो सकते हैं ......ये एक सामान्य प्रकिया है.. ..... और इसमें "कुछ गलत" भी, नहीं है......

🚩 परंतु आप,"आलोचक की हद" को पार करके, *घृणित-निंदक* बनकर *PM की आलोचना* कैसे कर सकते हैं...???

🚩 आप,"उस व्यक्ति" की "आलोचना" कर रहे हैं, जो लगभग "15 सालों से CM" के बाद, अब "PM" रहते हुए  भी, #अपनी_सैलेरी_राष्ट्र" को "दान" करता आ रहा है!!!!!

🚩 "PM हाउस" में,"अपना खर्चा स्वं उठाता आ रहा है"..।!!!

🚩🙏🏼 *Pm की निंदा-रस* में डूबते समय, क्या आपको खयाल आया है, कि क्या "आपने कभी 1 महीने की सैलेरी राष्ट्र को दान किया है"...?

🚩   ₹-240 की LPG-Subsidy तो आप छोड़ नहीं पाते, बाकी.. क्या आप में हिम्मत है, 1 साल की "सैलेरी" *राष्ट्र को दान कर दें...?* ???

🚩तो फिर आप उस "व्यक्ति की निंदा"कैसे कर सकते हैं, जो "15 सालों  से ये सब करता आ रहा है"....???

 🚩 3 बार गुजरात का CM रहने के बावजूद, जिसके पास ,कोई *बड़ी संपत्ति नहीं* है, परिवार को भी ,जिसने "VIP सुविधाओं" से "महरूम" कर रखा है ।!!!

🚩जिस PM के "विदेशी दौरों" को  आप सिर्फ ,"घूमने फिरने" का नाम देते हैं ......जबकि "असली उदेश्य" *व्यापारिक समझौते और आपसी सम्बन्ध को सुधारना* होता है।!!!

🚩 एक 66 साल का व्यक्ति- - 6 दिन में 5 देशों की यात्रा करता, 40 "महत्वपूर्ण मीटिंग"में भाग लेता है।

🚩 *देश का पैसा बचाने के लिए* ऐसी "प्लानिंग" करता है, जिससे "होटल में कम से कम रुका जाए"...., और, "फ्लाइट में नींद पूरी की जाये".......

🚩🙏🏼उसके" दौरे को आप सिर्फ भ्रमण का नाम देते हैं"..???

🚩👌*वैश्विक मंदी और ख़राब मौसम की मार*  झेलने की बाद भी,देश पर "आंशिक प्रभाव पड़ा है"......

🚩👌और *देश आगे बढ़ रहा है*, क्या इतना "काफी" नहीं है..????

🚩🙏🏼काँग्रेस द्वारा *60+ सालों से किये गये गड्ढे* क्या 2 साल में भर जायेंगे..???

🚩अभी तक ,"कांग्रेस की सरकारों" से , अगर 25% भी हिसाब माँगा जाता, तो ये दिन देखने नहीं पड़ते.

कितने शर्म की बात है........

🚩🙏🏼एक तरह  जिस व्यक्ति को, *सारा विश्व सम्मान दे रहा है*....

🚩🙏🏼वहीं दूसरी तरफ - "कुछ लोग" (जो उसी देश के हैं) उसी "सम्मान" को," गलत साबित "करने पर तुले हैं......

🚩🙏🏼  निवेदन है कि अपने देश के प्रधानमंत्री की गरिमा को,#मज़बूत_बनायें
🔫सबसे बड़ी बात राजीव गांधी ने कहा था कि हम उपर से विकास के लिए 100पैसे भेजते हैं और विकास में सिर्फ 5 रू लगते हैं तो उस समय केन्द्र और राज्य में किसकी सरकार थी कहाँ गये वो 95 पैसे |यदि वो 95 पैसा मिल जाए तो पेट्रोल 80रू ली करनें की जरूरत ही नहीं पडेगी |
 🚩

"मेरी राजस्थान के आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने हेतु आरम्भ हुई "चुनाव-अभियान यात्रा"सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र हेतु !! आपका साथ आवश्यक है !

मुझे राजस्थान का अगला विधानसभा चुनाव सूरतगढ़ विधानसभा से लड़ना होगा ,क्योंकि जनता भाजपा से रूठकर वापिस कांग्रेस के पास ना जा पाए !मुझे य...