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Showing posts from March, 2016

भारत की विदेश नीति कमज़ोर थी अब मजबूत होगी ! - पीतांबर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक)- मो.न. +919414657511

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जवाहर लाल नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह जी के कार्यकाल तक हमारी विदेश नीति उस कमज़ोर बच्चे की तरह ही थी जो पहले तो क्लास में पहले शरारती बच्चों से मार खाता रहता है , बाद में मास्टर जी से भी मार खाता है !कई वर्षों तलक उसे ये समझ नहीं आता है की उसके साथ ऐसा क्यों हो रहा है ?मैं घटनाओं के विस्तार में जाकर आपको आंकड़े नहीं देना चाहता हूँ क्योंकि उससे लेख लम्बा और उबाऊ हो जाएगा ! आप सब जानते भी हो कि कैसे नेहरू जी ने 1947 और 1962 में पाकिस्तान और चीन से मात खायी मुद्दों को पूरी तरह से सुलझा ही नहीं पाये ! श्रीमती इंदिरा गांधी जी ने तो जीता हुआ क्षेत्र ही वापिस कर दिया था !
                          जो बीच में कुछ समय दुसरे प्रधानमंत्री रह पाये उनको तो उसी विदेश नीति अनुसार ही चलना पड़ा जैसे पूर्व के प्रधानमंत्री चले थे ! हालांकि अटल जी ने लाहोर बस यात्रा अवश्य करने की कोशिश करी लेकिन उनको भी कारगिल के रूप में मुंह की खानी पड़ी ! गैर कांग्रेस पार्टियों के प्रधानमंत्री एवं मंत्री कांग्रेस से बहुत डरते थे !अफसर भी उन्ही के कहे मुताबिक निर्णय लेते थे क्योंकि उनको पता था की देर-सवेर कांग्रेस ही सत्ता मे…

"5th पिल्लर करप्शन किल्लर" पेश करता है -:"सूरतगढ़ के सितारे "!! द्वारा पीतांबर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो.न. - +919414657511

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मित्रो ! सादर नमस्कार !आपको सूचित करते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि "5th पिल्लर करप्शन किल्लर" पेश करता है -:"सूरतगढ़ के सितारे "!! नामक एक किताब , जिसमे आपको मिलेंगी रोज़ाना काम में आने वाली महत्वपूर्ण सूचनाएँ, आवश्यक मोबाइल नंबर और हर क्षेत्र के सुप्रसिद्ध सितारों की सम्पूर्ण जानकारियों का एक अद्भुत संग्रह ! इसके साथ-साथ इसमें  "5th पिल्लर करप्शन किल्लर" ब्लॉग में सराहे गए लेख भी प्रकाशित किये जायेंगे , जो पीतांबर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो.न. - +919414657511. जी द्वारा लिखे गए थे !
  इस बेहतरीन किताब का आप भी एक अहम हिस्सा बन सकते हैं अपने व्यपार से सम्बन्धित विज्ञापन देकर और अपना नाम-पता व मोबाइल नंबर छपवाकर !इस किताब की 10,000 प्रतियां प्रकाशित की जाएंगी !जिसे सूरतगढ़ विधान सभा के सभी निवासी अवश्य खरीदेंगे !इस पुस्तक का विमोचन एक सांस्कृतिक-कार्यक्रम में किया जाएगा !इसमें चुने गए हर क्षेत्र के "सितारे"को एक स्मृतिचिन्ह भी  जायेगा !इस कार्यक्रम में सभी विज्ञापनदाता ,"सितारे" और लेखक सहित नगर की मुख्य-हस्तियां शिरकत करेंगी ! सभी आगुंतक…
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आजादी के संघर्ष के प्रतीकों की परीक्षा क्या मौजूदा राजनीतिक बिसात पर पहली बार आजादी के संघर्ष के प्रतीक ही दांव पर हैं। क्योंकि एक तरफ भारत माता की जय तो दूसरी तरफ भगत सिंह। एक तरफ बीजेपी का राष्ट्रवाद तो दूसरी तरफ वाम आजादी का नारा । एक तरफ तिरंगे में लिपटा राष्ट्रवाद तो दूसरी तरफ लाल सलाम तले मौजूदा सामाजिक विसगंतियों पर सीधी चोट। तो क्या गुलाम भारत के संघर्ष के प्रतीकों की आजाद भारत में नये तरीके से परीक्षा ली जा रही है। क्योंकि भारत माता कोई आज का शब्द तो है नहीं। याद कीजिये 1882 में बंकिमचन्द्र चटर्जी ने आजादी के संघर्ष को लेकर आनंदमठ लिखी तो आजादी के बाद 1952 में हेमन गुप्ता ने आनंदमठ पर फिल्म बनायी तो उनके जहन में भारत माता की वही तस्वीर उभरी जो रविन्द्रनाथ टैगौर के भतीजे अवनिन्द्रनाथ टैगोर ने बंगाल के पुनर्जागरण के दौर में भारत माता पहली तस्वीर बनायी थी। भारत माता के चार हाथ दिखाये गये थे। जो भारत की समूची सांस्कृतिक विरासत को सामने रख देता। क्योंकि उन चार हाथो में शिक्षा -दीक्षा, अन्न-वस्त्र दिखाये गये। और आनंदमठ भी इन्ही चारो परिस्थितियों को उभारती है। इतना ही नहीं देश में प…

हमारे "काका"जी ऐसे होली खेला करते थे तो हम ऐसी होली क्यों ना खेलें ?? - पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो. न.- +9414657511

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काका हाथरसी की हास्य कविताएं ना सिर्फ हमें हंसाती है बल्कि उनका असर समाज पर भी पड़ता है. काका हाथरसी ने हिंदी हास्य कविता के रस को समाज कल्याण के लिए इस्तेमाल किया. उनके हंसी वाले भाव में कभी कभी इतना गूढ़ रहस्य छुपा होता था कि वह समाज में फैली कुरीतियों के लिए एक तरह का वार होता है.जिंदगी में जब तक हास्य का तड़का ना हो तब तक वह बहुत ही फीका रहता है. हंसी जिंदगी में एक अलग ही रंग फैला देती है. एक छोटी से मुस्कराहट भी आपके चेहरे की तकान और उदासी मिटाने के लिए काफी होती है. हास्य के इसी महत्व को समझते हुए हास्य कवियों ने ऐसी ऐसी रचनाएं लिखी जिसे पढ़ मन बरबस ही हंसने को आतुर हो जाता है.

अंग-अंग फड़कन लगे, देखा ‘रंग-तरंग’ स्वस्थ-मस्त दर्शक हुए, तन-मन उठी उमंग
तन-मन उठी उमंग, अधूरी रही पिपासा
बंद सीरियल किया, नहीं थी ऐसी आशा
हास्य-व्यंग्य के रसिक समर्थक कहाँ खो गए
मुँह पर लागी सील, बंद कहकहे हो गए

जिन मनहूसों को नहीं आती हँसी पसंद
हुए उन्हीं की कृपा से, हास्य-सीरियल बंद
हास्य-सीरियल बंद, लोकप्रिय थे यह ऐसे
श्री रामायण और महाभारत थे जैसे
भूल जाउ, लड्डू पेड़ा चमचम रसगुल्ले
अब टी.वी.पर आएँ काका के हँसगुल्ले
*…

विपक्ष में अगले प्रधानमंत्री पद के लायक हैं श्री हरीश रावत !! - पीताम्बर दत्त शर्मा - मो. न. - +9414657511

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उग्रता के इस दौर में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री माननीय हरीश रावत जी "ओस"की ठंडी बूँद के सामान हैं ! वो कभी भी अपना सौम्य स्वभाव नहीं त्यागते हैं ! कितनी भी कठिन स्थिति में क्यों ना हो और कितने भी तीखे सवाल उनके सामने क्यों न हों ! कभी अपना आपा नहीं खोते ! बड़े ही सहज भाव से हर परिस्थिति का सामना करते हैं !ऐसा बिलकुल भी नहीं है कि वो "कूटनीति" या साम-दाम-दंड भेद का प्रयोग नहीं करते बल्कि वो अपने प्रतिद्वंदी पर बड़े मीठे तरीके से "गहरा"वार करते हैं !इसी खासियत का मैं फैन हूँ !जी ! 
                  भाजपा के ज्यादातर नेता बड़बोले हैं !कई तो सिर्फ कागज़ी शेर और छपास रोग से ग्रसित रहते हैं !और कई महारथी तो विपक्षी नेताओं के संग रास- रचाते फिरते हैं !मोदी जी और अमित शाह ने 2014 में पूरी भाजपा को इसलिए अपने कब्जे में ले लिया ,क्योंकि वे ठोस तरीके से राजनीती करने में विश्वास रखते हैं !अभी हाल ही में अमित शाह जी ने कहा भी कि मेरी सोनिया जी और राहुल जी से आजकल पटती नहीं है !इतनी साफगोई आडवाणी जी,सुषमा जी,और जेटली जी में नहीं है !भाजपा के कई नेता तो जोश में होश खो बैठते…

"लालची,बेवकूफ,और भ्रष्ट मीडिया को अच्छे से "प्रयोग"कर रहे हैं , चतुर नेता,व्यापारी,अफसर और समाजसेवी"!- पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो.न.- +9414657511

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लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर आज संकट के बादल मंडरा रहे हैं !अन्ना आंदोलन के बाद कुछ ज्यादा ही मीडिया "बिकाऊ" के साथ-साथ "भड़काऊ"और "कमाऊ"हो गया है ! हालांकि पहले भी मीडिया के बिकने या कुछ खा-पी लेने के समाचार आया करते थे , लेकिन कुछ चंद लोग ही भ्रष्ट हुआ करते थे ! आजकल तो हर कोई बिकाऊ ही नज़र आता है बस कीमत सही होनी चाहिए !मीडिया की मुसीबत ये है की जब उसे पता चलता है कि उसे "प्रयोग"किया जा चुका है , तब वो किसी के सामने रो भी नहीं सकता !अभी कल ही उत्तराखंड प्रदेश में ईमानदार भाजपा ने कांग्रेस की 9 "भेड़ें"खरीदीं हैं !उसमे भी मीडिया का भरपूर "प्रयोग" हो रहा है !
                    हार्दिक पटेल काण्ड से लेकर दादरी कांड , रोहित बेमुळे के मरने से लेकर जे. एन.यू.काण्ड हर जगह मीडिया किसीना किसी का "ओज़ार" ही बनता नज़र आया !ये सब भारत के लोक तंत्र हेतु एक बड़ा खतरा है ! कितनी शर्म की बात है कि देश का 9000 हज़ार करोड़ रूपये लेकर विदेश भागे माल्या ने कई मीडिया संस्थानों के मालिकों, एंकरों और एडिटरों को स्पष्ट शब्दों में धमकाया है कि उस…

मौसम है....सूफियाना !! - पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो.न. - +919414657511. लिंक - www.pitamberduttsharma.blogspot.com

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सारा विश्व पिछले 30 वर्षों से आतंकवाद को झेल रहा है ! इस मेज़ की जितनी दवा करने की कोई भी देश कोशिश करता है , ये मर्ज़ उतना ही बढ़ता जा रहा है ! आज ये विकराल रूप से हमारे सामने है ! हमारी आने वाली पीढ़िया भी इस समस्या से निजात पा सकेंगी या नहीं , कुछ कहा नहीं जा सकता है ! इस समस्या हेतु हमारे नेताओं का लालच ज्यादा जिम्मेदार है ! क्योंकि इस समस्या के पीछे ताकतवर देशों के शासकों द्वारा अपनी सत्ता को कायम रखने हेतु षड्यंत्र रचने के लिए ऐसे संगठनो का निर्माण करवाया जो बाद में आतंकवादी गुट बन गए !जिस धर्म जाती के ये आतंक वादी होते हैं , उस जाती और धर्म के लोगों को लगने लगता है की ये लोग उनका कुछ "ज्यादा"फायदा करेंगे ,इसीलिए उनको प्रश्रय और समर्थन मिलने लगता है !ऐसा ही पाकिस्तान बनने के पीछे कारण था और यही कारण खालिस्तान बनाने के पीछे भी था !                             विश्व के ज्यादातर मुसलामानों को आज भी ये लगता है की ये आतंकवादी उनका भला करेंगे ! इस्लाम के नाम पर लोगों को बरगलाया जा रहा है ! पढ़े-लिखे युवा ज्यादा इनके झांसे में आ रहे हैं !कुछ मुस्लिम संगठन अब जाकर थोड़ा-बहुत इनके खि…

एक परिचय - श्री पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक-समाजसेवी एवं स्वच्छ राजनेता) सूरतगढ़ !(राजस्थान-भारत)

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पाठकों की भरी मांग पर आज हम आपको विश्व प्रसिद्ध "5th pillar corruption killer "नामक ब्लॉग के लेखक-विश्लेषक-समाजसेवी और स्वच्छ-राजनीति करने वाले संघर्षशील व्यक्तित्व के धनि श्री पीताम्बर दत्त शर्मा जी से मिलवाते हैं !

जन्म-स्थान - 4 जुलाई 1961 (अबोहर-पंजाब)
व्यवसाय - दुकानदार (प्रॉपर्टी-एडवाईज़र )
माता-पिता - श्रीमती वीना पांणि एवं श्री वेद प्रकाश "दिग्गज"
माता-पिता का व्यवसाय - माता जी सनातन धर्म प्रचारिका एवं पिता                                          जी प्राध्यापक रिटायर हुए !
भाई-बहन - तीन बहने भाई कोई नहीं (कुल चार)
शिक्षा - D.A.V.कॉलेज अबोहर से स्नातक संगीत में !
विवाह - श्रीमती सुनीता शर्मा (MA.Bed.)9.मई 1984 को फ़ज़िलका                    पंजाब में हुई !आजकल पीलीबंगा में सरकारी अध्यापिका !
संतान - एक लड़का -पार्थ सार्थी (दुकानदार)और एक लड़की - सुकृति                 शर्मा (tv.patrika rajasthan jaypur)
समाजसेवा - "आवासन मंडल कालोनी वेलफेयर सोसायटी "                                       (रजि.)सूरतगढ़ 
                     " पंजाबी वेलफेयर सोसायटी "(रजि…