Thursday, July 30, 2015

मैं"धर्मान्तरण"नहीं करना चाहता बल्कि,धर्मों में आ चुके"अन्तर"को पाटने हेतु "रण" करना चाहता हूँ !- पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विह्लेषक) मो. न. - 9414657511

              आजकल के हालात को देखकर रोज़ाना मन में ख़याल आते हैं कि मेरे लेखन से तो किसी के कानों पर जूँ तक नहीं रेंग रही लेकिन अगर कहीं मैं "नायक" फिल्म के नायक अनिल कपूर साहिब की तरह कुछ दिनों हेतु इस देश का प्रधानमन्त्री या राष्ट्रपति नहीं, क्योंकि उनके पास भी सभी काम को तुरन्त कर देने की शक्तियाँ जो नहीं हैं , सो इसीलिए मैं जब तलक "सर्वेसर्वा"न बन जाऊं , तब तक मैं तो दिनों में इस देश के ,सभी गुरुओं,लोकतंत्र के स्तम्भों,और तन्त्र आदि को "दुरुस्त" करके एक वर्ष के प्रयोग हेतु उसे लागू भी कर दूँगा  ! फिर अगर वो सही साबित हो जाए तो वो लागू रहे अन्यथा उसमें फिर बदलाव कर दूँगा !परन्तु ये सपना ही रहेगा , ये भी मुझे मालूम है जी !बात आज की करते हैं !
                    आज गुरु-पूर्णिमा है ! उन सच्चे गुरुओं को सादर नमन करते हुए ये कहना चाहता हूँ कि आज के समय में धर्मों में जो लोगों को जोड़ने की बजाये तोड़ने वाले या अपने धर्म को दुसरे के धर्म से बड़ा साबित करने हेतु प्रयास किये या करवये जा रहे हैं , उन सबको दुरुस्त करने हेतु हमें छद्म गुरुओं को चिन्हित करना होगा !इसी तरह शिक्षा के क्षेत्र , नेताओं,पत्रकारों,प्रशासन और निर्माण कार्यों के गुरुओं में भी गुरुघंटालों को चिन्हित करना होगा ! 
                     फाँसी तो ऐसे लोगों को दी जानी चाहिए ! क्योंकि " आतंकियों, चोरों और घोटाले बाजों की असली " माताएँ " तो यही "गुरु-घण्टाल"लोग ही हैं ! तभी तो ये कहावत बनी है कि " चोर से पहले उसकी माँ को मारो "!! आज हम दोषियों को तो देर-सवेर फाँसी दे देते हैं कुछ 'भड़वों' के रोने के बावजूद भी लेकिन उनके "गुरु" रुपी माताएं जिहोने उनको बहकाया होता है , वो बाद में फिर अपनी संतानें पैदा कर देती हैं !
                           जैसे कि कल रात ndtv के रवीश कुमार प्राइम-टाइम में अपने दो चतुर मित्रों के संग मिलकर भाजपा और अकालीदल के "भोले"नेताओं से जबरदस्ती अपने शब्द कहलवा रहा था और मेमन की फांसी विषय पर ना केवल धार्मिक उन्माद भड़का रहा था , बल्कि देश का बंटवारा भी करने की भरपूर कोशिश भी कर रहा था!! क्या एक पत्रकार को ऐसा करने का हक़ है ??क्या ये पत्रकारिता का धर्म है ??क्या ये और इन जैसे अन्य लोग बिके हुए हैं,गद्दार हैं या गुरु-घण्टालों की पैदाइश हैं ??भारत का कोई क़ानून किसी को अपना गलत काम करते वक़्त ही पकड़ता और सज़ा क्यों नहीं देता है !शिकायत करने, गवाह मिलने और 20 साल तक बहस करने के बाद भी रात को जाग कर फांसी क्यों देता है ??
                            मैं बार-बार लिख चुका हूँ कि देश की ५-६ यूनिवर्सिटीयों को बंद कर देना चाहिए इनके प्रोफेसरों-प्रबंधकों की जाँच होने चाहिए ! गलत निकलने पर कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए ! मित्रो !! आज गुरु पूर्णिमा के दिन प्रण कीजिये कि आप सच्चा गुरु तलाश करके ही किसी प्रकार की शिक्षा ग्रहण करेंगे किसी गुरु-घण्टाल का शिष्य नहीं बनेंगे !सच्चे गुरु को ही अपना सर्वस्व सौंपना चाहिए !किसी फरेबी को नहीं !
                                ये आज़ादी नहीं , अतिक्रमण है जनाब !! इनको  बाँधा जाना  आवश्यक है " !!
                                मित्रो !!"5TH PILLAR CORRUPTION KILLER",नामक ब्लॉग रोज़ाना अवश्य पढ़ें,जिसका लिंक -www.pitamberduttsharma.blogspot.com. है !इसे अपने मित्रों संग शेयर करें और अपने अनमोल विचार भी हमें अवश्य लिख कर भेजें !इसकी सामग्री आपको फेसबुक,गूगल+,पेज और कई ग्रुप्स में भी मिल जाएगी !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल ईद ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.-www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!
आपका अपना - पीताम्बर दत्त शर्मा -(लेखक-विश्लेषक), मोबाईल नंबर - 9414657511 , सूरतगढ़,पिनकोड -335804 ,जिला श्री गंगानगर , राजस्थान ,भारत !

Wednesday, July 29, 2015

" ख़ाक " जो आज ख़ाक में मिलेगी !! - पीताम्बर दत्त शर्मा ( लेखक-विश्लेषक ) मो. न. - 9414657511


                *मुंबई बम ब्लास्ट के गुनहगार याकूब मेमन को गुरुवार को 6.30 मिनट पर नागपुर जेल में फांसी दे दी गई। याकूब की फांसी के दौरान उसके परिवार के लोग भी जेल परिसर में मौजूद थे। जेल अधीक्षक सहित 6 अधिकारियों की मौजूदगी में फांसी दी गई।पोस्टमार्टम के बाद उसका शव उसके परिवार को सौंप दिया जाएगा। *याकूब के शव का पोस्टमार्टम शुरु* जेल प्रशासन ने सुबह 7 बजकर 1 मिनट पर उसे मृत घोषित किया। इसके साथ याकूब के शव का पोस्टमार्टम शुरु कर दिया। *जन्मदिन के दिन ही मौत* ये भी अजीब संयोग की है कि आज ही के दिन याकूब का जन्म हुआ था और आज ही के दिन उसे मौत मिली। आज याकूब का 53 वां जन्मदिन है। आज उसे वहीँ दफनाया जायेगा जहां उसके बुज़ुर्गवार दफनाएं गए हैं !

                                  जैसे कोई बच्चा गलत संगत में आकर बुरा आदि बनता है बिलकुल वैसे ही कोई अच्छा आदमी बुरे नेताओं के भाषणों को सुन-सुन कर बुरा आदमी बन जाता है ! इन बुरे राजनेताओं ने ही सेकुलरिज़्म,कोम्युनलिज़्म ,समाजवाडिज़्म और माओवादिज़्म नामक शब्द दिए हैं इस देश को ! इस काम में पत्रकारों ने भी अहम भूमिका निभायी है ! कॉंग्रेस्स का काम तो बांटो और राज करो ही है जो उन्होंने अपने आका अंग्रेज़ों से बाखूबी सीखा है ! उनके आधे नेता कुछ बोल रहे हैं और आधे नेता कुछ और ही बकवास किये जा रहे हैं ! कोई  नहीं है ऐसे दीमक प्रजाति को !इसके साथ-साथ मैं ये भी बता दूँ कि कई लोग आज टीवी चैनलों पर , फेसबुक आदि पर बड़े देश-भक्त बनते भी नज़र आएंगे ! वो भी इस देश की तरक्की में उतने ही दोषी हैं जितने ये बुरे लोग !

                                     दूसरी तरफ वो शख्स सुपुर्दे ख़ाक आज ही रामेश्वरम में होगा जो हमारा प्यारा था ! जब वो एक वैज्ञानिक  और जब वो हमारे प्रिय महामहिम राष्ट्रपति बने तब भी ! जब उन्होंने छात्रों को पढ़ाया तब भी और जब उन्होंने परमाणु विस्फोट किया तब भी हमें प्यारा था !    डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम। उनकी बात मानने का मन करता था। उनसे वादे करने का जी चाहता था। उनके साथ शपथ लेने को दिल करता था। इस साल जब जनवरी माह में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में पधारे तो वहां का जर्रा-जर्रा कलाम-कलाम पुकार रहा था। सारे रास्ते वहीँ जा रहे थे जहाँ वे बोलने वाले थे।  हजारों बच्चों ने उनके साथ शपथ ली कि वे जिसे भी वोट देंगे उससे पहले उसके काम की गणना करेंगे। उन्होंने वहां मौजूद सबसे दोहराने के लिए कहा कि यदि दिल में सुंदर चरित्र बसता है तो घर में सौहार्द्र होता है और जो घर में साौहाद्र्र होता है तो देश व्यवस्थित होता है और जब देश व्यवस्थित होता है तो दुनिया में शांति स्थापित होती है।
  लेकिन हमने ये क्या किया देश के सबसे कर्मठ व्यक्ति के देह त्यागते ही स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी। सोमवार रात ही बच्चों के स्कू ल से मोबाइल पर मैसेज आ गया कि पूर्व राष्ट्रपति के दुखद निधन पर स्कूल में अगले दिन अवकाश रहेगा और परीक्षा उसके अगले दिन होगी जबकि बच्चों के कलाम चाचा कहते थे कि मेरी मृत्यु पर अवकाश घोषित मत करना। अगर तुम मुझसे प्यार करते हो तो एक दिन ज्यादा काम करना। हमारे विद्यालयों ने जाहिर कर दिया है कि वेे केवल शख्स का सम्मान करते हैं शख्सियत का नहीं।
       जयपुर में  'विजन २०-२०'  के बारे में बात करते हुए उन्होंने पूछा - ''बच्चो क्या तुम बता सकते हो कि महाभारत का मेरा प्रिय पात्र कौनसा है? बच्चों ने कहा अर्जुन फिर युधिष्ठिर फिर भीम...कलाम चाचा नो-नो कहते गए और फिर बोले विदुर क्योंकि वे निर्भय, निष्पक्ष और निर्लिप्त थे। उन्होंने बच्चों से बुलवाया कि अगर हर भारतीय एक बेहतर नागरिक होगा तो दुनिया को एक अरब बेहतर नागरिक मिलेंगे। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा अगर रोजगारोन्मुख होगी तो 2020  तक हर भारतीय के पास काम होगा।
   कलाम साहब की रुखसती से हर आंख नम और सर सजदे में है। जैसे हर एक को तलाश है एक ऐसे कंधे कि जहां आंखें बरस सकें। वैसे ऐसा प्रस्थान किसी का भी ख्वाब हो सकता है। यह महादेशभक्त का महाप्रयाण है। जिंदगी भर जिस काम को लक्ष्य मानकर पूरा करने में लगे रहे उसी के साथ इस लिविंग प्लानेट यानी  पृथ्वी को अलविदा कहा। यह क्या कम है कि अपने महाप्रयाण से उन्होंने आतंकवादियों की गोलियों की भयावह गूंज को कम कर दिया। सुबह से भारत जिस दहशत को जी रहा था, देर शाम इस पर कलाम साहब का नजरिया छाने लगा। आतंक हार गया। देशभक्ति, मानवता की जीत हुई। आखों की नमी में शहादत के रंग इंद्रधनुष की तरह नजर आने लगे। बरगद-सी सोच ऐसा ही आभा-मंडल रचती है। हैरान हो सकते हैं कि कोई इतनों का इतना प्रिय कैसे हो सकता है। इतने सादा अंदाज में रहने वाली असाधारण आत्मा को कोटि-कोटि प्रणाम।
                      किसे जन्नत मिलेगी किसे दोज़ख !! ये तो उस खुदा को फैसला करना है ! मैं किसी के पक्ष में कोई "पटिशन" नहीं लगाउँगा खुदा के सामने क्योंकि मुझे उस पर विश्वास है कि वो दोनों में से एक को ही ज़न्नत भेजेगा ! विश्वास बड़ी चीज़ है ! क्यों आज विश्वास को कमज़ोर किया जा रहा है ??आप बताइये मित्रो !! ऐसे लोगों को क्या सज़ा दी जाए !आप ही बताएं अगर हमारी कोई व्यवस्था खराब भी हो गयी है तो उचित जगह और उचित समय पर ये लोग उसे क्यों नहीं उठाते ??
                              ये आज़ादी नहीं , अतिक्रमण है जनाब !! इनको  बाँधा जाना  आवश्यक है " !!
                                मित्रो !!"5TH PILLAR CORRUPTION KILLER",नामक ब्लॉग रोज़ाना अवश्य पढ़ें,जिसका लिंक -www.pitamberduttsharma.blogspot.com. है !इसे अपने मित्रों संग शेयर करें और अपने अनमोल विचार भी हमें अवश्य लिख कर भेजें !इसकी सामग्री आपको फेसबुक,गूगल+,पेज और कई ग्रुप्स में भी मिल जाएगी !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल ईद ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.-www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!
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Tuesday, July 28, 2015

" ये आज़ादी नहीं , अतिक्रमण है जनाब !! इनको बाँधा जाना आवश्यक है " !! - पीताम्बर दत्त शर्मा ( लेखक-विश्लेषक ) मो. न. - 9414657511

माननीय प्रधानमंत्री जी ने भारत की जनता से सुझाव माँगे हैं कि उन्हें बताया जाए कि वो किन-किन विषयों पर भाषण दें ? भारतवासी भरपूर संख्या में अपने सुझाव अवश्य देंगे क्योंकि यही तो एक वो काम है जो हम बड़ी खूबी से करना जानते हैं ! 
                             माननीय मोदी जी !! आप बड़े ही चतुर सुजान हैं ! आप जानते हैं कि इस बहाने से जनता का आक्रोश अगर कुछ होगा तो वो कम हो जाएगा ! इसीलिए आपने ऐसा सोचा है ! तो लीजिये साहेब मेरे सुझाव हाज़िर हैं :-
1. भारत के नागरिकों की आज़ादी को कम किया जाए !क्योंकि हम जब चाहते हैं तभी हम दूसरों के मामले में टांग अड़ा देते हैं !हम जब चाहें काम करते हैं, जब चाहें नहीं करते ! हमें काम पर बैठे हुए भी काम ना करने की आज़ादी है !और तो और हमें किसी को काम नहीं देना भी खूब आता है ! हम किसी भी काम को गंदा, महंगा और देर से भी कर या करवा सकते हैं !
2. हम जब चाहें संत बन सकते हैं और जब चाहें डाकू बन जाएँ !जब चाहें देश-भक्त और जब चाहें गद्दार बन जाएँ !किसी सरकारी एजेंसी को  चलेगा तो पकडे जाएंगे ! पकडे गए तो पंद्रह-बीस साल केस चलेगा ! अगर सज़ा हो भी गयी तो कई मानवीय आधार पर छुड़वा भी सकते हैं !
3. हमारे भारत में तन्त्र और क़ानून ऐसा है कि एक मिनट के काम को सम्पूर्ण होने में बरसों लग जाते हैं और अगर हम ख़ास हैं तो कई देर लगने वाला काम मिनटों में भी हो सकता है !
                            क्या आप भाषण देने की बजाये ये घोषणा नहीं कर सकते कि देश की हर कुव्यवस्था को सुव्यवस्था में बदलने हेतु हम सभी दलों के राष्ट्री,प्रादेशिक नेता अपने सभी सचिवों के साथ दिल्ली के नेहरू स्टेडियम में एक मुश्त होकर बैठेंगे , तब तलक नहीं उठेंगे जब तलक सब विचार-विमर्श करके बदला नहीं जाता और लागू नहीं कर दिया जाता !??????
                              हम अब नहीं  देखना चाहते वो ही 21. तोपों की सलामी , उड़ते रंग-बिरंगे गुबारे और नेताओं के थके हुए चेहरे !!हम देखना चाहते हैं कुछ क्रांतिकारी कदम उठते हुए ! कुछ चलते हुए और आगे बढ़ते हुए !सब प्रकार की रियायतें समाप्त हों जनता की भी और नेताओं की भी !सिर्फ सेना में ही नहीं बल्कि देश के हर काम में एक रैंक और एक तनख्वाह और पेन्शन हो ! अपने आप उंच-नीच का अंतर भी समाप्त हो जाएगा !  वामपंथियों ने अपने मनमाफिक भारत का इतिहास लिखा , अपने मन-माफिक jnu., जामिया-मिलिया-इस्लामिया जैसी यूनिवर्सिटियों में पढ़ाया  !! जिसका नतीजा ये निकला कि चैनलों अखबारों में ऐसे पत्रकार पैदा हो गए जिनको कुछ भी अच्छा नहीं लगता ! और कई ऐसे नेता पैदा हो गए जिनको भारत की संस्कृति अच्छी नहीं लगती ! तो आप भाषण से क्या उखाड़ लोगे साहेब !
  ये आज़ादी नहीं , अतिक्रमण है जनाब !! इनको  बाँधा जाना  आवश्यक है " !!
                                मित्रो !!"5TH PILLAR CORRUPTION KILLER",नामक ब्लॉग रोज़ाना अवश्य पढ़ें,जिसका लिंक -www.pitamberduttsharma.blogspot.com. है !इसे अपने मित्रों संग शेयर करें और अपने अनमोल विचार भी हमें अवश्य लिख कर भेजें !इसकी सामग्री आपको फेसबुक,गूगल+,पेज और कई ग्रुप्स में भी मिल जाएगी !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल ईद ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.-www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!
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Sunday, July 26, 2015

" ये आदमी सड़क के और हमारे सरकारी नियम "!!?? - पीताम्बर दत्त शर्मा ( लेखक-विश्लेषक ) मो. न. - 9414657511

पाठक मित्रो ! बहुत वर्षों पहले शत्रुघ्न सिन्हा साहेब की एक फिल्म आई थी , जिसका नाम था " आदमी सड़क का " ! इस फिल्म में उन्होंने निम्न स्तर के लोगों की समस्याएं दिखायीं थीं और ये भी दिखाया था की चाहे वो गरीब हैं लेकिन उनमे ईमानदारी संस्कार और उपकार की भावना बहुत होती है ! श्री देवेन्द्र गोयल की इस फिल्म में पैसों वालों के चरित्र की सच्चाई को  बड़ी खूबी के साथ दिखाया गया था !
                         आज दिल्ली के माननीय मुख्यमंत्री " विष्णु के पन्द्रवें अवतार "केजरीवाल जी को भी सड़क के आदमियों की इतनी याद आई कि उन्होंने भावावेश में बहकर सड़क  नियमों का पालन करवाने वाले ट्रेफिक , होमगार्ड्स और आम पोलिस वालों को " ठुल्ला " शब्द बोल दिया ! भावावेश में बह गए मैं इसलिए लिख रहा हूँ क्योंकि बाद में उन्होंने माफ़ी भी मांग ली , लेकिन सिर्फ ईमानदार पोलिस वालों से ! याद रहे !
                        अब सवाल ये पैदा हो गया कि क्या ये भाषा हमें मान्य है ??तो इसके लिए मेरा कहना ये है कि भाषा का स्तर सबसे पहले हमारे सिनेमा और प्रचार एजेंसियों ने बिगाड़ा ! जब उनको किसी ने नहीं रोका तो नेता लोग भी वैसा ही बोलने लगे ! आजके फ़िल्मी डायलॉग,गाने और कहानियाँ सब इतनी बिगड़ चुकी हैं की पूछिए मत ! जब ऐसी फिल्मे और अड्वर्टइज़्मेंट बनाने वाले लोगों से कोई पूछता भी है तो वो ही घिसा-पिटा तर्क सामने रख्खा जाता है कि हम तो वो ही दिखाते हैं जो समाज में हो रहा है !गंदगी- अच्छाई दोनों समाज में शुरू से हैं और रहेंगी लेकिन अंतर सिर्फ इतना है कि पहले गंदगी छिपायी जाती थी और अच्छाई को उबारा जाता था लेकिन आज गंदगी दिखाई ही नहीं उछाली जा रही है और अच्छाई को छिपाया जा रहा है !  निश्चय ही ये कार्य देश द्रोह में आता है !
                                     भारत में कोई भी कार्य और राजनीती करने वाले अगर देश के दुश्मन देशों से किसी भी प्रकार के पैसे को पाकर ,उसका का प्रयोग समाज को बिगाड़ने का काम करते हैं तो वे भी देश द्रोही हैं ! सज़ा के पात्र हैं ! ऐसे लोगों में से एक माननीय नहीं-नहीं श्री -- नहीं-नहीं ये भी  उचित नहीं उनके लिए मिस्टर केजरीवाल भी यही काम कर रहे हैं ! भारत की व्यवस्था में कोई ना कोई कमी निकाल के अनुचित मांगे रख कर देश का ध्यान तरक्की करने से हटाना ही उनका काम हो गया है ! कोई उनसे पूछे कि आज से पहले जो दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे , वो कोई काम नहीं करते थे ??उन्होंने महिलाओं या सड़क के आदमियों हेतु कोई योजनाएं नहीं बनायीं ??
                           अब कुछ बातें सड़क के लोगों की भी कर लेते हैं जी ! सबसे पहले रेहड़ी वाले , खोमचे वाले , रिक्शा-टेम्पो-गाड़े वाले इनकी बात करते हैं !इनकी गलती ये होती है की ये कहीं भी खड़े हो जाते हैं और कहीं से भी निकल लेते हैं !इनको कोई हटाना चाहे तो ये हट्टे नहीं जहां ये एक बार खड़े हो गए उस जगह को ये अपनी पत्ते-शुदा जगह मान लेते हैं !
                             सरकार सड़क की व्यवस्था हेतु होमगार्ड्स और ट्रेफिक पोलिस वालों की ड्यूटी लगाती है बस यहीं से भ्रष्टाचार शुरू हो जाता है ! ये तरकीब कौन सूझता है और उसे अपनी सहमति कौन देता है ये हर केस में अलग-अलग लोग होते हैं किसी में पोलिस वाला और किसी में रेहड़ी  खोमचे वाला !  " ठुल्ला " कौन हुआ ?? सुझाव मानने वाला या सुझाव बताने वाला ?? हमारा क़ानून तो दोनों को दोषी मानता है ! लेकिन केजरी वाल जी ने सिर्फ पोलिस वालों को ही " ठुल्ला " क्यों कहा ?? ये सोचने की बात है ! वोट तो सबके होते हैं भाई !
                            बात दिल्ली की हो या फिर आपके और हमारे शहर की ये समस्याएं ससुरी एक जैसी ही होतीं हैं !हमारे सूरतगढ़ में भी अगर किसी ने हेलमेट ना पहना हो तो चालान काटने से पहले कुछ लेने-देने की चर्चा अवश्य होती है ! हमारे सूरतगढ़ में भी रेहड़ी वाले अनशन पर बैठे हैं वो चाहते हैं कि उन्हें शहर के उस हिस्से में रेहड़ी लगाने की"मुफ्त" अनुमति प्रदान की जाए जहां दुकानों का रेट करोड़ों में है !लेकिन वो लोग ये गारंटी देने को तैयार नहीं हैं कि उसके बाद में कोई नयी रेहड़ी इस शहर में नहीं लगेगी ! भिखारी,मजमे वाले और पार्किंगवाले भी इसीतरह की समस्याएं कड़ी करते रहते हैं जिस से जनता परेशान हो जाती है ! छोेटे शहरों को बड़ा बनाने हेतु इस तरह के लोगों को एक साथ कंही एडजस्ट करना चाहिए !
                                केजरीवाल जी और उन जैसी सोच रखने वाले नेताओं से विनती है कि वो देश की चाल को रोकने का काम नहीं करें बल्कि चाल कैसे दौड़ में बदले ऐसे काम करें ! दिल्ली पोलिस का और अन्य महकमें बाद में केंद्र से मांगें पहले जो महकमे उनके पास हैं उनमे बढ़िया काम करके दिखाएँ ! अगर उनमे वो बढ़िया सिद्ध हो जायेंगे तो जनता उन्हें महकमे नहीं बल्कि प्रधानमंत्री का पद भी दे सकती है लेकिन बड़े पद हेतु उन्हें अपनी सोच भी बड़ी करनी होगी जी !!

                                      मित्रो !!"5TH PILLAR CORRUPTION KILLER",नामक ब्लॉग रोज़ाना अवश्य पढ़ें,जिसका लिंक -www.pitamberduttsharma.blogspot.com. है !इसे अपने मित्रों संग शेयर करें और अपने अनमोल विचार भी हमें अवश्य लिख कर भेजें !इसकी सामग्री आपको फेसबुक,गूगल+,पेज और कई ग्रुप्स में भी मिल जाएगी !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल ईद ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.-www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!
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Thursday, July 23, 2015

" भाजपा के मौजूदा तौर-तरीके देख-सुन कर आज मैंने पार्टी का प्राथमिक सदस्य बनने से भी इन्कार कर दिया "!! - पीताम्बर दत्त शर्मा ( लेखक-विश्लेषक)

बड़े चाव से 1980 में हम  भारतीय जनता पार्टी के सदस्य बने थे ! हमारी रूचि और सक्रियता को देख कर पार्टी के बड़े पदाधिकारियों ने मुझे पहले नगरमंत्री फिर जिला कार्यकारिणी सदस्य और फिर प्रदेश चुनाव विश्लेषण एवं सांख्यिकी प्रकोष्ठ का प्रदेश उपाध्यक्ष तक बना दिया ! इस दौरान हमने भी रात देखि ना दिन , ये भी नहीं देखा की हमारी जेब से कितना धन पार्टी कार्यक्रमों में आने-जाने में लग रहा है !कोई भी बड़ा नेता या चुनाव आते तो मेरे जैसे कई कार्यकर्त्ता जी जान से लग जाते क्योंकि हमारे खून में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने राष्ट्र-भक्ति और अनुशासन जो कूट-कूट कर भर दिया था !
                            पहले अटल जी को प्रधानमंत्री बनाने की चाहत थी तो उनको मुझ जैसे कार्यकर्ताओं ने बनाया भी , लेकिन हम आडवाणी जी को लाख प्रयासों के बावजूद प्रधानमंत्री नहीं बना पाये ! लेकिन फिर भगवान ने कुछ ऐसा चक्र घुमाया कि हमारे मोदी जी इस तरह उबर कर आये कि पूरा विश्व आश्र्यचकित रह गया ! लाखों दुश्मन उनका रास्ता रोक नहीं पाये ! एक नया इतिहास लिखते हुए उन्होंने पहलीबार गैर कोंग्रेसी सरकार बनाने का चमत्कार कर दिखाया ! एक वर्ष सहर्ष बीत गया !मोदी जी पर तो आज भी सबको विश्वास है कि वो देश-हित के कार्य ही करेंगे ! लेकिन पार्टी में ऐसे लोगों की कमी आ गयी है ! जो पार्टी नेताओं द्वारा जनता को दिखाया जा रहा है वैसा हो नहीं रहा है !
                   इस यज्ञ में हमने भी अपना खून-पसीना लगाया ! जिसका फल हमें जनता ने समय-समय पर पहले तो ये जता कर दिया कि - भाई साहिब !! हमने तो आपके कहने से मोदी जी को और भाजपा को जिताया है ! फिर उन्होंने कुछ हमें काम कहे , जो हम करवा नहीं पाये और मौजूदा महंगाई और अन्य हालात देख कर कुछ समय से लोग मुझे उलाहने भी देने लगे कि भाई साहिब आ गए अच्छे दिन ??और उधर पार्टी में जिनके हाथों में कमान थी उन्होंने , चोरों, ठेकेदारों, बागियों और दुराचारी लोगों को पार्टी में अहम स्थान दिया ! मुझ जैसे पुराने निष्ठावान  कार्यकर्ताओं को सक्रिय-सदस्य बनने हेतु आवश्यक साधारण सदस्य बनाने वाले फ़ार्म भी उपलब्ध नहीं करवाये !
                             मुझ जैसे कई कार्यकर्ताओं के साथ "विधायक सेवा केंद्र "में ऐसा व्यवहार होने लगा जिससे सन्मान को ठेस पंहुची और हमें नगरपालिका चुनावों में पार्टी का टिकेट भी नहीं दिया गया जबकि हम जीतने वाले थे !निर्दलीय चुनाव लड़ने के बावजूद हमने अपनी प्रचार सामग्री में मोदी जी और वसुंधरा जी के चित्रों के साथ पार्टी झंडे को भी छपवाया !
                                नगर-मंडल सूरतगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे गंगानगर जिले में हज़ारों मुझ जैसी कहानी वाले कार्यकर्ता आपको मिल जाएंगे ! रोते हुए अपना दुखड़ा सुनाते हुए !कुछ दिन पहले नए मनोनीत हुए नगरमंडल अध्यक्ष जी का फोन आया ! बोले क्योंकि आप पार्टी के वरिष्ठ सदस्य एवं पदाधिकारी रहे हैं , आपका "मार्गदर्शन "आवश्यक है , इसलिए आपको नगर मंडल कार्यकारिणी में "विशेष-आमंत्रित सदस्य" मनोनीत किया गया है ! मैं हंसा और बोला कि अध्यक्ष जी आपने मुझे आडवाणी जी के बराबर पद दे दिया है , इसलिए आपका धन्यवाद !दो बार मीटिंग का बुलावा आया लेकिन जाने का मन नहीं हुआ !
                                      आज तो हद ही हो गयी जब मेरे दरवाजे पे दो ऐसे व्यक्ति आये जिसमे से एक ने तो तीन बार पार्टी से बगावत की हुई है , और दूसरा वो जो हाल ही में रिटायर हुआ कर्मचारी भाजपा का सदस्य बना है !वे बोले - भाजपा के "महा-सम्पर्क अभियान" के तहत हम आपके पास आये हैं आपको पार्टी का प्राथमिक सदस्य बनाने ! आप बनना चाहते हो या नहीं ?? देखलो ! बनना है तो बन जाओ , फिर बाद में शिकायत मत करना कि आपके पास आये नहीं थे !! ऐसा बोलते हुए उन्होंने एक लिफ़ाफ़े से थोड़े से कागज़ बाहर निकाले और तुरन्त ही वापिस अंदर डाल लिए इस डर से कि कंही ये सच में बन ही ना जाए !! मेरा मन आज की वो खबरें पढ़कर पहले ही विचलित था !जिसमे भाजपा की अनूपगढ़ से विधायक श्रीमती विमला बावरी ने एक कार्यक्रम में कहा कि  उन्होंने पत्रकारों को धन से भरे लिफ़ाफ़े दिए थे चुनाव जीतने हेतु ! माननीय शांता कुमार जी का दर्द और संसद में चल रही कार्यवाही में किसी का ईमानदार दिखाई नहीं देना मुख्य कारण रहे !
                                                तो मैंने उन्हें घर के बाहर से ही लौटा दिया और कहा कि मैं " भाजपा के मौजूदा तौर-तरीके देख-सुन कर आज मैं पार्टी का प्राथमिक सदस्य बनने से भी इन्कार करता हूँ "! दरवाजा बंद करके जैसे ही मैं घर के अंदर आया तो पत्नी ने पूछा कि क्या हुआ कौन थे वो लोग जिनको  घर में बुलाकर जलपान नहीं करवाया !?? मेरी आँखों से आंसुओं की धरा बहने लगी पूरी बात बताते बताते !
                    आप ही बताइये मित्रो !! हमारे केंद्रीय नेताओं ने कितना बढ़िया कार्यक्रम बनाया था " महा-सम्पर्क-अभियान "! लेकिन ज़मीं पर जब वो इस तरह से प्रक्टिकल रूप में मेरे सामने आया , तो इसमें किसका दोष है ?? मेरा,मंडल-जिला स्तर के नेताओं का या फिर कांग्रेस के प्रचार का जिसके बहकावे में मैं और अन्य लोग आ गए बड़े नेताओं के मुताबिक़ उनका ! अपने अनमोल विचार मेरे ब्लॉग पर आ कर अवश्य लिखियेगा ! इंतज़ार रहेगा ! सधन्यवाद !! आपका मित्र - !!
                           

                     मित्रो !!"5TH PILLAR CORRUPTION KILLER",नामक ब्लॉग रोज़ाना अवश्य पढ़ें,जिसका लिंक -www.pitamberduttsharma.blogspot.com. है !इसे अपने मित्रों संग शेयर करें और अपने अनमोल विचार भी हमें अवश्य लिख कर भेजें !इसकी सामग्री आपको फेसबुक,गूगल+,पेज और कई ग्रुप्स में भी मिल जाएगी !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल ईद ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.-www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!
आपका अपना - पीताम्बर दत्त शर्मा -(लेखक-विश्लेषक), मोबाईल नंबर - 9414657511 , सूरतगढ़,पिनकोड -335804 ,जिला श्री गंगानगर , राजस्थान ,भारत !

Tuesday, July 21, 2015

" राजनितिक दलों का लिविंग-रिलेशनशिप क्या गुल खिलायेगा "? - पीताम्बर दत्त शर्मा ( लेखक-विश्लेषक) - मो. न. - 9414657511

जैसे मानव जाति में विधिवत शादी-ब्याह करना अब पुराना रिवाज़ हो चुका है ! कुत्तों-बिल्लियों से  ज्ञान प्राप्त कर आज की युवा-शक्ति "लिविंग-रिलेशनशिप "में रहना ज्यादा पसंद करती है ! बिलकुल वैसे ही राजनीतक लोग अब किसी दल के साथ ना तो स्वयं उस दल की रीतियों-नीतियों के साथ निष्ठा निभाते हुए जनहित के कार्य करने में विश्वास रखते हैं और ना ही कोई पार्टी किसी दुसरे दल के साथ अपना" गठबंधन धर्म " निभाती है ! आजकल तो जैसे अपना या अपने दल का स्वार्थ सिद्ध हुआ वैसे ही ऐसे पराये हो जाते हैं जैसे वो एक दुसरे को जानते ही नहीं थे !
                        ऐसा कई बार करते हुए हमने वामपंथी दलों ,ममता,जयललिता,मुलायम और कांग्रेस आदि को देखा है ! कभी ये अकेले राजनीती करना पसंद करते हैं तो कभी किसी दुसरे दल के साथ !ऐसा करने के बहाने भी इन लोगों ने ढूंढें हुए हैं !भ्रष्टाचार, सेकुलरिज़्म और साम्प्रदायिकता इनके मुख्य बहाने हैं जिन्हें ये अपनी सहूलियत के अनुसार तोड़-मरोड़ लेते हैं !आजकल ऐसे लोगों ने ये सिद्ध करना शुरू कर दिया है कि जैसे कांग्रेस और U.P.A.की सरकारों में भ्रष्टाचार हुआ , भाजपा और N.D.A.की सरकार में भी वैसा ही भ्रष्टाचार हो रहा है ! जैसे संसद घोटालों की वजह से भाजपा नहीं चलने देती थी वैसे ही आजकल कांग्रेस नहीं चलने दे रही ! लेकिन मुझे तो भाजपा के नेताओं और प्रवक्ताओं पर गुस्सा आता है क्योंकि ये माकूल जवाब ही नहीं दे पाते उलटे शंका जाहिर करने लग जाते हैं ! कहीं ये भी विपक्ष से मिले हुए तो नहीं ?? पार्टियां क्यों अपने कार्यकर्ताओं तलक समय रहते सच्चाई पंहुचाती ! वामपंथी विचारधारा वाले पत्रकारों का तो काम ही यही है कि वो कम बेईमानों को भी कोंग्रेसियों जैसा घाघ चोर बनादें ! अगर नहीं बना सकें तो कमसे कम जनता में उनके प्रति वहम तो पैदा कर ही दें ! बाकी काम आगामी चुनावों में घाघ नेता करके जीत ही जाएंगे !
                        ऐसा नहीं है कि भाजपा में असंतोष दिखाने लायक कोई विषय नहीं हैं ! भाजपा भी संगठन स्तर पर खोखली होती जा रही है ! लेकिन माननीय शान्ता कुमार जी आपके पत्र लिखने की टाइमिंग गलत है साहेब !!हम भाजपाइयों की मूल समस्या ही यही है जनाब ! हम अपने आदमियों की कमियां तो बहुत निकाल सकते हैं लेकिन अपने आदमी का बचाव नहीं कर सकते !ये सभी स्तर पर होता है !काफी पुरानी समस्या है ये भाजपा में !पता नहीं कब दूर होगी ये समस्या ??
                             आम जनता बड़ी परेशान है जी ! बहन माया वटी जी ने संसद में कहा था कि " एक सांप नाथ है तो दूसरा नाग नाथ " लेकिन आजकल एक बिच्छू नाथ भी आ गया है दिल्ली का मुख्यमंत्री बनकर , वो कहता रहता है कि मुझे M.C.D.देदो मैं संभाल लूँगा !! मुझे दिल्ली की पोलिस देदो ! मैं सम्भाल लूँगा ! अरे भाई तू पहले अपना " गाल "तो संभाल ले कोई फिर से ना लाल करदे !
                              बेशर्मी की हद है जी इन नेताओं के बारे में जितना सुनो कह दो कम है ! आज के लिए इतना ही ! बाकि संसद के ड्रामे के बाद बताऊंगा ! सधन्यवाद !अपने विचार अवश्य लिखियेगा !पसंद आये तो शेयर भी कीजियेगा !
                                  मित्रो !!"5TH PILLAR CORRUPTION KILLER",नामक ब्लॉग रोज़ाना अवश्य पढ़ें,जिसका लिंक -www.pitamberduttsharma.blogspot.com. है !इसे अपने मित्रों संग शेयर करें और अपने अनमोल विचार भी हमें अवश्य लिख कर भेजें !इसकी सामग्री आपको फेसबुक,गूगल+,पेज और कई ग्रुप्स में भी मिल जाएगी !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल ईद ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.-www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!
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Sunday, July 19, 2015

" लो जी ! शुरू होने जा रही है संसद में राजनितिक सर्कस ! जोकर बनेंगे वामपंथी ,समाजवादी व सेकुलर रोग से पीड़ित पत्रकार और नेता "!- पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक)- 9414657511

संसद का आनेवाला मानसून सत्र देश की कोई समस्या हल हेतु नहीं होने जा रहा है बल्कि सरकारी पक्ष अपनी इज़्ज़त बचाने और सारा विपक्ष इस सरकार की बची-खुची इज्जत लूटने का काम करेगा ! सभी राजनितिक दलों ने प्रेस-कांफ्रेंस बुलाकर अपनी-अपनी मंशाएं भी जगज़ाहिर कर दीं हैं !अंदरखाने गहरी चर्चाएं भी चल रही हैं कि कुल 5 नहीं तो 2 त्यागपत्र तो हो ही जायेंगे इस स्तर के अंत तक !?
                          वसुंधरा जी और शिवराज सिंह जी तो अपनी सफाई पार्टी अध्यक्ष जी को दे आये हैं लेकिन सुषमा जी और महाराष्ट्र की युवा महिला नेता पंकजा मूंडे जी का क्या बना ??कोई नहीं जानता इनके बारे में कांग्रेस और सरकार दोनों शांत हैं इसीलिए ये दोनों महिला नेता भी "चुप" बैठकर हालात सामान्य होने का इंतज़ार कर रही हैं !
                                अपने राहुल गांधी जी , जो आजकल कई प्रदेशों में किसानों के साथ , महिलाओं के साथ और मजदूरों के साथ " फोटो-सेशन" करवाकर अपने आपको देश का भावी U.P.A.प्रधानमंत्री घोषित करवाने की फ़िराक में हैं ! लेकिन हाय री किस्मत इतने लम्बे-लम्बे डायलॉग बोलने के बाद भी उनकी अपनी पार्टी ने उन्हें अभी तलक अपना बड़ा नेता ना मानने का बयान दिया है ! उनकी ताजपोशी माता सोनिया जी के इशारे पर रुक गयी है ! यानिकि कुर्सी की लड़ाई घर में ही नहीं सुलझी है !
                           उधर जिनको किस्मत की करामात से दिल्ली जैसे छोटे से प्रदेश की गद्दी भारी बहुमत से मिल गयी है , वो केजरीवाल जी अपने खिलाफ कोई बात किसी से भी नहीं सुनना चाहते हैं !वो फरमाते हैं कि हमें "जनता"बहुत पसंद करती है ! विपक्ष और मीडिया चाहे जो कहे ! उस पर तुर्रा ये कि जिससे हर काम हेतु पैसा लेना है उसी मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले रहते हैं ! और तो और दिल्ली की विधान सभा में वो केंद्र सरकार के खिलाफ राजनितिक बयान दे रहे होते हैं !!गज़ब है मित्रो इनकी राजनीति भी !इनके तो वो हाल हैं कि "चलते-चलते पाँव के नीचे चुहिया क्या आगयी ? लगे अपने "आप"को शिकारी समझने !!कभी कहते हैं पंजाब जाकर रायता फैलाएंगे तो कभी उत्तर-प्रदेश या बिहार जाने की बात करते हैं !
                        उधर इनके गुरु अन्ना जी भी एक बार फिर धरना देंगे क्योंकि उनको भी समाचारों में बने रहने की लत लग गयी है !इस देश के वामपंथियों के बारे में सारा देश उनकी असलियत जान गया है , इसीलिए भारत के किसी भी प्रदेश में उनके लिए कोई स्थान नहीं है २ प्रदेशों को छोड़ कर !इन्होने कांग्रेस का माल खा कर देश की सभी मुख्य जगहों पर अपने आदमी घुसा दिए हैं, जो भारतीय संस्कृति को दूषित करने में लगे हुए हैं ! FTII और IIT.इसके मुख्य उदाहरण हैं !देश की कई युनिवर्सिटियों और पत्रकारों में भी इनके आदमी बैठे हैं जो देश विरोधी काम कर रहे हैं !इसीलिए इन्होने अब नयी तकनीक अपनायी है ! ये अब "आप" जैसी कई पार्टिया और संगठन बनाकर देश को तोड़ने का काम करेंगे ! जनता को सचेत हो जाना चाहिए !
                                   होना तो ये चाहिए था कि देश की मुख्य समस्याओं पर सभी राजनितिक दलों के नेता संसद में गहन चर्चा कर जनहित की योजनाएं बनाते, उनको लागू करवाने हेतु कारगर तंत्र स्थापित किया जाए ! लेकिन वाह रे नेताओ ! अपनी तनख्वाह बढ़ने हेतु तो आश्चर्यजनक रूप से इकठ्ठे हो जाते हैं ! लेकिन  जनता हेतु सर्कस करने लग जाते हो ! अरे एहसान फरा मोशो !! कुछ तो शर्म करो !
                            हमारे देश के मीडिया के बारे में तो बस मैं इतना ही कहूँगा कि ये पत्रकार हैं ही नहीं ! फ़र्ज़ी कॉलेजों से फ़र्ज़ी डिग्रियां लेकर अपने आकाओं को खुश करने वाले " मसाजर " हैं ! इन्हें क्या पता कि पत्रकारिता होती क्या चीज़ है ???

                                   
 आपको बरसात के सुहाने मौसम की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां ! मित्रो !!"5TH PILLAR CORRUPTION KILLER",नामक ब्लॉग रोज़ाना अवश्य पढ़ें,जिसका लिंक -www.pitamberduttsharma.blogspot.com. है !इसे अपने मित्रों संग शेयर करें और अपने अनमोल विचार भी हमें अवश्य लिख कर भेजें !इसकी सामग्री आपको फेसबुक,गूगल+,पेज और कई ग्रुप्स में भी मिल जाएगी !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल ईद ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.-www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!
आपका अपना - पीताम्बर दत्त शर्मा -(लेखक-विश्लेषक), मोबाईल नंबर - 9414657511 , सूरतगढ़,पिनकोड -335804 ,जिला श्री गंगानगर , राजस्थान ,भारत !

Thursday, July 16, 2015

"आँखों में धुल झोंको !और ऐश करो !! यही आज का तक़ाज़ा है जी " !!??-पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो. न. - 9414657511

कोई ज़माना था सतयुग का , जब लोग तपस्या करके तुरंत भगवान से वर प्राप्त कर लिया करते थे !और फिर अपना जीवन आनंद से गुज़ार देते थे !फिर ज़माना बदला, राक्षस लोग आ गए ! उन्होंने तपस्या करके तुरंत वरदान प्राप्त करके अत्याचार करना शुरू कर दिया ,तो भगवान परेशान होने लगे ! ब्रह्मा और शिव जी जैसे भोले भण्डारी उन राक्षसों के जाल में आसानी से फंसने लगे !
                                     फिर त्रेता आया , भगवान तरह-तरह के अवतार लेकर ताक़त का दुरपयोग करने वाले राक्षसों का उद्धार करने लगे ! देवताओं को कई बार राक्षसों के चुंगल से भगवान विष्णु ने " मोहिनी" रूप धर के बचाया !यानी स्त्री प्रेम करने की भावना का नाज़ायज़ फायदा उठाना सिखाया !इस दौरान इंद्र के सिंघासन पर कब्ज़ा कर शासन करने की लालसा भी जग चुकी थी ! इंद्र भी अपनी गद्दी को बचाने हेतु प्रयासरत लोगों को बरगलाने हेतु अप्सराओं को भेजा करता था !
                            फिर द्वापर युग आया जिसमे भगवान कृष्ण ने अपनी लीलाएं दिखायीं जन्म से बचपन , बचपन से जवाानी और फिर जवानी से अवतार की उम्र के अंत तक भगवान श्री कृष्ण ने अपनी 16 कलाएं ना केवल दिखा दीं बल्कि लोगों को सीखा भी दीं !जिनमे गद्दारी, मक्कारी , राजनीती, कूटनीति,प्रेम प्यार, युद्ध, जीवन आदर्श और रासलीला-बाललीला मुख्य थीं !झूठ में सच मिला कर बोलना ,  विश्वास में धोखा मिलाकर मारना और ऊँगली टेढ़ी करके घी निकलना भी भगवान श्री कृष्ण ने ही हमें सिखाया !
                                   अब कलयुग आधा आकर चला गया है और आधा अभी और आना बाकी है ! आज जोकुछ भी देख सुन कर हम लोग परेशान हुए जा रहे हैं , आगे आने वाले समय में तो और भी अन्याय होंगे और भी क्रूर अपराध होंगे जी !तब क्या होगा ??आज हम देख रहे हैं कि चाहे कोई भी क्षेत्र हो जीवन का सब जगह एक ही फार्मूला चल रहा है कि सामने वाले की आँखों में धुल झोंको और ऐश करो !
                        कल हमारे नगर सूरतगढ़ में राहुल गांधी जी आये ! जी हाँ वही राहुल गांधी जी , जो 56 दिनों की छुट्टी पर जाकर ना जाने कौन-कौन से सबक सीख कर आये हैं सी-सी-सी-सी-$$$$करके !यहां अपने कार्यकर्ताओं को कह गए कि जो भी कार्यकर्त्ता जनहित हेतु सड़क पर ज्यादा उतरेगा , वो ही आगे चल कर शासन  हिस्सेदार या दावेदार बनेगा !अब कोई उनसे पूछे कि राहुल जी आगामी प्रधानमंत्री का पद तो आप देने से रहे ,चाहे कोई कितनी भी मेहनत करले क्यों ?बस जी !!"आँखों में धुल झोंको !और ऐश करो !! यही आज का तक़ाज़ा है जी " !!??
                    बाद में कहदेंगे कि मैं तो मज़ाक कर रहा था तो भला हम उनका क्या बिगाड़ लेंगे ??अन्ना हज़ारे जी को तो आपने अभी तलक कुछ बनाया नहीं है आपने , वो भी तो आपके "विशेष" कार्यकर्त्ता हैं राहुल जी !!???
                            आपका क्या कहना है मित्रो ! आप अपने अनमोल विचारों को मेरे ब्लॉग पर आकर लिखने का कष्ट अवश्य करें ! और अगर आपको मेरे ये विचार पसंद आएं तो इस लेख को शेयर भी करें ! सधन्यवाद !
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Tuesday, July 14, 2015

माननीय नेता जी ! मैं "गधा" जाती से हूँ ,हमारी भी संख्या करोड़ों में है !- पीताम्बर दत्त शर्मा ( लेखक-विश्लेषक) - 9414657511

कल भाजपा के अध्यक्ष जी ने कहा कि भजपा ने पहला obc.प्रधानमंत्री और सबसे ज्यादा मुख्यमंत्री इस देश को दिए हैं ! माननीय नेता जी ने शायद ये बयान बिहार और उत्तर प्रदेश के भविष्य के चुनावों के मद्देनज़र दिया है !उन्होंने सोचा होगा कि obc.जाती के वोटरों की गिनती इन प्रदेशों में ज्यादा है !इससे वो सब खुश हो जायेंगे और इस तरह उन्हें ज्यादा वोट मिल जायेंगे ! ऐसे तो नेता जी देश में गधों की भी संख्या बहुत ज्यादा है  !  तो क्या आप उनको भी वोटर बना  देंेगे ? उनमे से भी किसी को इस देश का प्रधानमंत्री बना दोगे ??किसी भी पद को पाने का अधिकारी सिर्फ वो होता है जो उस पद के अनुसार ज्ञान रखता हो या उस पद के समकक्ष कोई डिग्री धारक हो ! कोई रंग,जाती,या धर्म देख कर किसी को चपड़ासी भी बनाया जा सकता है क्या ??
                         लेकिन अमित जी आपको शायद ये आभास नहीं रहा कि आप उस भाजपा के माननीय अध्यक्ष हैं जिसका एक अदना सा कार्यकर्त्ता बड़े से बड़े नेता के भी गलत होने पर कान तक मरोड़ देता है !इतना लोकतंत्र है हमारी भाजपा में ! पिछले कुछ समय से पार्टी को एक कम्पनी बनाने हेतु प्रयास चल रहे हैं ! जिनको कामयाब नहीं होने दिया जायेगा ! ये जो हर छोटे बड़े काम हेतु फार्मूला चल रहा है ना कि स्टेज लगाओ,माला पहनो-पहनाओ स्वागत करवाओ और भाषण पिलाओ और चल दो ! बाकी का काम अगले दिन मीडिया कर देगा उनको भी नाश्ता करा दो !ये सब बंद हो जायेगा जल्दी ही ! बता देता हूँ आपको !ईमानदारी से सब हेतु काम करना पड़ेगा !पैसे का हिसाब देना पडेगा ! और चंदे को किफ़ायत से खर्च करना पडेगा ! 
                      देश के आजाद होने पर भारत के संविधान-निर्माताओं ने पिछड़े लोगों के उथ्थान हेतु चंद वर्षों के लिए आरक्षण का फार्मूला सुझाया था लेकिन विश्वनाथ प्रताप सिंह जी ने मंडल का कमंडल ऐसा खोला की सब वोट बैंक की आस में आरक्षण देते ही चले गए ! और ये इस हद तक बढ़ गया कि ये देश हेतु कैंसर बन गया ! दान करने वाले महान भारतीय आज दान लेने वाले हो गए !पहले तो कांग्रेस और समाजवादी लोग जातिवाद भड़काते थे तो भाजपा और इसके साथी दल विरोध किया करते थे चाहे वो दिखावटी ही था !
                              लेकिन अमित जी ने ये बयान पार्टी के मंच से देकर बहुत बड़ी गलती कर दी है ! जनता अब उन्हें 25 साल तो क्या अगले 5 साल शासन करने हेतु देने में ही कत्राएगी ! और हम जैसे भाजपा के कार्यकर्त्ता तो भाजपा के सभी स्तर के उम्मीदवारों को हरगिज़ भी जिताने में पार्टी की कोई मदद नहीं करेंगे !और ये संभव भी नहीं है !
                            आपका क्या कहना है मित्रो ! आप अपने अनमोल विचारों को मेरे ब्लॉग पर आकर लिखने का कष्ट अवश्य करें ! और अगर आपको मेरे ये विचार पसंद आएं तो इस लेख को शेयर भी करें ! सधन्यवाद !
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Monday, July 13, 2015

अपनी अपनी डफली और अपना अपना राग है देश-जनता जाये भाड़ में !! - पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक)- मो. न. - 9414657511

अन्ना जी कहते थे की संविधान में राजनितिक दलों का कोई स्थान नहीं हैं और अलगअलग विचारधारा वाले दलों का गठबंधन तो ऐसे है जैसे भारतीय गणतंत्र के साथ कोई " गैंग-रेप "कर रहा हो ! जो जीत जाएँ वो अपना नेता चुने और फिर देश या प्रदेश चलायें !
                 उधर केजरीवाल जी और उनके शिष्य फर्मा रहे हैं कि हम तो जनमत करवाएंगे हर काम करने से पहले ! इस पर भाजपा और कांग्रेस दोनों मिलकर" वैन "करने लगे कि ऐसा भी संविधान में लिखा नहीं है ! कोई इनसे पूछने वाला हो कि तुम जो वोट लेने हेतु कभी बिजली मुफ्त तो कभी चावल मुफ्त बांटते फिरते हो , वो क्या संविधान में लिखा है ??कोटे और सब्सिडियाँ बांटना क्या संविधान में लिखा है ?? और ये आरक्षण के नाम पे , धर्म-निरपेक्षता के नाम पे जो नंगा-नाच हो रहा है वो क्या किसी संविधान में लिखा है ??
                              हर पांच महीने बाद चुनाव करवाना क्या संविधान में लिखा था ! बेचारे युवाओं को तरह-तरह के टेस्टों में उलझना क्या संविधान में लिखा है ?? देश के अमीरों को व्यापार में राहतें देना क्या संविधान में लिखा था ! लेकिन आपने मिलजुल कर संविधान में ऐसे संशोधन कर लिए जिनसे सारी बागडोर इन दगाबाज नेताओं के हाथों में ही आ गयी ! 
                       अब तो ये हाल हो गया है कि इस देश का कोई भी राजा बने उसने इस देश की जनता को ही काटना है ! हमें ही हानि होनी है जी !!कांग्रेस ने देश को धन से खोखला कर दिया है तो वामपंथियों और उनके " कुकरमुत्तों " ने भारत को उसकी संस्कृति से ही विमुख कर दिया है !बाकियों ने तो ऐसी दुकानें खोल रख्खीं हैं की ये उस दूकान में कुछ भी बेचने को तैयार हो जाएंगे !
                          तो फिर क्या  किया जाए ??? ये बड़ा प्रश्न है देश की जनता के सामने ! क्या एकबार फिर से भारत में आपातकाल लगे और देश का ओवर-हाल किया या करवाया जाए ??आज सबसे ज्यादा विश्वसनीय नेता कोई भारत में है तो वो मोदी जी हैं !जनता का विश्वास इनपर कायम है ! लेकिन हम देख रहे हैं कि जैसा और जिस स्पीड से वो देश हित के कार्य करना या करवाना चाहते हैं ,कर नहीं पा रहे हैं ! कई तरह की अंदरुनी और बाहरी शक्तियां इसमें बाधक हो रही हैं ! तो क्या मोदी जी को ही एक बार फिर देश में आपातकाल लगाना पडेगा ?? 
                         मैं कहता हूँ क्या दिक्कत है हमें ?? हम अपना ऑपरेशन करवाने हेतु डॉक्टर को भी  शरीर सौंप देते हैं ? तो अगर देश को एक ऑपरेशन की आवश्यकता है तो क्यों नहीं इलाज हेतु एक वर्ष हेतु आपातकाल लगाकर सभी सिस्टम को दुरुस्त कर लिया जाए ! रोज़ रोज़ के झटके खाने से तो बेहतर ही होगा ?? क्यों देश वासियो !! आपका क्या कहना है इस बारे में !? आइये ओ हमारे ब्लॉग पर आकर अपने अनमोल विचारों को लिखिए ! आपकी बड़ी कृपा होगी जी ! आपको अगर ये विषय पसंद आया हो तो इसे  मित्रों में अवश्य शेयर कीजियेगा !धन्यवाद !

 आपको बरसात के सुहाने मौसम की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां ! मित्रो !!"5TH PILLAR CORRUPTION KILLER",नामक ब्लॉग रोज़ाना अवश्य पढ़ें,जिसका लिंक -www.pitamberduttsharma.blogspot.com. है !इसे अपने मित्रों संग शेयर करें और अपने अनमोल विचार भी हमें अवश्य लिख कर भेजें !इसकी सामग्री आपको फेसबुक,गूगल+,पेज और कई ग्रुप्स में भी मिल जाएगी !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल ईद ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.-www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!
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Friday, July 10, 2015

मौसम - मौसम !! ये लवली मौसम .........!!! जो मस्त ना हो सके ,वो अभागा है !!- पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) - 9414657511

जी हाँ !! पाठक मित्रो !! आजकल पूरे भारत पर काले-घने बादल बड़े मेहरबान हो रहे हैं !मरुस्थल में भी ऐसा लगता है जैसे बहार आ गयी हो !! गांव के बच्चे युवा - युवतियां,नए ब्याहे हुए लोग और हमारे जैसे बूढ़े भी आनन्दित हुए जा रहे हैं !ठंडी-ठंडी फुहारों के बीच तेज़ चलती हवाएँ मन में एक नयी आशा जगाती जाती हैं कि  हे !! मानव !! छोटे-छोटे दुखों से परेशान मत होवो ,अभी परमात्मा की प्रकृति आपको सुख प्रदान करने के लिए दयालु भाव से आनंद की धारा बहा रही है !!
                          शायर और कवियों को तो अपनी रचनाएँ रचने हेतु जैसे ऐसे ही समय का इंतज़ार रहता है !उनकी कलम नए-नए शेयर लिखती ही जाती है !कौन क्या - क्या करता-कहता है इस मौसम में ये तो मैं नहीं बताऊंगा ! लेकिन एक विशेष खुशबु वातावरण में फैली हुई है जो सबको मस्त कर रही है !
                          किशोर जी का एक गीत याद आ रहा है मुझे वो यूूँ है कि .....शोखियों में घोल जाए फूलों का शबाब , उसमें फिर मिला दी जाए थोड़ी सी शराब !! होगा यूूँ नशा जो तैयार वो प्यार है !!जी हाँ !! प्यार हेतु ये ये सब अति आवश्यक हैं !अन्यथा प्यार करने में मज़ा ही नहीं आता जी !!
                        पुरानी शायरी और पुराने फ़िल्मी गीत आज भी हमारी भावनाएं जगाने में अति सहायक सिद्ध होते हैं ! इतने कि अंग्रेजों की पोर्न फ़िल्में भी इनके सामने पानी भरतीं हैं !ये मैंने इसलिए लिखा क्योंकि सरकार हमारी पोर्न फ़िल्में भारत में देखना-दिखाना बंद करवाना चाहती है लेकिन हमारे सर्वोच्च न्यायालय ने इसे ये कहकर नक्कार दिया की ये मौलिक अधिकारों का हनन होगा ! 
                     अब बताइये मित्रो !! क्या होगा इस देश का ??? भाइयो या तो आप एक हिंदुस्तानी बन जाओ या फिर आप अँगरेज़ बन जाइए !!लेकिन नहीं जी हमारे झूठे सेकुलर लोग शोर मचाने लग जाते हैं कि जिसको  नहीं देखना वो टीवी का बटन बंद कर दे और जिसको देखना है वो देखे ! ये काम बड़े तो शायद कर सकते हैं लेकिन अबोध युवा कैसे करेंगे वो तो नेट पर यही देखते रहते हैं ! और मानसिक और शारीरिक रूप से भटकते रहते हैं ! कितनों का भविष्य धूमिल हो चूका है और न जाने कितने अपने प्राण गवां चुके हैं !
                      हमें गहराईयों से सोचकर कुछ करना ही पड़ेगा !आप इस चित्र का आनद लीजिये जी !

 आपको बरसात के सुहाने मौसम की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां ! मित्रो !!"5TH PILLAR CORRUPTION KILLER",नामक ब्लॉग रोज़ाना अवश्य पढ़ें,जिसका लिंक -www.pitamberduttsharma.blogspot.com. है !इसे अपने मित्रों संग शेयर करें और अपने अनमोल विचार भी हमें अवश्य लिख कर भेजें !इसकी सामग्री आपको फेसबुक,गूगल+,पेज और कई ग्रुप्स में भी मिल जाएगी !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल ईद ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.-www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!
आपका अपना - पीताम्बर दत्त शर्मा -(लेखक-विश्लेषक), मोबाईल नंबर - 9414657511 , सूरतगढ़,पिनकोड -335804 ,जिला श्री गंगानगर , राजस्थान ,भारत !

Tuesday, July 7, 2015

चाह नहीं मुझे कि मैं घोटालों पर लिखता जाऊं ! ..............!!! - पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो. न. - 9414657511

भारत के प्रसिद्ध कवि श्री माखन लाल चतुर्वेदी जी की वो प्यारी सी कविता याद आ गयी जिसमें वो एक पुष्प की अभिलाषा को जाहिर करते हैं ! बचपन में भी पढ़कर ऐसा लगता था जैसे उन्होंने सच में पुष्प के मन की बात ही लिख दी हो !
                     

पुष्प की अभिलाषा  - माखनलाल चतुर्वेदी 

चाह नहीं मैं सुरबाला के
गहनों में गूँथा जाऊँ,

चाह नहीं प्रेमी-माला में
बिंध प्यारी को ललचाऊँ,

चाह नहीं, सम्राटों के शव
पर, हे हरि, डाला जाऊँ

चाह नहीं, देवों के शिर पर,
चढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ!

मुझे तोड़ लेना वनमाली!
उस पथ पर देना तुम फेंक,

मातृभूमि पर शीश चढ़ाने
जिस पथ जावें वीर अनेक।
                     ठीक उसी तरह आज जब मैं अपना लेख लिखने बैठा हूँ तो विश्वास कीजिये मुझे घण्टों तलक अपनी "चाह" का ही पता नहीं चला कि मैं किस विषय पर अपने विचार आपके साथ सांझे करुं  ??
आज कल "व्यापम" की बहुत चर्चा है ! इस से पहले ना जाने कितने घोटाले हो चुके हैं , इन सब पर ना जाने कितनी बार कितनों के द्वारा लिखा जा चुका है ! इसलिए इस विषय पर भी लिखने की "चाह"नहीं हो रही है जी !क्योंकि पैसे के बल पर ना जाने कितने लोग डाक्टरी की पढ़ाई पढ़ने हेतु पुरे देश में प्रवेश पा चुके हैं !वो सब हमारा "इलाज"भी कर रहे हैं ! और अगर इस विषय के साथ जो मौतें हो रही हैं उनपर लिखने की सोचूं तो भी मन नहीं मान रहा है जी , क्योंकि पैसे वालों ने अपनी जान बचाने हेतु ना जाने आज से पहले पूरे देश में कितने लोगों को मारा या मरवाया है !
                       फिर सोचा धार्मिक उन्माद पर, देश के इतिहास ,जातिवाद और प्रदेशों में होने वाले चुनावों पर लिखूं ! लेकिन पता नहीं क्यों आज मन ने हामी ही नहीं भरी जी !  राजनितिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के संबंधों में आ रहे खोखलेपन पर लिखुँ लेकिन "चाह"यानिकि इच्छा ही नहीं हो रही ! तो फिर क्या लेख लिखना बंद कर दूँ ?? नहीं जी ! जिस प्रकार माखन लाल चतुर्वेदी जी ने अपनी कविता के अंत में पुष्प की चाह को वर्णित सच्चाई से किया था ,उसी तरह से मुझे भी एक लेखक के मन की सच्चाई को बताना ही होगा कि वो आजकल किस विषय पर लिखना चाहता है ?
                             मेरे ज्ञानानुसार एक लेखक केवल उस विषय पर लिखना चाहता है , जिस विषय पर लिखने से मानव-जाति का उद्धार हो सके , कल्याण हो सके जी !और वो विषय ये है कि मनुष्य के बारे में लिखना जैसे इसकी उत्पत्ति कैसे हुई , क्यों हुई , इसमें और जानवरों में क्या-क्या समानताएं हैं ? ऐसे कौन से कार्य हैं जिनको ये मनुष्य तो कर सकता है लेकिन कोई पशु नहीं कर सकता है ?ये मृत्यु के बाद कहाँ जाता है ? क्या फिर लौट के आता है ?? क्या पाप और पुण्य सच में होते हैं ? ये धर्म किस बला का नाम है ??प्रकृति का निर्माण किसके कहने से और क्यों हुआ है ? ये कब तक रहेगी ?आदि आदि ! आप भी सोचिये की आखिर आपका मन क्या चाहता है ?? फिर मुझे अवश्य बताइयेगा मेरे ब्लॉग में आकर , अपना अनमोल कॉमेंट लिख कर ! सधन्यवाद ! एकबार फिर नमस्कार !
                       
     
                        आपको बरसात के सुहाने मौसम की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां ! मित्रो !!"5TH PILLAR CORRUPTION KILLER",नामक ब्लॉग रोज़ाना अवश्य पढ़ें,जिसका लिंक -www.pitamberduttsharma.blogspot.com. है !इसे अपने मित्रों संग शेयर करें और अपने अनमोल विचार भी हमें अवश्य लिख कर भेजें !इसकी सामग्री आपको फेसबुक,गूगल+,पेज और कई ग्रुप्स में भी मिल जाएगी !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल ईद ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.-www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!
आपका अपना - पीताम्बर दत्त शर्मा -(लेखक-विश्लेषक), मोबाईल नंबर - 9414657511 , सूरतगढ़,पिनकोड -335804 ,जिला श्री गंगानगर , राजस्थान ,भारत !

प्रेस की स्वतंत्रता के नाम पर अपराधियों के संरक्षण का अड्डा बनता जा रहा है प्रेस क्लब! प्रेस क्लब (PCI) की कुछ प्रेसवार्ताओं, बैठकों, गत...