Posts

Showing posts from September, 2012

महाराष्ट्र की राजनीति में एकबार फिर दिखेगी चाचा-भतीजे के अहम् की जंग???

Image
नई दिल्ली : आज देश की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर ये है कि महाराष्ट्र के राज्यपाल के. शंकरनारायणन ने उप मुख्यमंत्री अजीत पवार का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। सिंचाई घोटाले पर आलोचना का शिकार बने अजीत मंगलवार को इस्तीफा दिया था| मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की अनुशंसा के बाद राज्यपाल ने शनिवार को अजीत का इस्तीफा स्वीकार किया| जिसके बाद राज्य में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन सरकार को लेकर चल रहा संकट समाप्त हो गया| 

पिछले कई दिनों से इस्तीफे का नाटक चल रहा था जिसका अंत हो गया है राकांपा प्रमुख व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने मुख्यमंत्री से कहा कि वह अजीत का इस्तीफा स्वीकार करें। इसके साथ ही पवार ने इस्तीफा देने वाले अपनी पार्टी के 19 अन्य मंत्रियों से कहा कि वे कामकाज संभालें।

ऊपरी तौर पर देखे तो ये किसी भी पार्टी का अन्दुरुनी मामला हो सकता है लेकिन यदि इसकी पड़ताल करें तो कहानी कुछ और ही सामने आती है और ये कहानी है पवार कुनवे में शुरू हुए पावर गेम की| हमारे पार्टी सूत्रों के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष और अजीत के चाचा शरद अपनी राजनैतिक विरासत अपनी पुत्री सुप्रिया सुले के हाथों में देने चाहते हैं जबकि इसके…

इंदिरा प्रियदर्शिनी नेहरू राजवंश में अनैतिकता को नयी ऊँचाई पर पहुचाया.

Image
बौद्धिक इंदिरा को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में भर्ती कराया गया था लेकिन वहाँ
से जल्दी ही पढाई में खराब प्रदर्शन के कारण बाहर निकाल दी गयी. उसके बाद उनको शांतिनिकेतन विश्वविद्यालय में भर्ती कराया गया था, लेकिन गुरु देव
रवीन्द्रनाथ टैगोर उसके दुराचरण के लिए बाहर कर दिया .

शान्तिनिकेतन से बहार निकाले जाने के बाद इंदिरा अकेला हो गयी. राजनीतिज्ञ के रूप में पिता राजनीति के साथ व्यस्त था और मां तपेदिक के स्विट्जरलैंड में मर रही थी. उनके इस अकेलेपन का फायदा फ़िरोज़ खान नाम के व्यापारी ने उठाया. फ़िरोज़ खान मोतीलाल नेहरु के घर पे मेहेंगी विदेशी शराब की आपूर्ति किया करता था. फ़िरोज़ खान और इंदिरा के बीच प्रेम सम्बन्ध स्थापित हो गए. महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल डा. श्रीप्रकाश नेहरू ने चेतावनी दी, कि इंदिरा फिरोज खान के साथ अवैध संबंध रहा था. फिरोज खान इंग्लैंड में तो था और इंदिरा के प्रति उसकी बहुत सहानुभूति थी. जल्द ही वह अपने धर्म का त्याग कर, एक मुस्लिम महिला बनीं और लंदन के एक मस्जिद में फिरोज खान से उसकी शादी हो गयी. इंदिरा प्रियदर्शिनी नेहरू ने नया नाम मैमुना बेगम रख लिया. उनकी मां कमला नेह…
Image
सिंह इज करप्शन किंग2 hours ago
[प्रेम शुक्ला] प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने बीते शुक्रवार को राष्ट्र के नाम दिए गए संदेश में देशवासियों पर लानतों की बरसात की है। प्रधानमंत्री ने खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने के अपने फैसले को न्यायोचित करार देने के लिए उल्टे जनता से सवाल पूछा कि ‘क्या रुपए पेड़ पर उगते हैं?’ दुर्भाग्यवश इस देश की मुख्यधारा का मीडिया डॉ। मनमोहन सिंह को बेहद शालीन, ईमानदार, कर्तव्यपरायण और लोकतांत्रिक व्यक्ति करार देता है।

अर्थतंत्र-अनर्थतंत्ररू सच्चाई मीडिया जनित इस धारणा के ठीक विपरीत है। मनमोहन सिंह के पूरे कैरियर का बारीकी से विश्लेषण करने पर ज्ञात होता है कि भारतीय अर्थतंत्र अनर्थतंत्र में तब्दील करने वाला व्यक्ति डॉ। मनमोहन सिंह है। 2004 से 2012 तक के उनके प्रधानमंत्रित्व काल का आकलन किया जाए तो उन्हेांने इस कालावधि में हमारी लोकतांत्रिक प्रणाली के महत्वपूर्ण स्तंभों की जितनी अवमानना की है उसके बाद उनके खिलाफ ‘महाभियोग’ से कम कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। आश्चर्य है कि मनमोहन सिंह के पापों पर उन्हें दंडित करने की मांग करना तो दूर उनके खि…

" चादर - चक्क " U.P.A. !!!! बेचारी- जनता !!??

Image
जेपी वीपी तक के जनप्रयोग को बदल दिया मनमोहन ने  पुण्यप्रसुन बाजपेयी एक बार फिर आंकड़ों के सियासी खेल में राजनीतिक दलों की साख दांव पर है। भारतीय राजनीति के इतिहास में मौजूदा दौर अपनी तरह का नायाब वक्त है, जब एक साथ आधे दर्जन मंत्रियों के इस्तीफे के बाद सत्ता संभाले कांग्रेस खुश है। राहत में है। और उसे लगने लगा है कि पहली बार विपक्ष के वोट बैंक की उलझने उसे सत्ता से डिगा नहीं पायेंगी और आर्थिक नीतियों के विरोध के बावजूद मनमोहन सरकार न सिर्फ चलती रहेगी बल्कि आर्थिक सुधार की उड़ान में तेजी भी लायेगी। जाहिर है यह मौका आर्थिक नीतियों के विश्लेषण का नहीं है क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था जिन वजहों से डांवाडोल है, संयोग से उन्हें थामे हाथ को ही विकल्प देने हैं। तो भविष्य की दिशा होगी क्या इसे इस बार सामाजिक-आर्थिक तौर से ज्यादा राजनीतिक तौर पर समझना जरुरी है क्योंकि पहली बार न सिर्फ विपक्ष बंटा खड़ा है बल्कि पहली बार सत्ता की सहुलियत भोग रहे राजनीतिक दल भी बंटे हैं। पहली बार समाजवाद या लोहियावाद से लेकर राष्ट्रवाद का चोला ओढ़े राजनीतिक दल भी आपस में लड़ते हुये खोखले दिखे। यानी असंभव सी परिस्थितिय…

" सरदार मनमोहन सिंह जी, पैसे - पेड़ों पे नहीं लगते " !!!

Image
" पाकिस्तान,बांग्लादेश,नेपाल आदि देशों को धन क्यों बांटते फिरते हो "?????
   50/-से  300/- तक की सब्सिडी तो भार लग रही  है , लेकिन कार्पोरेट घरानों को करोड़ों की सब्सिडी बांटी जा  रही है क्यों ????
क्या  सिर्फ इसलिए क्योंकि " इसी सब्सिडी की राशि में से आपकी पार्टी को चंदा वापिस मिलता है " ???
               मुलायम जी , साम्प्रदायिक शक्तियां अब तक जिंदा क्यों हैं  ????
                ये    किसकी गलती है ?? खुलकर क्यों नहीं  बोलते ?????
                   आप अब कोंग्रेस का समर्थन  कर रहे हो , तो इनके द्वारा किये गए घोटालों में भी आपको  बराबर का हिस्सेदार माना  जाएगा , और सज़ा भी दी जाएगी  !!
                    सोचो    - - !! भारत वासियों - सोचो !!


"साम्प्रदायिकता का डर दिखा कर किसको वरगला रहे हो , एजेंट मुलायम जी " !! ??

"साम्प्रदायिकता का डर दिखा कर किसको वरगला रहे हो , एजेंट मुलायम जी " !! ??


मुलायम और कांग्रेस के लिए "साम्प्रदायिक शक्तियां" मतलब सिर्फ हिंदुत्व और कुछ नही

आप इस्लाम के नाम पर मुंबई के दंगे कर सकते है .. आसाम को जला सकते…

"साम्प्रदायिकता का डर दिखा कर किसको वरगला रहे हो , एजेंट मुलायम जी " !! ??

Image
"साम्प्रदायिकता का डर दिखा कर किसको वरगला रहे हो , एजेंट मुलायम जी " !! ??
मुलायम और कांग्रेस के लिए "साम्प्रदायिक शक्तियां" मतलब सिर्फ हिंदुत्व और कुछ नही

आप इस्लाम के नाम पर मुंबई के दंगे कर सकते है .. आसाम को जला सकते है .. शहीद स्मारक को लातो से तोड़ सकते है ..संसद में एलान कर सकते है की मुस्लिम इस देश की ईट से ईट बजा देंगे ... आप खुल्लेआम मुस्लिम आरक्षण का एलान कर सकते है .. मुस्लिमो के लिए वजीफे का एलान कर सकते है ,. हज पर सब्सिडी दे सकते है .. इमामो के लिए सरकारी सेलेरी का एलान कर सकते है ...आप हिन्दू देवियो की बेहद अश्लील पेंटिंग बना सकते है ...

फिर भी आप धर्मनिरपेक्ष कहे जायेंगे !!

लेकिन अगर आपने हिंदुत्व की बात की तो आप घोर साम्प्रदायिक कहे जायेंगे |

वाह रे मुलायम ... सत्ता की मलाई चाटने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हो तुम ... कभी बाबर का विवादित ढांचा तोड़ने वाले कल्याण सिंह को लोध जाति के वोट के लिए गले लगाया .. तो कभी दुनिया के सबसे बड़े दलाल अमर सिंह से खूब दलाली कमाई .. लेकिन लगता है ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी वाले "यूज एंड थ्रो" शब्द आपसे ह…

" ममता का जबरदस्त - - छक्का " !!

Image
" ममता का जबरदस्त - - छक्का " !! 
" लालू - मुलायम - माया हुए, हिट - विकेट" !! 
 " मनमोहन  सिंह के शेयर हुए हवा " !!
 " किसकी  गलत  नीतियों -  निर्णयों से देश की हालत बिगड़ी  ,इज्ज़त गयी और मजबूरी  हुई "
" क्या  वो साम्प्रदायिक - शक्तियां थीं " !! 
  " क्या  तीसरा - मोर्चा सिर्फ मौका - परस्त नेताओं का खेल है "???? 
 " क्या   ममता ने c.b.i.की पोल खोल दी है " ????
 " कंही ये2014 में प्रधानमंत्री बनने का खेल तो नहीं" ?????????
 " आर्थिक- नीतियाँ  , इतनी बढ़िया हैं तो देश के इतने बुरे हालात क्यों ??????

                               क्या  जनता   फिर से बनेगी बेवकूफ ???? क्या वो एक बार फिर से पैसे लेकर,दारु    पीकर, जाती- धर्म- इलाका और पार्टी देख कर, अपना " वोट " देगी ????//

        "  विकल्प  ढूंढो   मित्रो विकल्प " !!!!!!!!!!


" 5th pillar corrouption killer " आपको रोजाना समसामयिक विषयों पर नयी सामग्री उपलब्ध कराता है !! जो मेरे और मेरे प्रिय मित्रों द्वारा लिखी गयी होती है ! जिसे आ…

" कोयला बना - हीरा " ??

Image
कांग्रेस के नेता का कमाल देखो.......

Secret of Jindal’s success: Cheap coal, costly power - The Times of India
timesofindia.indiatimes.comनई दिल्ली: हाल के खुलासे से पता चला है, अपनी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर कई कोयला ब्लॉकों से प्राप्त की. लेकिन कुछ बस बनाने और बेचने उच्च कीमतों पर बिजली प्राप्त की.

इस मामले में जिंदल पावर लिमिटेड (जेपीएल), जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल), कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल द्वारा स्वामित्व की एक सहायक है.

अपने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में कोयला आधारित बिजली परियोजना के एक 'व्यापारी शक्ति के आधार पर संचालित करने के लिए भारत में पहली परियोजना है. इसका मतलब यह है कि अन्य राज्य सरकारों के साथ लंबी अवधि के बिजली खरीद समझौतों (PPAs) के माध्यम से तय टैरिफ द्वारा बाध्य परियोजनाओं के विपरीत, JPL हाजिर दरों पर बिजली बाजार में किसी भी खरीदार को बेचने के लिए स्वतंत्र है.

कंपनी 1000MW संयंत्र 2008 में परिचालन पूरी तरह से बदल गया है. अगले साल से अधिक है, यह 6 रुपये प्रति यूनिट से अधिक की औसत कीमत पर बिजली बेच दिया. 2010 तक, उच्च रिटर्न केवल अपनी चल रहा है लेक…