Posts

Showing posts from October, 2014

" कार्यकर्त्ता अपनी निष्ठा दिखाते-दिखाते बूढ़े हो चले हैं , वो हैं कि उन्हें " बावरा " बता रहे हैं " सो ~ ~ ! रहा हैं संगठन !!- पीताम्बर दत्त शर्मा ( लेखक-समीक्षक )

Image
मित्रो ! जनता पार्टी जब टूटी तो कई नेताओं ने अपनी निजी कम्पनी की तरह पार्टी बनाली , कइयों ने मिलकर जनता दल बना लिया और एक भारतीय जनता पार्टी बन गयी ! जनता दल में शामिल नेताओं को जैसे-जैसे बुद्धि आती गयी वैसे-वैसे वो अपनी कंपनियां यानी पार्टियां बनाते चले गए , जो आज तक " चारा " खा रहे हैं ! कॉमरेडों ने इस हालात का बहुत ही फायदा उठाया ! जिधर भोजन देखा उधर ही अपनी थाली लेकर घुस जाते थे ! जनता भी परेशान थी और दोनों बड़ी पार्टियां भी ! 
                एक चीज़ और भी विचारने लायक है जी !! और वो ये कि जितने भी भारत के प्रमुख नेता हुए हैं वो सभी कभी ना कभी कांग्रेसी भी रहे हैं ! संघ भी पहले अपने स्वयंसेवक को किसी भी राजनितिक दल का सदस्य बनने की छूट दिया करता था ! इसी कारण से आज भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बहुत से ना केवल गुन मिलते हैं बल्कि कार्यशैली और d. n. a. भी मिलते हैं ! इसी का नतीजा है कि  कहने को तो दोनों पार्टियों में " संगठन " ही महान है ! लेकिन सत्य ये है कि केवल व्यक्तिवाद ही कामयाब हो रहा है !
                    संगठन के नेताओं के भाषण सुन-सुन कर कि कार्यकर्त्…

" काले धन के नाम उजागर करवाने का सही तरीका निकलवाया है हमारे मोदी जी ने ", अब सारे नाम बाहर आ जायेंगे , किसी ट्रीटी का उलन्घन नहीं होगा !- पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-समीक्षक)

Image
हाय !! मम्मी जी !! अब क्या होगा ?? मोदी अंकल ने तो हमारी सारी " सिब्बली-चिदंबरी और द्विग्विजयी " योजनाओं पर पानी फेर दिया !! अब आज नहीं तो कल नाम भी बाहर आ जायेगे  और देश का काला - धन भी !! 
                     पाठकों को पहले सरल भाषा में समझा दूँ कि ये " काला धन " बनता कैसे है ? तो होता यूं है कि आपने अपनी मेहनत से कमाई गयी शुद्ध 1 नंबर की कमाई से किसी दूकानदार से कोई वस्तु खरीदी और आपने उसका बिल नहीं लिया, तो वो सफ़ेद धन , उसके गल्ले में जाकर काला-धन बन गया ! इसी तरह से ये गाडी आगे से  चलती रहती है !! सिर्फ टैक्स बचाने हेतु ये काम होता है ! यानी जो सरकारों ने अपने बेशुमार खर्चे निकलने हेतु जनता पर टैक्स लगा रख्खे हैं वो हमारे व्यपारी भाई देना नहीं चाहते !तो उसे विदेशी बैंकों में जमा करवा देते हैं, जो बहुत बढ़ता जाता है !
               अब सरकार और उनके पालतू पत्रकार बात को उस तरफ तो लेकर जाते नहीं कि गांधी को पूजने वाले खर्चा काम क्यों नहीं करते ? टैक्सों को क्यों नहीं घटाते ?? जब संसद की कैंटीन में बढ़िया खाना सस्ता मिल सकता है तो सरकारी आयोजनो में भी खाना वंही से क…

तो ठाकरे खानदान का सपना कल स्वाहा हो जायेगा ! - साभार - श्री पुण्य प्रसुन वाजपेयी

Image
बीते ४५ बरस की शिवसेना की राजनीति कल स्वाहा हो जायेगी। जिन सपनों को मुंबई की सड़क से लेकर समूचे महाराष्ट्र में राज करने का सपना शिवसेना ने देखा कल उसे बीजेपी हड़प लेगी। पहले अन्ना, उसके बाद भाई और फिर उत्तर भारतीयों से टकराते ठाकरे परिवार ने जो सपना मराठी मानुष को सन आफ स्वायल कहकर दिखाया, कल उसे गुजराती अपने हथेली में समेट लेगा। और एक बार फिर गुजरातियों की पूंजी, गुजरातियों के धंधे के आगे शिवसेना की सियासत थम जायेगी या संघर्ष के लिये बालासाहेब ठाकरे का जूता पहन कर उद्दव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे एक नये अंदाज में निकलेंगे। या फिर राज ठाकरे और उद्दव एक साथ खड़े होकर विरासत की सियासत को बरकरार रखने के आस्तित्व की लडाई का बिगुल फूंक देंगे। दादर से लेकर चौपाटी और ठाणे से लेकर उल्लासनगर तक में यह सवाल शिवसैनिकों के बीच बड़ा होता जा रहा है कि एक वक्त अंडरवर्ल्ड तक पर जिन शिवसैनिकों ने वंसत सेना [महाराष्ट्र के सीएम रहे वंसत चौहाण ने अंडरवर्ल्ड के खात्मे के लिये बालासाहेब ठाकरे से हाथ मिलाया था तब शिवसैनिक वसंत सेना के नाम से जाने गये ] बनकर लोहा लिया । एक वक्त शिवसैनिक आनंद दिधे से लेकर नार…

"पत्रकारों की "कलम" ,"झाड़ू" है या "तलवार" मोदी जी ?? आपने तारीफ़ करी या फिर फोटो उतारी पत्रकारों की ?? - पीताम्बर दत्त शर्मा ( टिप्पणीकार )

Image
आज ना मज़्ज़ा ही आ गया मित्रो !! हमारे पत्रकार जब जोश से मिले प्रधानमंत्री श्री मोदी जी से तो उनमे कुछ ऐसे भी लोग थे जिन्होंने पिच्छले 12 वर्षों तक समाचारों में मोदी जी पर जमकर आरोप लगाए , झूठी वीडियो भी दिखायीं मन में बैरभाव रखकर पत्रकारिता करते रहे ! उनको देखकर मोदी जी बोले कि " वाह पत्रकार मित्रो ! आपने कलम को झाड़ू बना दिया " !! 
                ये लाईन उस समय तो सबको प्रशंसा से भरी लगी ! लेकिन जब चाय-पार्टी खत्म हो गयी तब लगने लगा यार ये तो मोदी जी ने हमारी फोटो उतारते हुए कहा है या तारीफ़ करते हुए ! लेकिन बात वही कि " अब बिल्ली के गले में " घण्टी " बांधे कौन " ???? पूर्व में तो कहा गया था की " जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो ! और कलम को तलवार कहा गया था जो भ्रष्टाचार को काटकर फेंकने में समर्थ होती थी !! 
                           आज ये झाड़ू बन गयी ?? बड़े ही शर्म की बात है ये !! कइयों  इस बात को " आप " पार्टी के चुनाव चिन्ह के साथ जोड़ दिया ! इस लिए वो उस वक्त हंस पड़े ! और कइयों ने मोदी जी की इस लाईन को उनके स्वच्छता अभियान के साथ जुड़ा हुआ…

"पढ़े-लिखे कम्पनी-प्रबन्धकों की "ढोलक" बजादी , सावजी भाई ढोलकिया ने" वाह !! क्या बोनस दिया है ??-पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक)

Image
दो दिन पहले गुजरात के एक और आदमी ने , दुनिया को ये दिखा दिया कि कम्पनियाँ कैसे चलायी जाती हैं !! जी हाँ पाठक-मित्रो !!वैसे तो गुजरात में भी और जगह पर भी संसार में बड़ी से बड़ी उद्योगिक इकाइयां और कंपनियां चल रहीं हैं जो अरबों का काम करती हैं , लेकिन " हमारे "( जो अमीर या प्रसिद्ध हो जाता है वो हमारा हो जाता है ) सावजी भाई और उनके तीन और भाइयों ने मिलकर ये " नक्की " किया कि अबकी बरस वो अपने 1200 कर्मचारियों( जिन्हें वे अपनी भाषा में डायमंड-इंजिनियर बुलाते हैं )को इस बार दिवाली पर विशेष बोनस देंगे !जिसके पास रहने को घर नहीं है उसको दो कमरों वाला मकान सभी सुविधाओं सहित , जिसके पास घर है और गाडी नहीं है उसको गाडी और जिसके पास घर-गाडी दोनों हैं उसे उसकी बीवी हेतु गहने देंगे जो हीरों से जड़े होंगे !!
           इसके लिए उन्होंने अपने स्टेडियम में सबको लाईन से बिठाया और वहां उन कारों को भी खड़ा कर फोटो खिंचवाई  जो कर्मचारियों को दी जानी थीं !! बस !! फिर क्या था वो फोटो और ये खबर जैसे ही इंटरनेट पर आई की चर्चा फ़ैल गयी !!वैसे तो हमारे देश के चेनेल वाले सिर्फ चोरों-डाकुओं नेताओं …

"कार्यकर्त्ता एक हाथ से पार्टी की टिकेट माँग रहा है, तो दुसरे हाथ में डण्डा भी दिखा रहा है अपने नेताओं को " !!- पीताम्बर दत्त शर्मा ( लेखक-विश्लेषक )

Image
दोस्तों !! राजस्थान में कई शहरों में निकाय चुनाव हो रहे हैं ! जिनमे एक सूरतगढ़ भी है जंहाँ आपका ये मित्र निवास करता है !! इसलिए आज मैं आपको अपने शहर का हाल ही सुनाने जा रहा हूँ !!यहां हर गली में हाथ जोड़े लोग , बधाई देते नज़र आ रहे हैं ,पोस्टरों और बैनरों में त्योहारों की !! वोट पाने की चाह ने " साम्प्रदायिक-सद्भाव " भी बढ़ा दिया है !! मुस्लिम-सिख और हिन्दू एक -दुसरे के त्योहारों की शुभकामनाएं बड़े प्रेम से दे रहे हैं !ये सब देख कर मेरा मन प्रसन्नता से भर जाता है ,कि देखो चुनाव आपस में प्रेम बढ़ाने का काम भी करते हैं !! अति-उत्साहित कार्यकर्त्ता तो वार्ड के सभी घरों में वोट भी मांग आये हैं जबकि अभी तलाक सरकार ने कोई घोषणा नहीं की और नाही चुनाव-आयोग ने कोई कार्यक्रम की घोषणा करी है !!
            पिछले दिनों फिफ्थ पिल्लर - करप्शन किल्लर के सर्वे के दौरान सारे शहर के वार्डों में चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ताओं से मिलने का अवसर मिला ! कइयों से विस्तार से चर्चा भी हुई औपचारिक और अनौपचारिक दोनों तरह की ! गंभीर और तमाशाई , दोनों तरह के प्रत्याशियों से मेरा सामना हुआ !!जो चेयरमैन बनने क…