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Showing posts from May, 2012

" वाह नेता जी, !! शादी के लड्डू भी ज्यादा चाहियें आपको "...????

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सभी लड्डू प्रेमी मित्रों को मेरा सादर प्रणाम !! जी हाँ , कई लोगों को लड्डू बहुत पसंद होते हैं , शायद इसीलिए ही कहावत बनाने वाले ने लड्डू पर ही कहावत बनायी की," शादी का लड्डू , जो खाए वो भी पछताए जो ना खाए वो भी पछताए !! लेकिन नेताओं को तो ये शादी  वाले लड्डू भी ज्यादा चाहियें और ये एक तरह से है भी न्याय संगत ! क्योंकि कहने को तो भारत में लोक - तंत्र है लेकिन वास्तविकता ये है की चुने हुए जनप्रतिनिधि अपने आपको किसी रजा या रानी से कम नहीं समझते !! ये आम जनता भी अच्छे तरीके से जानती है !! और राजाओं महाराजाओं की तो जितनी इच्छा होती थी उतनी शादियाँ हो जाती थीं !! मजाल है कोई ऊँगली भी उठा जाए !! बल्कि उस समय में तो शान्ति समझोते भी शादियों से होते थे !! अब आप कहोगे की आज ये क्या मुद्दा ले कर बैठ गए , तो मित्रो !! मैं आपकी उत्सुकता के बीच ज्यादा रुकावट नहीं बनूँगा !!                           हुआ यूँ की असम की एक महिला विधायक श्री मति रुमिनाथ ( 32. वर्षीय ) जी ने अपने पहले पति श्री राकेश सिंह जी के जीवित होने के बाव जूद अपना धर्म परिवर्तित करके श्रीमान जैकी जाकिर जी से प्रेम विवाह कर लिया…

" चोरों ने फिल्म बनायी - गली - गली में चोर है "??

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माखन चोर के सभी भक्तों को मेरा सादर प्रणाम !! भारत देश महान पुरुषों और देवियों का देश है !! यंहां जो कुछ होता है वो संसार के किसी दुसरे कोने में नहीं होता जी !! शायद इसीलिए पूरे संसार से लोग यंहा के नमूनों को देखने आते रहते हैं !! और हमारे देश की तरह - तरह की बातें और कहावतें प्रचलित हैं ! जैसे सौ में से निनान्य्वें बेईमान , फिर भी मेरा भारत महान !! कल दो समाचार सुनने को मिले जी ! एक तो ये की अन्ना टीम ने भारत सरकार के पंद्रह मंत्रियों पर देश के साथ ,उच्च पद पर रहते हुए ठगी - डकैती करने का आरोप लगाया जी , और दूसरी ये खबर आई की हमारे देश की गौरव शाली खेल क्रिकेट से जो लोग जुआ - सट्टा खेल कर दो नंबर की कमाई यानी की चोरी करते हैं , उन्होंने ही देश को सुधारने हेतु , " गली - गली में चोर है " नामक फिल्म बना डाली , ताकि हमारी सरकार को ये पता चल जाये की चोरी कान्हा - कन्हा और कैसे हो रही है !!!! क्योंकि जब भी कोई मंत्री या बड़ा आदमी चोरी करते पकड़ा जाता है तो वो आठ - दस साल तक तो जांच ही करवाती रहती है !! धन्य है हमारा ये भारत देश !!!!                                        भारत सरकार …

" अब मेरा क्या होगा ....अडवाणी जी "...????

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जिन मित्रों का अभी तक कुछ नहीं हुआ , उन सभी को मेरा दिलासा भरा नमस्कार !! कृपया स्वीकार करें और होसला रख्खें !!              जी हाँ मित्रो , कई लोग ऐसे भी होते हैं जो सारा जीवन संघर्ष में ही बिता देते हैं । उनका जीवन अपने परिवार के दुसरे सदस्यों को व्यवसथित करनें में ही गुज़र जाता है !! ना उन्हें ढंग के कपड़े मिलते हैं और न खाना ,कई लोग तो कुंआरे भी रह जाते हैं !! लगभग ऐसा ही राजनितिक जीवन में भी होता है ! हमने राजनितिक जीवन में आने के बाद ना जाने कितने , उपयुक्त अनुपयुक्त लोगों को ,पार्षद , विधायक और सांसद बन्वादिया !! इसके साथ साथ संगठन में भी कईयों को जिलाध्यक्ष और मंडल अध्यक्ष बन्वादिया !! सारी उम्र दूसरों हेतु ही जिंदाबाद - मुर्दाबाद करते रहे !!संगठन के प्रति निष्ठा पूर्वक कार्य करते रहे .. किन्तु किसी भलेमानुष ने हमारी किसी पद हेतु अनुशंसा नहीं की !                आज अडवाणी जी से मैं ये प्रश्न इस लिए पूछ रहा हूँ क्योंकि मिडिया में शोर है की मोदी जी के आगमन से अडवानी जी , सुषमा जी , जेटली जी आदि आदि बड़े नेता परेशान हैं और सोच रहे हैं की अब हमारा क्या होगा ??? जबकि ये सब बड़े - बड़…

" जनता सीधे हाथ से देती नहीं , सरकार इसीलिए टेढ़ी ऊँगली करती है "...????

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" टेढ़ी ऊँगली " से घी निकालने वाले सभी मित्रों को फायदेमंद नमस्कार !! स्वीकार करें जी !!                           हमारी ' चालाक " सरकार ने कई बार ये फार्मूला अपनाया है की पहले वस्तुओं के दाम ज्यादा बढ़ादो , जब सभी राजनितिक दल , समाजसेवी, मिडिया और जनता दो - चार दिन रो - रो कर थक जाते हैं तब सरकार इन सबके आंसू पोंछने का नाटक करती है और एक - दो रूपये घटा कर अपनी पीठ खुद थोक लेती है !! इसी तरह से दुसरे राजनितिक दल , मिडिया और तथाकथित समाजसेवी भी अपने नंबर बनाने में लग जाते हैं !!                            अगर हम इसी बात का दूसरा पहलु देखें में पता चलेगा की भारत की जनता सरकार को एक रुपया भी टेक्स के रूप में देना नहीं चाहती !! भाषण में चाहे हम कन्हे की अगर सरकार टेक्स कम करदे तो सारी जनता टेक्स अदा करना शुरू कर देगी !! लेकिन सच्चाई यही है की जनता टेक्स की चोरी ही करना चाहती है !! 121. करोड़ के भारत में बड़ी मुश्किल से 20.% लोग ही सही टेक्स अदा करते होंगे !!                                   तो सवाल पैदा होता है की हमारी सरकार कैसे चले ???? हमारे घरों की तरह सरकार के भी कु…

" और कोई ....चारा ....नहीं था "....!!

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" बेचारे " सभी मित्रों को मेरा " चारे " वाला नमस्कार ! कृपया स्वीकार करें ! स्वीकार तो करना ही पड़ेगा क्योंकि आपके पास भी इसके सिवा कोई " चारा " नहीं है जैसे लालू , मुलायम . ममता और माया जी के पास u.p.a. को समर्थन देने के इलावा कोई चारा नहीं है !! संघ के पास श्री संजय जोशी का स्तीफा दिलाने के सिवा कोई चारा नहीं है !  सरकार के पास पेट्रोल के दाम बढाने के सिवा कोई चारा नहीं है ! फिर रेल गैस और बसों के किराये बढाने के सिवाय कोई चारा नहीं रह जाएगा ??                      जो लोग खा - खा कर फुले जा रहे हैं , भ्रष्ट चार करके नोटों में धंसे जा रहे हैं , गुंडे जो गुंडागिरी कर रहे हैं वो भी मजबूरी में ही तो कर रहे हैं उनके पास भी तो कोई चारा नहीं है ??? समाजसेवा करने वाले चोरों के भेद खोलने वाले इमानदार अफसर जो रोज़ मारे जा रहे हैं उनके पास भी तो कोई चारा नहीं है ! ये चारा है ही ऐसा शब्द जो दोनों जगह फिट बैठ जाता है !लालू जी पर तो बहुत ज्यादा फिट बैठा था !! दोनों एक दुसरे के प्राय्वाची बन गए थे !!               हम सब नेताओं को इस " 5th pillar corrouption killer &q…

" लस्सी और चाय की लड़ाई "

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इस गर्मी के मौसम में , लस्सी और चाय का भरपूर आनंद उठाने वाले दोस्तों , मीठा - नमकीन नमस्कार स्वीकारें !!           आज मैं आपको एक कविता पढ़ाने जा रहा हूँ जो लिखी तो पंजाबी में गयी है !!लेकिन क्योंकि पंजाबी आप सब मित्रों से पढ़ी नहीं जायेगी , इसलिए हिंदी में पंजाबी लिख रहा हूँ !! शीर्षक है :-               " लस्सी - ते - चाह "    लस्सी आखे चाह नू ,                  मैं सोहनी , मैं गोरी - गोरी ,                       तूं - काली - कल्वट्टी !                   मैं निंदर दा  सुख - सुनओढ आ ,                       तूं जगरातों - पट्टी !     जिस वेले मैं चायीं - चायीं , छन्ने अन्दर छलका,     केह्डा साम्भे मेरियां लिश्का, कौन संभाले ढलकाँ!      रँग मेरा मख्खन वरगा ,रूप वी मेरा सौणा !      दुध - मलाई माँ - पे मेरे , मेरा असला उच्चा ! जेहडा मेनू रिड्कन बैठे , ओस्तों वारी जांवा !        खड़के ढ़ोल मधानी वाला , मैं विच भंगडे पावां    मैं लोकां दी सेहत बनावां ,तूं पाई सेहत विगाड़े   मैं पई ठंड कलेजे पान्वा ,तूं पई सीना साड़े !!              चाह कहंदी ............?      पै गई एं नी माई बग्गो , मेरे मगर ध…

" काला धन - श्वेत पत्र --- ग्रे - सरकार ! हो गया ,बनटआधार " !!

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प्यारे मित्रो , रंग बिरंगा नमस्कार स्वीकार करें !!                   भारत की जनता ," कौमा " में चली गयी है और हमारी सरकार प्रतीक्षा में है की कब जनता मरे और देश के नेतागण जनता की अर्थी उठाये !! जब से ये नेता अमेरिका के पिछलग्गू बने हैं भारत का बेडा गर्क ही होता जा रहा है !! जिसको देखो वो ही किसी ना किसी के पीछे ही लगा हुआ है !! विपक्षी दल भी किसी के कहने पे ही काम कर रहे हैं , देश के समाजसेवी संगठन भी किसी न किसी कार्पोरेट घराने से जुड़े हुए हैं ! और जनता कानूनी रूप से देश के नेताओं से जुडी हुई है !                    देश के रूपये की कीमत गिर रही है ,मंदी का दौर चल रहा है ! मंहगाई आम आदमी को मार रही है ,ऐसे में बाबा रामदेव ने सुझाया की जो विदेशों में काला धन पडा है उस से देश को चला लो !! सरकार हैरान हो गयी की बाबा को कैसे पता चला ? जब ज्यादा शोर मचने लगा तो सरकार ने " श्वेत पत्र " जारी कर दिया ! 108. पन्नो का श्वेत पत्र बनाया गया जिसमे वो ही बातें बताई गयीं जो आयकर विभाग ने सरकार को बतायीं या फिर विदेश मंत्रालय को पता चल चुकीं थीं !! लेकिन सर्कार ने ये नहीं बताया की …

" जुआ - शराब - शबाब और कबाब की सहेली ,-- ये क्रिकेट "...!!??

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सभी रंगीन मिजाजी दोस्तों और सहेलियों , आदाब !!                       पिछले कुछ दिनों से देश में हो रही आई. पी. एल. के कुछ अलग ही रंग लोग देख रहे हैं !! उन रंगों को देख कर , वो ही लोग ज्यादा हाय - तौबा मचा रहे हैं , जो वैसे रंगों को देखने और " भोगने " के आदि रहे हैं , चाहे वो मीडिया के लोग हों , नेता लोग हों या कार्पोरेट जगत के लोग हों , पता नहीं क्यों .....??? क्या ये भी एक प्रायोजित प्रचार मात्र है जिसमे मिडिया जनता को मुर्ख बना रहा है ...?? आई . पी . एल . के संस्थापक  श्री ललित मोदी जी ने तो यंहा तक कह दिया की ऐसा कोई भी काम नहीं हुआ है जो " ये लोग " पहले नहीं करते हो !! ये लोग - यानी , क्रिकेट से सम्बंधित सभी श्रेणी के लोग , इनमे सभी पार्टियों के " माननीय " नेता गण भी शामिल हैं !!                        आम जनता तो केवल मात्र " मूक दर्शक सी बनी हुई है !! छोटा - मोटा चोर उचक्का ,ठग और बेईमान जब कोई हेरा - फेरी करता है तो छोटा मोटा हवालदार और आम जनता भी उसकी तुरंत पिटाई करके तुरंत फैसला करदेती है बाद में न्यायालय पंहुचाया जाता है वन्ही जब कोई "बड़…

" रुपया गिरा रे , दुनिया के बाज़ार में "..!!!

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गिर के संभलने वाले दोस्तों को मेरा , नमस्कार !!            पिछले दो दिन से हमारा रुपया बार - बार गिर रहा है , पूरी संसद लगी है उठाने में लेकिन रुपया है  की उठ ही  नहीं रहा !! मेरा पडोसी प्रणब द। का भाषण सुन कर बोला यार ये क्या बोल रहे हैं मेरा रुपया तो गिरा नहीं , मैंने संभाल कर रख्खा है तो फिर ये सारे देश को क्यों बा - खबर कर रहे हैं ?? ये बोल रहे हैं की हमारे रूपये की कीमत दुनिया की नज़रों में गिर गयी , तो आप उसे कम कीमत पर मत चलाओ !! मैं बोला नहीं यार जो देश जितनी तरक्की कर रहा होता है , उस देश का रुपया उतना ही मजबूत होता है !! वो बोला नहीं यार सब झूठ है , अमेरिका कितनी बार अपने मुंह से बोल चूका है की हमारा देश वित्तीय संकट से गुज़र रहा है , लेकिन उनका डालर तो कभी नहीं गिरा क्यों ...??? वो बोला भई सरकार  के रूपये की सरकार ही जाने मैं तो अपने रूपये को 100. पैसों में ही चलाऊंगा , देखता हूँ कोई क्या कर लेगा ?????                         वो बोला जब सारे निर्णय ये मंत्री लोग और इज्जत दार सांसद ही करते हैं तो फिर अपनी गलतियों की सज़ा  भी ये ही भुगतें ....!! मलाई तो ये  लोग खुद खा जाते हैं और…

" अब सबको - गैस प्रॉब्लम - होने वाली है " ???

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" गैस पीड़ित " सभी मित्रों को मेरा "पोदीन हरा " भरा राम - राम !! कृपया " डकार " मार कर स्वीकार करें !!              लेकिन मैं जिस गैस - प्रॉब्लम की यंहा बात कर रहा हूँ वो पकाने वाली गैस है !! अजी वो वाला पकाना नहीं , भोजन पकाने वाली गैस प्रॉब्लम की बात कर रहा हूँ !! और मजे की बात ये है की जिस प्रकार से नशे की लत लगाकर यार रफूचक्कर हो जाते हैं ठीक उसी तरह हमारी सरकार हमें गैस की आदत लगा कर अब हमें छोड़ कर जा रही है !                    जी हाँ !! हम माँ के हाथों से बनी चूल्हे पर फूली हुई बढ़िया रोटी खा रहे थे ! सरकार ने प्रचार करवाया जंगल ख़तम हो रहे हैं गैस पर रोटी बनाओ और 500/- का सिलेंडर मात्र 80/- रूपये में देना शुरू करदिया !! गैस कम्पनियों ने उस समय गैस बिकवाने के एवेज़ में उस समय की सर्कार वाली पार्टियों को कितना चंदा दिया , ये तो जांच का विषय है !! या फिर राम ही जानता है !!लेकिन धीरे - धीरे जनता को इस गैस की आदत हो ही गयी !! अब इसकी कीमत 400/- से ज्यादा हो चुकी है , और हमारी सरकार दो किस्तों में इस गैस के सिलेंडर को 900/- रूपये तक पंहुचा कर दम लेगी !! प…

" इण्डिया - इन - निंदिया , फिर भी है - जिन्दिया " राम है - राम है !!

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" सोने वाले व सोते - सोते कई काम करने वाले " मेरे मलटी  टेलेंटेड मित्रों को मेरा राम राम !!                       कल मैंने हमारे मशहूर फ़िल्मी कलाकार श्री आमिर खान जी का एक विज्ञापन देखा , जिसमे वो अपने कार्यक्रम " सत्यमेव - जयते " के बारे में बताते हुए जनता से कहते हैं की सोते रहने वालो , रविवार को भी खूब सोना , नो बजे तक दस बजे तक , ग्यारह बजे तो मैं आकर आपको जगा ही दूंगा ! इस कार्यक्रम को मैं अभी देख नहीं पाया लेकिन उन्होंने बहुत ही प्रशंसनीय काम शुरू किया है !! किसके कहने से , क्यों और कौन है उनके पीछे , किसको फेल करना चाहते हैं ?? क्यों कांग्रेसी मुख्यमंत्री उनको समय दे रहे हैं ??? मई इन कामों में नहीं पडूंगा केवल अच्छे काम की तारीफ़ ही करूँगा !! राम देव जी अन्ना हजारे जी के नंबर कम होते हैं तो होयें मुझे क्या ??? शोले फिल्म में असरानी जी के दो - चार डायलाग बड़े मशहूर हुए थे :- इतनी बदलियों के बाद भी हम नहीं बदले ...!! उसी तरह इस भारत की जनता या पूरे विश्व की जनता भी अगर कन्हे तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी की मनुष्य को सुधरने हेतु परमात्मा ने कितने अवतार लिए , कित…

" क्या संघ नरेंद्र मोदी की भी बलि लेना चाहता है " ?

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" बलि - प्रथा " के समर्थक और विरोधी मित्रो , नमस्कार !! और बलि - बलि जाऊं आप सब मित्रों पर , परमात्मा आपको हमेशां प्रसन्न रखे !!                             अपने हित हेतु दूसरों की बलि दे देना , हिन्दुस्तान में युगों युगों से प्रचलित है !! अलग - अलग कार्यों हेतु अलग - अलग तरह की बलि दी जाती रही है !! इसमें आदमी , पशु , पक्षी और नारियल तक मान्य होते हैं !! आज के आधुनिक समाज में बलि देने का तरीका बदल गया है !! आजकल तलवार से काट कर नहीं बल्कि ऐसे हालात पैदा कर दिए जाते हैं जिस से सामने वाला अपनि बलि हेतु अपने आप ही अपना अनिष्ट कर बैठता है !! ख़ुशी - ख़ुशी वो बलि का बकरा बन जाता है !! मज़े की बात ये है की वो व्यक्ति जिसकी बलि दी जाती है हस्ते - हस्ते मौत को अपने गले लगा लेता है !                                  राजनीति में किसी को बलि चढ़ाना आम बात होती है , बल्कि इसे एक कला माना जाता है !! वो इसलिए क्योंकि ये वर्चस्व की लड़ाई होती है !! इसीलिए राजनितिक दलों के मुखिया लोग प्रादेशिक नेताओं की "डोर " अपने हाथों में रखते हैं !! किसी को ऊपर चढ़ा कर मारते हैं तो किसी को निचे …

" यु.पी.ऐ.और एन.डी.ऐ.अमेरिका की कठपुतली बनाना चाहते हैं क्या भारत को "..??

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" कठपुतली " को जानने-पहचानने वाले मेरे सभी मित्रों को मेरा नमस्कार !! बचपन में मनोरंजन का एक बड़ा साधन हुआ करता था , कठपुतली का खेल !! उसमे परदे के पीछे से दो कलाकार अपनी कला का अभूतपूर्व प्रदर्शन किया करते थे ! सामने से देखने वाले को तो खिलोने सजीव दिखाई देते थे लेकिन वास्तविकता में पीछे वाले कलाकार ही गाते और बजाते थे !! कई तरह के मनोरंजन से भरपूर कहानिया दिखायीं और सुनाई जातीं थी !! वक्त के साथ - साथ ये कहावत भी बन गयी की फलाना तो फलाने की कठपुतली मात्र है जी !! 
पिछले 18. सालों से भारत में जिसकी भी सरकार बनी है , वो अपने दिमाग से काम नहीं कर रही बल्कि यूरोपीय देशों के कहने के मुताबिक निर्णय ले रही है !! पहले पहले तो ये आर्थिक सुधार सुनने में और लागू करने में बड़े ही अच्छे लग रहे थे ! लेकिन अब देश इसका दुष्प्रभाव भी देख रहा है !! देश में लाखों टन अनाज सढ रहा है लेकिन गरीब भूखा सो रहा है क्यों ...? आदमी की आमदन 30,000/- से कम नहीं , लेकिन घर में फिर भी कमियाँ हैं , क्यों ..?? बेरोज़गारी बढ़ रही है क्यों ? हमारे किसके साथ कैसे सम्बन्ध हों ये भी अमेरिका तय कर रहा है , और हम क्य…

" राजनितिक दलों के संगठन , कातिल या पालनहार " ....???

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राजनीति में रूचि रखने वाले मेरे सभी मित्रो , घायल सलाम कबूल फरमाएं जी !!                           कल देश के दो बड़े राजनितिक दलों की राजस्थान शाखा से दिल तोड़ देने वाले समाचार एक साथ आये !! जीवन में सुख के क्षण भी आते हैं और दुःख के प्रकृति का नियम है ये , लेकिन अगर दुःख को आवाज़ देकर बुलाया जाए तो उसे एक हिंदी के मुहावरे के मुताबिक यही कहते हैं की " अपने ही पाँव पर कुल्हाड़ी मारना " !!                             हुआ यूं की राजस्थान के कांग्रेस  प्रदेशाध्यक्ष चंद्रभान जी संगठन की एक मीटिंग ले रहे थे और कार्यकर्ताओं की बात नहीं समझ पाए या समझना ही नहीं चाहते थे ?? इसलिए उन्ही के सामने कार्यकर्ताओं ने वो सब कुछ कर दिया जो अशोभनीय मन जाता है !! किसी जिलाध्यक्ष तक के कपडे तार - तार हो गए और सभ्यता भी शरमसार हो गयी !
                      दूसरी घटना भाजपा के प्रादेशिक कार्यालय में हुई जिसमे भाजपा की कोर कमिटी की एक मीटिंग हो रही थी जिसमे भाजपाके तीन बड़े नेता गुलाब जी कटारिया , श्रीमती किरण जी महेश्वरी और पूर्व मुख्यमंत्री श्री मति वसुंधरा राजे जी किसी बात को लेकर इतने खिन्न हो गए क…

" ऐ मेरे वतन के लोगो , सब याद रखना ये बातें "..??

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तेज़ याददाश्त वाले मित्रो , आप सबको मेरा सादर नमस्कार !! कृपया स्वीकार करें !!                                      जिन मित्रों की याददाश्त कमज़ोर है या फिर किसी कारन से हो गयी है उन सबको भी मेरी राम - राम !! इन्सान का स्वभाव ही ऐसा है की समय जैसे जैसे गुज़रता जाता है इन्सान धीरे - धीरे सब बातें चाहे वो दुःख की हों या सुख की , भूलने लगता है !! ये एक तरह से इंसान के हित में ही है । क्योंकि अगर वो साड़ी बातों को समयानुसार नहीं भूले तो वो पगला जाए !! शायद भगवन ने इसी लिए इंसान को ये सुविधा प्रदान करी है की वो चाहे जिसे भुला सकता है और जिसे चाहे उसे जिंदगी भर याद भी रख सकता है !!                                इसी लिए मैं आज सब देश - वासियों से प्रार्थना कर रहा हूँ की और चाहे सब बातें भूल जाया करो लेकिन जो इन्सान हमें धोखा देते हैं उन्हें कभी नहीं भूलना चाहिए क्योंकि अगर हम ऐसे धोखे बाजों को भुला देते हैं तो वो लोग दोबारा से हमारे जीवन में आकर हमें धोखा देने की कोशिश करते हैं । नया रूप धर कर और नयी योजना बना कर !! जैसे की हमारे नेता लोग .....ये हमें चुनावों के बाद भुला देते हैं और जब पांच सा…