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Showing posts from 2017

"सेक्स"और विनाशकारी अज्ञानता !- पीताम्बर दत्त शर्मा (स्वतंत्र -टिप्पणीकार)

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समय-समय पर भारत में "सेक्स की अज्ञानता" एक विनाशकारी दुर्घटना का कारण बनती है !भारतीय सभ्यता-संस्कृति ने "कोक-शास्त्र"नामक ग्रन्थ दिया ! दूसरी कथाएं भी यही बतातीं हैं कि माँ पार्वती से लेकर चाहे सीता जी हों या राधा-मीरां जी हों !मध्यकाल की कोई राजकुमारी हों या फिर मुग़ल शासन काल की कोई राजपूतानी ! सभी ने अपने मन चाहे मर्द से पहले प्यार किया ,फिर इज़हार किया और फिर शादी करके सेक्स किया और अपना परिवार भारतीय संस्कृति के अनुसार चलाया !समाज और परिवारों ने इसका विरोध भी किया और परिस्थिति अनुसार समर्थन भी !ऋषियों-मुनियों ने भारतीय परम्पराओं को इस प्रकार से बुना ,जिससे सभी काम भी हो जाएँ और समाज में "अराजकता" भी नहीं फैले !शरीर की इच्छाओं को "मन-दिमाग और दिल"में बाँट दिया !"पाप और पुण्य"का बार्डर बनाया!"रीती-रिवाज़ों"की गूंद बनाकर मनुष्य के साथ ऐसे चिपका दिया ,जो समय बीतने के साथ और ज्यादा मजबूत होता गया !खुले सेक्स को गन्दा बताया गया !कोई दुर्घटना हो भी जाये तो उसे जनहित में छिपाना भी बेहतर इलाज समझा गया !मिलीजुली क्रियाओं-प्रतिक्रि…

इंसाफ पर ना-पाक मुहर क्यों ?? - मुकरने वाले को दो करारा जवाब !

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क्या भारत को वाकई कुलभूषण जाधव मामले में काउंसलर एक्सेस मिल जायेगा। ये सबसे बड़ा सवाल है क्योंकि पाकिस्तान के भीतर का सच यही है कि कुलभूषण जाघव को राजनयिक मदद अगर पाकिस्तान देने देगा तो पाकिस्तान के भीतर की पोल पट्टी दुनिया के सामने आ जायेगी । और पाकिस्तान के भीतर का सच आतंक, सेना और आईएसआई से कैसे जुड़ा हुआ है इसके लिये चंद घटानाओं को याद कर लीजिये। अमेरिकी ट्विन टावर यानी 2001 में 9/11 का हमला। और पाकिस्तान ने किसी अमेरिकी एजेंसी को अपने देश में घुसने नहीं दिया । जबकि आखिर में लादेन पाकिस्तान के एबटाबाद में मिला । इसी तरह अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या आतंकवादियों ने 2002 में की । लेकिन डेनियल के अपहरण के बाद से लगातार पाकिस्तान ने कभी अमेरिकी एजेंसी को पाकिस्तान आने नहीं दिया। फिर याद कीजिये मुबंई हमला । 26/11 के हमले के बाद तो बारत ने पांच डोजियर पाकिस्तान को सौंपे। सबूतों की पूरी सूची ही पाकिस्तान को थमा दी लेकिन लश्कर-ए-तोएबा को पाकिस्तान ने आंतकी संगठन नहीं माना । हाफिज सईद को आतंकवादी नहीं माना । भारत की किसी एजेंसी को जांच के लिये पाकिस्तान की जमीन पर घुसने नहीं दिया ।…

"मत टूटने दो मासूम फूलों को,पढ़ जायेंगे,जल्दी क्यों"? - पीताम्बर दत्त शर्मा(स्वतंत्र-टिप्पणीकार)

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हाय !! कितना दुखद ये समाचार आया है !दिल बैठा -बैठा सा जा रहा है मेरा ये समाचार सुनकर ही ,लेकिन जिस माता-पिता,भाई-बहन,दादा-दादी,भैया-भाभी,चाचा-चाची,मामा-मामी,बुआ-फूफा और नाना-नानी के सामने दसवीं-बारहवीं के छात्र-छात्रा की लाश पड़ी होगी उन का क्या हाल होगा ?अडोसी-पड़ोसियों के आंसू भी नहीं थम पा रहे होंगे !कल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने अपने"भांजे-भांजियों"के लिए एक सन्देश भी प्रसारित करवाया था कि "बच्चो ! घबराना मत!अबकी बार अगर सफल नहीं हो पाए तो कोई बात नहीं ! फिर मेहनत करना !अगली बार पास हो जाएंगे अच्छे नंबर लेकर !जीवन एक धारा है ! इसे बहता रहना चाहिए रुकने नहीं देना है हमको इस धारा को" !!
                      लेकिन हाय !! हमारे मध्य-प्रदेश के कई शहरों में 12 नन्हें बच्चों ने घबरा कर ऐसे निर्णय ले लिए जिस से  ना केवल परिवारों बल्कि उनके विद्यालयों और पूरे देश में कोहराम मच गया !रो-रो कर सबका बुरा हाल है सबका !एक "सन्नाटा सा फ़ैल गया है जैसे जीवन में ! कौन,कौन किस-किस को कैसे ढाढस बँधाये ?शब्द ही नहीं मिल रहे !आंसू ही नहीं रुक पा रहे !क्या किया जाए ?क्यों गिर…

" हमारी प्यारी सरोज जोशी" !! - पीताम्बर दत्त शर्मा

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"चुलबुली,नटखट,बिन्दास और महान कवयित्री ,व्यंगकार और लेखिका" ! हमारी प्यारी सरोज जोशी !!जी की पेश हैं अनमोल रचनाएँ !
पांडव भी वही कर रहें थे,,,
जो कौरव कर रहे थे,,,,
*युद्ध*
बेचारी निर्दोष जनता अपने अपने राजाओं को बचाने के लिए मर कट रही थी ।
वही आज हो रहा है । मुद्दों से अलग स्वार्थ की राजनीति ,,,
आरोप पत्यारोपों की राजनीति खेली जा रही है ।
कोई भी राजा हमारे बारे में न सोच रहा हो पर अपने राजा की जीत पर ताली पीट रहे हैं हम ।
 वाह रे ------राजाओं,,,,
और वाह री -------प्रजा,,,,
सभी धन्य हैं हम ।
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अजी ,
कोई एक पत्रकार का नाम बताओ जो आपकी नजरों में सच्चा हो । बेचारे सच भी बोले ,,,शातिर उनपर झूठ का मुलाजमा चढ़ाकर सच को भी झूठ बता देते हैं ।
अपने अपने आकाओं की नजरों में चढ़ने के लिए ।।।
भले ही वो इन्हें घास ही न डालता हो ।🤣🤣🤣🤣🤣
,"अंधेर नगरी,,,, चौपट राजा "। >>>>>>>>>>>>>>>>>>>&g…

"जिस दिल में बसा था प्यार तेरा......."!!केजरीवाल जी !!- पीताम्बर दत्त शर्मा (स्वतंत्र टिप्पणीकार)

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सन 2012 में रामलीला मैदान में जिस केजरीवाल को देखने सुनने जनता प्यार से उमड़ पड़ती थी,वही जनता उसे अपने दिल से ना केवल निकाल चुकी है,बल्कि उनके श्री मुख से बचाव के दो बोल भी सुन्ना नहीं चाहते हैं ! टीवी चेनेल वाले उनके पुराने भक्त बड़ी कोशिशें करते साफ़ नज़र आ रहे हैं लेकिन केजरीवाल बड़े घाघ नेता हैं !माफ़ करना जी नेता नहीं घाघ व्यापारी हैं वो भी बेईमान वाले मक्कार !इसीलिए वो कुछ बोल नहीं रहे हैं !अपने चमचों को आगे करके सही समय का इंतज़ार कर रहे हैं ! वो बोलेंगे अवश्य !ऐसा हो ही नहीं सकता कि "केजरीवाल !और बोलेन नहीं ! अजी वो  तो बिना बात के घंटों बोल सकते हैं !वैसे ये खूबी "आप "पार्टी के सभी नेताओं में है , किसी में काम और किसी में थोड़ी ज्यादा !
                         अफसर रह चुके हैं केजरीवाल जी इसीलिए "बीच"में से अपना कमीशन कैसे निकालना है,ये वो और उनके अन्य नेता भली भांति जानते हैं !तरह-तरह के बिल ज्यादा बनवाना,वकील की फीस की रसीद ज्यादा बनवाना और चंदे को कैसे एडजस्ट करना है यही तो भारत के सभी अफसर अच्छी तरह से जानते हैं !इसीलिए अफसरों के घरों से इतना धन निकलता है…

मित्रों की अनमोल बातें !! - पीताम्बर दत्त शर्मा (स्वतंत्र टिप्पणीकार)

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Jyoti Singh-#कश्मीरघाटी में आधी आबादी भी तथाकथित आजादी के लिए, हाथ में पत्थर लिए सडको पर उतर आई है !आज़ादी की पैरोकार ये महिलायें कट्टरपंथी संगठन दुख्तराने-मिल्लत की उस प्रतिबन्ध पर मुंह ढक लिया , कि सभी महिलाए बुर्कानशीं हो जाए ! बुर्का विद पत्थर एक मूवी बननी चाहिए , साथ तलाक का तड़का ! &&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&& ‎Pitamber Dutt Sharma‎toPawan Kumar Mishra1 hr ·  क्या ईमानदार आदमियों को चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो जाना चाहिए?टिकेट नेता नहीं देते,वोट जनता नहीं देती और पैसे उनके पास होते नहीं।बस एक मुंह होता है जिससे वो बोलते रहते हैं।मुझे ही देख लो!☺😊 &&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&