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Showing posts from June, 2017

"हिंदुस्तान का विपक्ष,हितकारी या सँहारी"??- पीताम्बर दत्त शर्मा (स्वतंत्र टिप्पणीकार)

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भारत में "विपक्ष"कई प्रकार का रहा है ,पहले राक्षसों के रूप में जब देवताओं का शासन था !उस समय भी अपनी प्रवृत्ति अनुसार कोई भी देवता या मानव राक्षस बन जाता था !जिसके पास ज्यादा शक्तियां आ जातीं थीं और वो नाजायज़ तरीकों से विशेष उपलब्धियां और साधन प्राप्त कर उनका दुरपयोग करने लग जाता था ,उसे लोग "राक्षस" कहने लगते थे ! फिर राजाओं का शासन होने लगा तो दुसरे राज्यों के शासक अपने साधनों द्वारा पडोसी राज्यों के लोगों को भड़काते थे , वहाँ के मंत्रियों को राजा बना देने का लालच देकर बगावत करवा देते थे ,तो युद्ध पश्चात् विपक्षी राजा बन जाते थे !तीसरा तरीका ये होता था कि राजा का वो बेटा अपने पक्ष में अपने पिता के मंत्री को अपने साथ मिला लेता था तो वो बगावत करके अपने पिता को जेल भेज देता या मरवा देता था और स्वयं सत्तासीन हो जाता था !या अकेले ही कोई मंत्री राजा के परिवार को मारकर स्वयं राजा बन जाता था !
                              फिर आये हमारे देश में मुगल और अँगरेज़ उन्होंने भी येन-केन प्रकरेण ,फूट डालते गए और हम पर राज करते गए !1857 की क्रांति के पश्चात् देश में जाग्रति फैली और …

"तड़प"उनकी ,जो पलते हैं दूसरों की फेंकी हुई बोटियों पर"!!- पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक)

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आजकल देश में एक अस्थिरता का माहौल नज़र आ रहा है!कोई gst को गलत बता रहा है , तो कोई दलितों पर बहुत अत्याचार हो रहे हैं ,ये कह रहा है ! किसी को इस देश में केवल किसान मरते नज़र आ रहे हैं तो कोई पाकिस्तान के साथ फौरन युद्ध चाहता है !कई नयी जातियां आरक्षण कीमांग के साथ तोड़-फोड़ -आगज़नी करती नज़र आ रही हैं , तो कई अलग प्रदेश की मांग करते अपने ही देश के एक हिस्से में लोगों को मरवा रहे हैं !यहां तलक कि इस देश के अंदर विभिन्न रूपों की आड़ में छिपे हुए देश के गद्दार आवारा युवाओं को पैसों का लालच देकर ,बलात्कार,लूटमार,राहजनी और छेड़खानियां चोरियां भी करवा रहा है !क्या आप जानते हैं की ये क्यों हो रहा है ???????
                    केवल इसलिए कि मोदी जी की सरकार और भाजपा की प्रदेश सरकारें ऐसे दुश्मनों की चालों को नाकाम करने वाले काम कर रहीं हैं !ये लोग विश्व में भाजपा की सरकारों को बदनाम करना चाहते हैं क्योंकि जो विश्व के बड़े देश मोदी जी का कहना मान कर उनके मुताबिक निर्णय ले रहे हैं , वो बंद हो जाएँ !भारत की जनता को जागरूक बनना होगा !किसी भी हड़ताल, धरने,जलूस आदि में तब तलक शामिल ना हों जब तलक आप स्वयं उस …

संघर्ष की मुनादी के लिये 72 बरस के बूढ़े का इंतजार !!

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इंदिरा गांधी कला केन्द्र से प्रेस क्लब तक                                                          --------------------------------- खलक खुदा का, मुलुक बाश्शा का / हुकुम शहर कोतवाल का... / हर खासो-आम को आगह किया जाता है / कि खबरदार रहें / और अपने-अपने किवाड़ों को अन्दर से / कुंडी चढा़कर बन्द कर लें /गिरा लें खिड़कियों के परदे /और बच्चों को बाहर सड़क पर न भेजें /क्योंकि , एक बहत्तर बरस का बूढ़ा आदमी अपनी काँपती कमजोर आवाज में / सड़कों पर सच बोलता हुआ निकल पड़ा है ! धर्मवीर भारती ने मुनादी नाम से ये कविता नंवबर 1974 में जयप्रकाश नारायण को लेकर तब लिखी जब इंदिरा गांधी के दमन के सामने जेपी ने झुकने से इंकार कर दिया । जेपी इंदिरा गांधी के करप्शन और तानाशाही के खिलाफ सड़क से आंदोलन की अगुवाई कर रहे थे । और संयोग देखिये या कहे विडंबना देखिये कि 43 बरस पहले 5 जून 1974 को जेपी ने  इंदिरा गांधी के खिलाफ संपूर्ण क्रांति का नारा दिया । और 5 जून 2017 को ही दिल्ली ने हालात पलटते देखे । 5 जून को ही इंदिरा गांधी की तर्ज पर मौजूदा सरकार ने निशाने मीडिया को लिया । सीबीआई ने मीडिया समूह एनडीटीवी के प्रम…