"कली को छोड़ो,काश्मीर के काँटों की ओर ध्यान दो"! - पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो.न. +9414657511

आज संसद में काश्मीर पर चर्चा हो रही है ! इसके द्वारा विपक्ष के वो नेता अपना महत्व विश्व के सामने बढ़वाना चाहते हैं जिनको भारत की जनता ने नकार दिया है ! कोई कह रहा है कि मेरे मुख्यमंत्री रहते हुए काश्मीर में इतना काम हुआ तो कोई पूर्व प्रधानमंत्रियों मनमोहन सिंह और अटल जी के कार्यों को याद कर रहा था !लेकिन किसी भी विपक्षी नेता ने यह नहीं बताया कि सर्वदलीय कमेटियों के सुझावों को upa सरकार पूरा क्यों नहीं कर पायी ?ये नेता अब एकबार फिर से उग्रवादियों से बातचीत की मांग उठाना चाह रहे हैं ताकि मौजूदा सरकार भी उन्हीं उलझनों में फंस कर रह जाए जिनमे पूर्व सरकारें फंसी रहीं !
                  कोंग्रेस और बहुजन समाजवादी पार्टी के सांसद तो अपनी रोटियां सेकते ही नज़र आये उनको समस्या से कोई सरोकार या गंभीरता से लेने की ज़रूरत महसूस नहीं हुई ऐसा उनके भाषणों से मुझे लगा !काश्मीर से आये हुए सांसदों ने समस्या की गहराइयों में जाने का  किया लेकिन कोई पुख्ता हल वो भी नहीं सूझा पाए !सभी दल केवल प्लेटगन को बन्द करवाने,अलगाववादियों से बात करने पत्थरबाज़ युवाओं हेतु करोड़ों का बजट देने की बात करते ही दिखाई दिए !जबकि जबसे भारत आजाद हुआ है तभी से और प्रदेशों से ज्यादा धन वहाँ खर्च हो रहा है !किसी ने भी पकिस्तान से सख्ती से निपटने की इज़ाजत सरकार को नहीं दी !जबकि पाकिस्तान बुरहानवानी को अपना हीरो बनाकर कई दिनों से पेश कर रहा है !
                      हमारे देश  कॉमरेड तो हमेशां ही वही बातें बोलते हैं जिससे विश्व की नज़रों में भारत की इज्जत  होती हो !प्रधानमंत्री नहीं आये की रट लगातार लगाई जाती रही जबकि राज्यसभा के नेता और गृहमंत्री वहाँ उपस्थित थे !अभी उन्होंने भी अपना जवाब देना है !पीएमओ मंत्री जितेंद्र सिंह ने इन सबको उचित उत्तर दे भी दिया, उसके बावज़ूद विपक्षी नेताओं ने अपने गन्दे राग गाने जारी रख्खे ! समाजवादी सांसद ने कोंग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों की गलतियों का अच्छा विवरण दिया लेकिन उन्होंने भी ये सरकार पर ही छोड़ दिया कि आपको जैसे निपटना है निपटो !सरकार आपकी है !कुछ दिन पहले जब राजनाथ सिंह  पाकिस्तान डोरे पर अपना ब्यान संसद में दे रहे थे कि वो किस तरह सख्ती से वहा पेश आये तो सभी ने उन्हें अपना समर्थन दिया था लेकिन  पाकिस्तान से युद्ध करने का सुझाव किसी ने नहीं दिया !! क्यों भला ?"अगर दुश्मन मानता ही नहीं है " , और युद्ध भी नहीं करना तो फिर ये सख्ती किस काम की ???
                        तो मित्रो !ऐसा लगता है जैसे भारत के नेता हिजड़े बन कर रह गए हैं ! जो पिछले 70 सालों से सुरक्षा बलों के नॉजवानों को मरवाये जा रहे हैं ,देश का धन लुटाये जा रहे हैं और पाकिस्तानी कब्जे वाले काश्मीर को भुलाये जा रहे हैं !आपका क्या कहना है इस विषय पर !???????????? जय - हिन्द !! जय भारत ! वन्दे मातरम !
प्रिय मित्रो !सादर नमस्कार !कुशलता के आदान-प्रदान पश्चात जिन भी मित्रों का आज जन्म-दिन या विवाह दिवस है , उनको मेरी तरफ से हार्दिक बधाई और शुभ कामनाएं !आप अपने ब्लॉग "फिफ्थ पिल्लर करप्शन किल्लर"को बहुत पसंद कर रहे हैं,रोज़ाना इसमें प्रकाशित लेखों को पढ़ कर शेयर करते हैं ,उन पर अपने अनमोल कॉमेंट्स भी देते हैं !उस सब के लिए भी आपका हार्दिक आभार प्रस्तुत करता हूँ !इस ब्लॉग का लिंक ये है - www.pitamberduttsharma.blogspot.com 
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कृपया इसी तरह इस ब्लॉग को मेरे गूगल+,पेज,विभिन्न ग्रुप ,ट्वीटर और फेस बुक पर पढ़ते रहें , शेयर और कॉमेंट्स भी करते रहें क्योंकि ये ही मेरे लिए "ऑक्सीजन"का काम करती है ! धन्यवाद !आपका अपना - पीतांबर दत्त शर्मा !



Comments

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (12-08-2016) को "भाव हरियाली का" (चर्चा अंक-2432) पर भी होगी।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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