Wednesday, December 28, 2016

"यादें - 2016 की ,कुछ अच्छी ,तो कुछ कड़वीं "!? - पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो.न. - +9414657511

मित्रो !! सादर प्यार भरा नमस्कार स्वीकार करें !ये जो जीवन है , चलने का ही नाम है !कोई कहता है , "ज़िन्दगी सिग्रेट का धुंआ ", तो कोई कहता है कि ,"ज़िन्दगी हर कदम , इक नयी जंग है "! किसी ने तो जिंदगी को एक नाटक का ही नाम दे दिया !सबने अपने जीवन के अनुभव के अनुसार इसको अपनी उपमाएं दी हैं !इसलिए सभी सच लगती हैं !
                            तो मित्रो ! चलते चलते  वर्ष 2016 भी समाप्त होने जा रहा है और अंग्रेजों द्वारा प्रचलित 2017 आने वाला है !आप सबको इस आने वाले वर्ष की हार्दिक शुभ-कामनाएं ! सुखभरी घटनाएं रोज़ आपके जीवन में आती रहें !प्रकृति माता आपके ऊपर मेहरबान रहे !आइये कुछ चित्रों द्वारा वर्ष 2016 की यादों को आपके सामने प्रस्तुत करता हूँ !जिसमे सामजिक,राजनितिक,प्राकृतिक और विश्व की मुख्य घटनाएं चित्रों द्धारा आपको दिखने का प्रयास करता हूँ ! 















"5th पिल्लर करप्शन किल्लर" "लेखक-विश्लेषक पीताम्बर दत्त शर्मा " वो ब्लॉग जिसे आप रोजाना पढना,शेयर करना और कोमेंट करना चाहेंगे ! link -www.pitamberduttsharma.blogspot.com मोबाईल न. + 9414657511

1 comment:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (30-12-2016) को "महफ़ूज़ ज़िंदगी रखना" (चर्चा अंक-2572) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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