"मोदी जी से ,पूछे हर दिहाड़ी करनेवाला ,मेरा धन क्यों काला "?? - पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक-विचारक) मो.न.- +9414657511.

परम् भक्त सूरदास जी के अनुसार , यशोमति मैया से एक बार कान्हा ने पूछा था कि हे मैया मैं काला क्यों हूँ ,तो मैया ने बड़े प्यार से उन्हें समझाया था !ठीक उसी तरह आज हर भारत वासी हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री जी के नोटबन्दी कार्यक्रम का समर्थन करते हुए ,बड़ी विनम्रता से ये भी पूछना चाह रहा है कि मेरा मेहनत से कमाया हुआ धन "काला" कैसे हो गया ? कौन जिम्मेदार है इस के लिए?क्या मैं अकेला जिम्मेदार हूँ ? अगर हाँ तो मुझे आर्थिक और शारीरिक दण्ड अवश्य दिया जाए !लेकिन अगर इस सबके पीछे कंही हमारे पूर्व भृष्ट शासकों और  निक्कमी व्यवस्था  भी जिम्मेदार है तो हर उस व्यक्ति को माफ़ी मिलनी ही चाहिए जो चाहे-अनचाहे इस भ्रष्ट - व्यवस्था का हिस्सा बन गया ! उसे इतनी सज़ा ही बहुत है जितनी उसे लाइनों में लगकर खड़े होने से,और अस्पतालों में धक्के खाकर मिल चुकी है !
                         उसकी गलती केवल ये है कि वो अपनी मेहनत से कमाए हुए धन को भारत के क़ानून अनुसार आयकर विभाग को बता नहीं पाया या बैंकों में     समयानुसार जमा नहीं करवा पाया  !लेकिन आपके आदेशानुसार मोदी जी आज हर मेहनतकश ने अपनी सारी पूँजी बैंकों में जमा करवादी है !अब आपका भी ये फ़र्ज़ बनता है कि आप दस लाख तक के आदमी को आम माफ़ी प्रदान करें !आज के जमाने में दस लाख कुछ भी नहीं होते जी ! आप बड़े ही दयालु भी हो मोदी जी !मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि आप मेरी ये "जनहित-याचिका"पर गौर करके निर्णय सुनोगे ! 
                        इस सबके साथ मैं ये भी कहना चाहता हूँ की आज विपक्ष जी बेशर्मी से देश को नुक्सान पहुंचा रहा है जनता उसको भी मुंह तोड़ जवाब अवश्य देगी ! आने वाले काम से काम दस साल आपको ही देश की बागडोर सौंपना चाहेगी !क्योंकि आप जिस एकाग्रता से देश की सेवा कर रहे हैं जनता आपकी आभारी भी रहेगी !
                       सधन्यवाद !
                                           आपका 
                                               समर्थक-कार्यकर्ता 
"5th पिल्लर करप्शन किल्लर" "लेखक-विश्लेषक पीताम्बर दत्त शर्मा "
वो ब्लॉग जिसे आप रोजाना पढना,शेयर करना और कोमेंट करना चाहेंगे ! 
link -www.pitamberduttsharma.blogspot.com मोबाईल न. + 9414657511

\


Comments

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (04-12-2016) को "ये भी मुमकिन है वक़्त करवट बदले" (चर्चा अंक-2546) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    ReplyDelete
  2. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" रविवार 04 दिसम्बर 2016 को लिंक की गई है.... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

बुलंदशहर बलात्कार कांड को यह ‘मौन समर्थन’ क्यों! ??वरिष्ठ पत्रकार विकास मिश्रा - :साभार -सधन्यवाद !

आखिर ये राम-नाम है क्या ?..........!! ( DR. PUNIT AGRWAL )

भगवान के कल्कि अवतार से होगा कलयुग का अंत !!! ????