"अमाननीय U.P.A.के नेताओ एवं उनके समर्थक अफसरो,पत्रकारो,समाजसेवियों,लेखको और वोटरो!आइये ! मैं आपको बताता हूँ कि"काला-धन"कहाँ गया ? - पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक)- 9414657511

राजनीति के साथ-साथ अध्यापन,लेखन,समाज-सेवा,कर्म,कर्तव्य,धर्म और मनुष्य का चरित्र आज जिस स्तर तलक पहुँच चुका है , ये आप सब भली-भाँती जानते हैं !इसमें सुधार लाने हेतु मेरे जैसे कितने "ज्ञानी-ध्यानी"सभी प्रकार के मीडिया पर कितने उपलब्ध हैं, किसी से छिपा हुआ नहीं है !पक्ष हो या विपक्ष,सभी अपने स्तर से नीचे गिर गए हैं !जिसका समय ही अपने तरीके से इलाज करेगा !किसी इंसान के बस की अब ये बात नहीं रही जी !बहरहाल !! जाने दीजिये !! इन्हें इनके हाल पर ही छोड़ कर आज हम उस बात की चर्चा करते हैं जिस बात ने पहले तो आज के सत्ता पक्ष को सत्ता प्राप्त करने की मुख्य कारन बनी और फिर जो आज विपक्ष है , उसका भी विरोध करने का वो मुख्य बात हथियार बनी !!उसका नाम है " काला-धन "! ये काला धन कैसे बनता है ?,कब बनता है ?,क्यों बनता है ?,कहाँ छिपाया जाता है ?,कैसे निकाला जा सकता है ?और कैसे काला-धन बनने से रोका जा सकता है ?ये भी सब सत्ता-पक्ष और विपक्ष भली भाँती जानते हैं समझते हैं ! सिर्फ ये लोग नहीं इनके साथ साथ उनके समर्थक लोग,अफसर लोग,पत्रकार लोग और समाजसेवी संस्थाओं से जुड़े लोग भी भली भाँती जानते हैं ! इस बात से आप भी मेरे साथ सहमत होंगे जी ! बल्कि मैं तो यहां तलक कहता हूँ कि कुछ प्रतिशत वोटर भी ये सब जानते हैं ! 
               यदि ये सब सत्य है तो फिर क्यों, किसके लिए और किसको सुनाने व फायदे हेतु बार - बार पूछा जा रहा है कि काला-धन कहाँ गया ? लोगों के खाते में 15 -15 लाख नहीं पहुँचने की बात कही और पूछी जा रही है ??जबकि आरोप लगाने वाले भी भली-भाँती जानते हैं कि ये सब क्यों नहीं हो पाया ?आइये मैं आपको बताता हूँ की ये सब कैसे, क्यों,कब और किसने किया ??
                  पाठक मित्रो !! ये कहानी तब से शुरू होती है जब अमेरिका सहित सारे यूरोप में भयंकर आर्थिक मंदी का दौर चल रहा था !तब विश्व के शक्तिशाली देशों ने स्विस बैंकों सहित सभी उन बैंकों पर दबाव डाला जो काले धन को छिपा कर रखने का काम करते थे !किसी नहीं बताने वाले भी देश बड़ी शक्तियों के दबाव में आ गए और सारा काला धन जितना व जिनका था सब उगल दिया ! अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों ने तो अपने क़ानून मुताबिक प्रयास करके सारे काले धन को अपने अपने देश में मंदी से लड़ने हेतु प्रयोग कर लिया ! लेकिन भारत के नेताओं ने अपना "कमाल" दिखा दिया !
                      उस समय भारत में सोनिया जी के "अनुभवी नेतृत्व" में U.P.A.की सरकार चल रही थी जिसके प्रधानमंत्री कागज़ों में "सरदार मनमोहन सिंह " जी थे , जो जीवन भर अपने अफसरों का कहना मान-मान के मशहूर अर्थ-शास्त्री से वहां तलक पंहुचे थे !उनके पास भी भारतीय काले धन वाले धन्ना सेठों के नामों की लिस्ट पंहुची ! जिसे लेकर सारे U.P.A.में गहन विचार-विमर्श हुआ ! योजना बनी ! जो इस प्रकार चली ! काले धन का कुछ प्रतिशत पार्टी फंड में जमा करवाया गया ! इसके बदले में काले-धन वाले धन्ना सेठों ने जिन-जिन प्रदेशों में U.P.A.की सरकार थी वहां वहां अपने " एजेन्टों " के माध्यम से पिछले 8 सालों में जमीने खरीद और फिर बेच कर अपना अरबों का काला धन करोड़ों में सफ़ेद बना लिया ! किसी भी प्रदेश ने पिछले 8 वर्षों में हुई रजिस्ट्री की कोई जांच नहीं की !इस बहती गंगा में कुछ N.D.A. के नेताओं ने भी अपना काम निकलवा लिया ! लेकिन सबने मूर्ख भारत की जनता को ही बनाया , समझदार कह कर ! स्विस बैंक खाली कर दिए गए, मोदी सरकार के शपथ ग्रहण से पहले ! अब वो ही U.P.A.वाले और उनके उपरोक्त समर्थक N.D.A.सरकार से हँसते हुए पूछते हैं कि क्यों हर किसी देशवासी के खाते में जमा क्यों नहीं हुए 15 - 15 लाख रुपये ??शर्म भी नहीं आती इन देश के दुश्मनों को !!
                 लेकिन हर देश वासी अपने दिल पर हाथ रखकर और अपनी अंतरात्मा  झाँक कर देखे कि क्या उसकी प्रॉपर्टी जो पहले मान लो 1 लाख रुपयों की थी, वो आज 15 लाख की नहीं हुई क्या ?? अपने हाथ से आपके खाते में 15 -15 लाख  पाये तो क्या हुआ ?? उन्होंने भविष्य का तो सख्त क़ानून बनाकर इंतज़ाम कर दिया है !इतना तो हमारा दुर्भाग्य सौभाग्य में बदला है ! आइये उन्हें इतने के लिए ही धन्यवाद प्रेषित करदें ! देश के इन छिपे हुए दुश्मनों के झांसे में तो अब ना आएं !! इसी शुभकामना के साथ राम राम मित्रो ! जय हिन्द ! आइये मित्रो ! आपका स्वागत है !आपके लिए ढेर सारी शुभकामनाएं ! कृपया स्वीकार करें !फिफ्थ पिल्लर करप्शन किल्लर नामक ब्लॉग में जाएँ ! इसे पढ़िए , अपने मित्रों को भी पढ़ाइये शेयर करके और अपने अनमोल कमेंट्स भी लिखिए इस लिंक पर जाकर www.pitmberduttsharma.blogspot.com. है !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल आई. डी. ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.- www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!
आपका अपना - पीताम्बर दत्त शर्मा -(लेखक-विश्लेषक), मोबाईल नंबर - 9414657511 , सूरतगढ़,पिनकोड -335804 ,जिला श्री गंगानगर , राजस्थान ,भारत ! इस पर लिखे हुए लेख आपको मेरे पेज,ग्रुप्स और फेसबुक पर भी पढ़ने को मिल जायेंगे ! धन्यवाद ! आपका अपना - पीताम्बर दत्त शर्मा , ( लेखक-विश्लेषक) मो. न. - 9414657511               


Comments

  1. सुन्दर प्रस्तुति बहुत ही अच्छा लिखा आपने .बहुत ही सुन्दर

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

बुलंदशहर बलात्कार कांड को यह ‘मौन समर्थन’ क्यों! ??वरिष्ठ पत्रकार विकास मिश्रा - :साभार -सधन्यवाद !

आखिर ये राम-नाम है क्या ?..........!! ( DR. PUNIT AGRWAL )

भगवान के कल्कि अवतार से होगा कलयुग का अंत !!! ????