नंगी होती हमारी राजनीति - पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो. न. - +9414657511

  आदम युग में नंगापन मनुष्य को बुरा नहीं लगता था क्योंकि सब नंगे ही होते थे ! लेकिन जब से समझदारों ने वस्त्र ग्रहण करने शुरू किये , तब से अगर कोई बिना किसी विशेष-कारण से नंगा होता है तो मानव-समाज को बुरा लगता है ! आज वस्त्रों के इलावा कई तरह के "ओढ़ने" हमें ओढ़ने पड़ते हैं ! जैसे लाज-शर्म की ओढ़नी,अपने मान-सन्मान की ओढ़नी और "ज्ञान" की ओढ़नी ओढ़ कर हमें चलना पड़ता है जी ! तभी तो हमारे प्रिय सलमानखान की एक फिल्म में एक गीत भी रख्खा था कि "ओढ़नी ओढ़ के नाचूँ आज "!!
                         लेकिन आज हम यहां चर्चा करना चाहते हैं राजनीतिज्ञों की ओढ़नी की , जो उन्होंने पिछले तीन दशकों से ओढ़ रख्खी है !!"  बेशर्मी "की ओढ़नी !जैसे-जैसे ये ओढ़नी मैली होती जा रही है वैसे वैसे हमारे नेता उसे बढ़िया बताकर हंस रहे हैं !हालांकि लोगों को उनकी पुरानी-फटी ओढ़नी से उनका नंगापन नज़र आ रहा है , जनता उन्हें इशारा भी कर रही है ,लेकिन हमारे नेतागण हैं कि अपने नंगेपन को वो नया फैशन बता रहे हैं !जो चंद नेता अपनी ओढ़नी को फटने से जैसे-तैसे बचाये हुए हैं ,उनकी ओढ़नी को भी ये बदमाश नेता तार-तार करने पर तुले हुए हैं ! 
                          अब तो ऐसा लगने लगा है कि जैसे हमारे माता-पिता और शिक्षकों ने हमें जैसे गलत शिक्षा पढ़ा दी हो !मक्कार-भ्रष्ट और झूठे लोग इतनी खूबी से शरीफ,दयावान और देश-भक्त होने की अदाकारी करते हैं कि ईमानदारों , गुणीजनों और सभ्य लोगों को अपने दांतों तले उंगलियां दबानी पड़ती हैं भाई !!"आप"पार्टी के सभी नेताओं ने तो कांग्रेस-भाजपा के नेताओं को इस मामले में कोसों पीछे छोड़ दिया है जी !बाकी राजनितिक दलों के नेता तो फेल हीरो-हीरोइनों जैसे लगते हैं !
                      हर पांच साल बाद भारत की जनता बड़ा सोच-समझकर अपना निर्णय चुनावों में देती है लेकिन दो वर्ष बाद ही उसे एहसास होने लगता है की उसने बहुत बुरा निर्णय किया था ! और जो दल जीत जाता है उसके नेता अपनेआपको "महान" समझने लग जाते हैं और सोचते हैं जनता उनको अगले 20 .  वर्षों तलक चुनती ही रहेगी !सत्ता के नशे में वो अपने कार्यकर्ताओं को भी भूल जाते हैं ! उनकी गिनती भी आम लोगों में करने लग जाते हैं ना जाने कब अक्ल आएगी इनको !
              भगवान इनको सद्बुद्धि दे !!धर्म की जय हो !! अधर्म का नाश हो !! प्राणियों में सद्भावना हो !! विश्व का कल्याण हो !! हर-हर-हर महादेव !! जय हिन्द !!अंत में आप सबसे एक प्रश्न - "क्या हम सैन्य-शासन के बिना नहीं सुधर सकते ??????????" उत्तर अवश्य देवें !" आकर्षक - समाचार ,लुभावने समाचार " आप भी पढ़िए और मित्रों को भी पढ़ाइये .....!!!

मेरा मोबाईल नंबर ये है :- 09414657511. 01509-222768. धन्यवाद !!
आपका प्रिय मित्र ,
पीताम्बर दत्त शर्मा,
हेल्प-लाईन-बिग-बाज़ार,
R.C.P. रोड, सूरतगढ़ !
जिला-श्री गंगानगर।

Posted by PD SHARMA, 09414657511 (EX. . VICE PRESIDENT OF B. J. P. CHUNAV VISHLESHAN and SANKHYKI PRKOSHTH (RAJASTHAN )SOCIAL WORKER,Distt. Organiser of PUNJABI WELFARE

               

Comments

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (19-12-2015) को "सुबह का इंतज़ार" (चर्चा अंक-2195) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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