"वो करते हैं नेतागिरी,सहूलियतों से भरी"!! - पीताम्बर दत्त शर्मा (स्वतन्त्र टिप्पणीकार) मो.न.- 9414657511

   पाठक मित्रो !आज मैं आपको चोरों-हरामखोरों और भ्रष्टों की "मन की बात" बताऊंगा - पढ़वाऊंगा !हमको बहुत दिन हो गए हमारे प्रिय प्रधानमंत्री मोदी जी की मन की बात सुनते सुनते !हमें ये सिखाया गया है कि "कोई भी निर्णय लेने से पहले सिक्के के दोनों पहलुओं पर पहले अच्छी तरह से विचार करो"!फिर अपना किसी बात पर निर्णय दो !यकीन मानिये मैं कोई भी बात लिखने से पहले सारे पक्षों के बारे में गंभीर विचार करता रहता हूँ !इसीलिए मेरी पत्नी मुझे कई बार याद दिलाती है कि वो कब की मेरे आगे भोजन परोस गयी है लेकिन मैं ना जाने किन विचारों में मस्त हूँ की भोजन की तरफ ध्यान ही नहीं दिया !इतना मैं आप लोगों के हित खातिर विचार करता हूँ !
                     हुआ यूं कि कल मैं बाज़ार रोज़ाना काम आने वाला सामन खरीदने हेतु बाज़ार गया तो मुझे पहले तो एक फल बेचने वाले ने उलाहना देते हुए कहा कि "भजपा वाले लेखक जी आपका मोदी तो गयो"!!मैं तो अपने विचारों में मस्त सा चला जा रहा था !ये लाइन सुनकर मैं चौन्का ,सहमा और उसकी तरफ मुखातिब हुआ और पूछा ,क्या बात हुई जनाब ?तो वो बोला भाई साहिब आपके मोदी से तो हमारी कोंग्रेस ही अच्छी थी !आपके कहने से हमने भाजपा को वोट दे दिया , लेकिन अब पछता रहे हैं !मैंने पूछा वो कैसे भाई ?वो तो इतने भ्रष्ट लोग थे, भूल गए क्या ?तो वो बोला नहीं जी बिलकुल याद है और अच्छी तरह से याद है !कोंग्रेस वाले खुद भी खाते थे और हमें भी खाने देते थे !अफसर भी खा-पीकर खुश रहते थे और चपड़ासी भी !नेताओं का भी "अच्छे-दिन"चल रहे थे !लेकिन जबसे ये आपका मोदी आया है तबसे वो "ना तो किसी को खाने देते हैं और नाही खुद खाते हैं" !अब तो कोई भी खुश नहीं है !
                    थोड़ा और आगे गया तो एक सब्जी वाला किसी महिला को कह रहा था कि "ये सब्ज़ियों के भाव दुबारा मोदी जी की सरकार की वजह से बढ़ रहे हैं"!तो वो ऑर्ट बोलती हुई आगे बढ़ी कि "आग लगे ऐसी सरकार को और मोदी को"!मैं मन ही मन हैरान-परेशान सा बिना कोई सामान लिए दुखी मन से अपने घर को लौट गया !पत्नी बोली !क्या हुआ आज कुछ लाये नहीं बाजार से ? मैं बोला आज कुछ अच्छा नहीं था बाजार में !मैं बैठकर फिर से सोचने लगा कि क्या हमारे विपक्षी नेताओं ने आम जनता के दिमाग में इतना "जहर"घोल दिया ?  मन से उत्तर मिला नहीं जी वो तो इतनी मेहनत कर ही नहीं रहे !तो क्या फिर मोदी जी की सरकार सिर्फ कागजों में ही काम कर रही है ?क्या उनके अफसर और दुसरे तन्त्र फेल हो चुके हैं ?या फिर एक ख़ास तबका(मोदी विरोधी विदेशी चन्दे से पोषित ,नेता ,मुस्लिम-पत्रकार और झूठे समाजसेवी  संगठन)चुपके से अंदर ही अंदर इतना घातक वार कर रहा है कि आगामी चुनावों में N.D.A. कहीं जीत ही नहीं पायेगा !
                      भाजपा के नेता ,वर्कर और प्रचारक भी बड़े "आराम-परस्त"हो गए हैं या फिर बड़े नेता छोटे वर्करों को पूछते नहीं और रोषस्वरूप कोई वर्कर पार्टी के पक्ष की अपने आसपास के लोगों के साथ चर्चा ही नहीं करता !करोड़ों रूपये चन्दा लेकर नेता सिर्फ सहूलियतों से भरी राजनीति ही करते हैं जनता और वर्कर जाए भाड़ में !! चुनावों वाले बीस दिन ही वर्करों की पूछ होती है !दुसरे दल तो खुद भी खाते हैं और अपने वर्करों को भी खाने भी देते हैं इसलिए सब ठीक हो जाता है !लेकिन भाजपा के आदर्श केवल मोदी जी जैसे कुछ ही नेताओं में ही नज़र आते हैं !इसलिए जनता जल्दी या तो उपाय चाहती है या फिर वो ही खाओ और खाने दो वाली नीति चाहती है !
                 इसलिए माननीय मोदी जी !!आपसे करबद्ध अपील है कि सभी सुधार एकमुश्त लागू कर दो ये कार्यकाल खत्म होने से पहले तब तो जनता आपको आगे चुनावों में जिताएगी अन्यथा मेरी भविष्यवाणी तो ये है कि जनता ने तो भगवान राम को भी नहीं बक्शा था !एक धोबी के कहने मात्र से इतनी अफवाह फैल गयी थी कि राम जी को भी माता सीता को बनवास देना पड़ा था !बाकि आप समझदार हो !मुझे तो आज भी विश्वास है कि -:"अच्छे दिन अवश्य आएंगे"!!जय हिन्द जय भारत !! 





5th पिल्लर करप्शन किल्लर" "लेखक-विश्लेषक पीताम्बर दत्त शर्मा " वो ब्लॉग जिसे आप रोजाना पढना,शेयर करना और कोमेंट करना चाहेंगे ! link -www.pitamberduttsharma.blogspot.com मोबाईल न. + 9414657511

Comments

Popular posts from this blog

बुलंदशहर बलात्कार कांड को यह ‘मौन समर्थन’ क्यों! ??वरिष्ठ पत्रकार विकास मिश्रा - :साभार -सधन्यवाद !

आखिर ये राम-नाम है क्या ?..........!! ( DR. PUNIT AGRWAL )

भगवान के कल्कि अवतार से होगा कलयुग का अंत !!! ????