Wednesday, February 1, 2017

"कुछ नहीं है भाता ,जब रोग ये लग जाता "...!! - पीताम्बर दत्त शर्मा - स्वतन्त्र टिप्पणीकार (मो.न.+ 9414657511)

मित्रो !!प्यार भरा नमस्कार ! प्यार से याद आया !मेरी नानी कहा करती थी कि बेटा !जो आदत इंसान को एक बार पड़ जाती है ना ,वो फिर ज़िन्दगी भर जाती नहीं इन्सान फिर चाहे जितने भी जतन करले !आज समाचार पत्र में फिर एक चौन्काने वाला समाचार पढ़ा !एक 80 साल की बुज़ुर्ग महिला से एक 28 साल के नोजवान ने "लव-मैरिज "कर ली !मन बड़ा हैरान-परेशान हो गया ये समाचार पढ़ कर ! मन की भड़ास निकालने हेतु कभी उसको सुनाएँ कभी किसी और को सुनाते घुमते रहे कई घंटों तलक ,मन फिर भी शांत नहीं हुआ तो अपनी धर्म-पत्नी जी को भी ये समाचार सुना  ही दिया !पत्नी बोली -"जोश-जोश में प्यार में मरना तो आसान है लेकिन साथ निभाना बड़ा ही मुश्किल होता है जी "!
                    निभाने पर याद आया कि आजकल राजनीति में भी कई नए गठबंधन हो भी रहे हैं और टूटते भी नज़र आ रहे हैं !शिव सेना साथ छोड़ रही है तो राहुल-अखिलेश मिल रहे हैं !वैसे कोंग्रेस का इतिहास भी ऐसा ही है कि आज गठबंधन करो कुछ समय बाद छोड़ दो !ज्यादा विश्वासपात्र नहीं है !"तीसरा मोर्चा "और उसके बाद 6 प्रधानमंत्रियों को देश की जनता भूली नहीं होगी !जिन्होंने थोड़ी-थोड़ी देर पता नहीं शासन किया इस देश पर या कोई "एहसान"किया !चलो !जो करेगा , सो भरेगा !!हमें क्या ?
                   एक और आदत बड़ी बुरी होती है जी !"चुगलियां और किसी की बुराई करना "!पंजाब के मशहूर गायक गुरदास मान साहिब ने बड़ा ही सुन्दर गीत भी गाय है कि - "खेडो !चुगलियां-चुगलियां"...!!!आज तलक इतने बजट सभी राजनीतिक दलों ने संसद में पेश किये हैं ,लेकिन किसी भी विपक्षी नेता ने उसे सराहा नहीं है जी !ज्यादातर नेता अपना राजनीतिक जीवन दूसरों की बुराइयां करते ही गुज़ार देते हैं जी !हमें ही देख लीजिये हमारा तो "धंधा"ही अपने लेखों में सबकी बुराइयां करना ही बन गया है !बसन्त के महीने में भी हम अपना लेख शुरू तो करते हैं प्यार की बातों से लेकिन अंत में राजनीति और बुराइयां करने में ही लग जाते हैं !
                        फिर भी इंसान को कोशिश करते रहना चाहिए !जैसे मोटे लोग पतला होने की कोशिश करते ही रहते हैं जी ! "मोटा"हूँ और एक मोती बात बताता हूँ जी जी आपको !-"प्रेम करने को चाहे कोई कितना भी बड़ा रोग बताये 'यकीन करना मत छोडो "जी केवल प्यार की किस्म बदल दो !!! जैसे देश को प्यार करना कभी नहीं छोडो !माता-पिता,बच्चों,रिश्तेदारों और दोस्तों को प्यार करना कभी बन्द ना करो !और हो सके तो भगवान् को भी अपना प्रेमी या प्रेमिका बना लो !क्योंकि जिन्होंने भी भगवान को अपना प्रेमी बनाया वो हमारे लिए खुदा जैसे ही हो गए !इसलिए मेरा तो यही कहना है जी कि - 
                 "प्यार बांटते चलो !और सहारा देते-लेते चलो " !! देख लेना फिर "अच्छे दिन अवश्य आ जाएंगे "!!जय हिन्द जय भारत !!जाते जाते एक गीत की पंक्ति और लिखता जाता हूँ इसे आप अवश्य गुनगुना कर पढ़ना चाहे जैसा भी गुनगुना सको मित्रो !गारंटी करता हूँ कि इस बसन्त के महीने अवश्य "आनन्द "आ जाएगा !-: "मैं इक राजा हूँ,तू इक रानी है .....!प्रेम नगर की ये इक सुंदर प्रेम कहानी है ........!!!!!

5th पिल्लर करप्शन किल्लर" "लेखक-विश्लेषक पीताम्बर दत्त शर्मा " वो ब्लॉग जिसे आप रोजाना पढना,शेयर करना और कोमेंट करना चाहेंगे ! link -www.pitamberduttsharma.blogspot.com मोबाईल न. + 9414657511

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