Saturday, July 1, 2017

"हमउं प्रवक्ता रहन अपनी पार्टीन का "!का समझे ?- पीताम्बर दत्त शर्मा ( लेखक-समीक्षक)

मित्रो ! एक लाईन बड़ी मशहूर हुई है कि "अगले जन्म मुझे बिटिया ही कीजो"! इसी तरह हमारे एक परम मित्र जो एक राजनीतिक पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी हैं ,लेकिन फिर भी उदास -उदास से रहते हैं !कल मुझसे टकरा गए ! उनका कहना है कि हमारे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इतने मशहूर नहीं और समझदार नहीं हैं जितने हमारी पार्टी के प्रवक्ता लोग !क्योंकि इतने न्यूज़ चेनेल हैं उनमें इतने राजनीतिक बहस के कार्यक्रम आते हैं कि पूछिए मत !हर कोई उनके दिए गए वक़्तव्यों को सुनता समझता है और फिर प्रतिक्रिया देता है ! बड़े-बड़े नेता ज्यादा समझदार होते हुए भी पीछे बैठे रह जाते हैं ! इसलिए वो भगवन से यही मान करते नज़र आते हैं कि  हे भगवान् !!"अगले जन्म मुझे प्रवक्ता ही कीजो "!!अन्यथा इस गंदी राजनीति से हमें दूर ही रखियो !
                         मैंने कहा हे मित्र !ज्यादा लालच मत दिखाओ,प्रदेश पदाधिकारी हो ,ये कोई छोटी बात है ?वो बोले नहीं यार ! तुम नहीं समझोगे मेरे इस मर्म को !जब कोई टीवी चैनल  पर मुस्कुराता हुआ पार्टी की तरफ से किसी बात का जवाब देता है तो वो "मालिक"सा नज़र आता है !मैंने कहा कभी कभी वो गलत बोल दिए जाने पर फंस भी तो जाता है ! वो बोले कोई बात नहीं ,लेकिन इस देश की जनता तो प्रवक्ताओं को ही देखती-सुनती है ना !वो एक बार जो बोलना शुरू कर देते हैं ,तो उनको कोई रोक नहीं सकता ,सवाल चाहे कोई पूछा जा रहा हो ,उन्होंने अपना चुनावी भाषण ही बोलना होता है !अगर एक घंटे का कार्यक्रम होता है तो उनकी कोशिश होती है कि आधे से ज्यादा समय उन्हीं को ही मिले ! विषय चाहे कोई भी हो उन्होंने तो सरकारों को ही गलत बताना होता है !क्योंकि एक जनसभा करने में पार्टी के लाखों खर्च हो जाते हैं और टीवी चैनल पर लाखों लोग उन्हें देख-सुन रहे होते हैं !
 मैंने कहा ये तो सत्य है बचत तो होती है पार्टियों की !बीएस उनको मौका मिल गया !कहने लगे ,और क्या तुम कुछ नहीं जानते अगर राजनीति में तरक्की करनी है तो बस एक ही फार्मूला है !! वो है "पार्टी-प्रवक्ता"का रास्ता वर्ना ...!! राहुल गांधी भी कामयाब नहीं हो सकते ! मेरा तो उन्हें सुझाव है कि वो अपने ख़ास अधिकारों का प्रयोग करते हुए अपनी पार्टी के एकमात्र प्रवक्ता बन जाएँ ! देखा नहीं तुमने ,एक प्रेस-कांफ्रेंस को कोन्ग्रेस के पांच पांच प्रवक्ता सम्बोधित करते नज़र आते हैं आजकल !जब राहुल जी ही एकमात्र प्रवक्ता होंगे तो सोचो वो कितने व्यस्त हो जाएंगे ??हर चेनेल से उन्हें ही बुलावा आएगा !प्रसिद्धी आसमान छुएगी !और फिर उन्हें अगला प्रधानमंत्री बनने से कोई नहीं रोक पायेगा !मैंने लम्बी सी हूँ..........!!! करके अपना पीछा छुड़ाया !  



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