Saturday, July 23, 2011

" AMAR SINGH " ------------- " BOL - BABY - BOL-------!!!!!!

दलाल मानसिकता वाले दोस्तों  ! , कमीशन भरा नमस्ते !जी हाँ दोस्तों,ये एक प्रकार की मनसिकता ही होती है कि कोई व्यक्ति सेवा करते - करते अपना मेहनताना लेने लग जाता है या फिर कोई चतुर व्यक्ति अपना हित साधने हेतु उस सेवा भावी को मेहनताना देना शुरू कर देता है , तो उस कमाई से जलने वाले लोग उस " मेहनताने " को दलाली और लेने वाले को दलाल कहने लग जाते हैं . पहले जब श्री - श्री १०८ श्री नरसिम्हा राव जी की सरकार अल्पमत में थी ,तब भी दलाल टाइप के लोगों ने बचाया था , और जब अपने " सरदार शरिफां दा" मन मोहन सिंह दी सरकार खतरे में आ गयी तो भी इन्ही सेवा भावी ,"दलाल टाइप " के अपने "अमर सिंह " ने अपनी फोज से बचाया | पता चल गया , शोर मच गया , लेकिन अपने अमर जी का कुछ नहीं बिगड़ा , क्योंकि वो उस समय समाजवादी पार्टी के सर्वे सर्वा थे ,और सरकार उस पार्टी के समर्थन पर टिकी थी और टिकी है , लेकिन आज अपने अमर जी महा सचिव नहीं हैं | तो हो गया " इशारा " और पुलिस जी ने बुला लिया ,परन्तु वह हमारे समाजसेवी " अमर सिंह " जी ,इसे कहते हैं " मालिक भक्ति " पठ्ठे  ने मुंह नहीं खोला ? " मुझे नहीं पता " की माला जपनी शुरू कर दी , पता है पुलिस तीसरी श्रेणी तो अपनाएगी नहीं ,फिर डर किस बात का , भगवान न करे अगर पुलिस ने तीसरा नेत्र खोलना भी चाहा तो " मानवीय अधिकारों के रक्षक "किस दिन काम आयेंगे जी | अभी तक तो पिछले बैगों का ही पता नहीं चला ,जांच चलती है तो चलती रहे नरसिम्हा राव जी ने तो राज चला लिया न ,? लेने वाले आज भी राज भोग रहे हैं  क्या तकलीफ है भला उनको जी | ऐसे ही अमर जी " अमर " हो जायेंगे ? और वो स्वर्गों में बैठ कर ये गाना गायेंगे कि " जनता की तो टायं - टायं फिस -फिस - फिस " जय राम जी की बोलना पड़ेंगा जी ???????

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"अब कि बार कोई कार्यकर्ता ही हमारा जनसेवक (विधायक) होगा"!!

"सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र की जनता ने ये निर्णय कर लिया है कि उसे अब अपना अगला विधायक कोई नेता,चौधरी,राजा या धनवान नहीं बल्कि किसी एक का...