Monday, May 25, 2015

"एक सार्वजनिक प्रार्थना-पत्र , सर्वोच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश के नाम "- पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो. न.- 94146-57511.

सेवा में,
                        श्रीमान न्यायाधीश महोदय जी,
                               सर्वोच्च-न्यायालय कार्यालय,
                                       नई दिल्ली !
विषय :-           जनहित मुद्दों पर याचिका हेतु !
श्रीमान जी,
                        आपके द्वारा भूतकाल में कई जनहित के विषयों पर अभूतपूर्व निर्णय सुनाये गए हैं ! उन्हीं से प्रेरित होकर ही आज मैं आपके समक्ष निम्नलिखित जनहित के मुद्दे रखना चाहता हूँ ! क्योंकि इन विषयों को हमारे माननीय नेतागण कभी भी अपने राजनितिक स्वार्थों के कारण संसद में उठाएंगे !कोई क़ानून बनने की तो सम्भावना ही नज़र नहीं आती !विषय ये हैं :-
1. हर प्रकार के आरक्षण देने या ना देने के कारणों की विस्तृत समीक्षा करवाई जाये !
2. भारत सरकार के किसी भी फ़ार्म में जाति - धर्म जानने का उल्लेख नहीं होना चाहिए !निजी स्तर पर भी इनको लिखना गैर कानूनी बना दिया जाये !
3. आज के बाद किसी भी धर्म-सम्प्रदाय का कोई नया निर्माण ना हो और कोई भी धार्मिक उत्सव,कार्य और प्रदर्शन सार्वजानिक स्तर पर ना करने दिया जाए ! सभी धार्मिक स्थलों को सरकार अपने कब्जे में ले ले ! केवल पूजा स्थल पर सम्बंधित धर्म का उपासक एक सरकारी कर्मचारी के तौर कार्य करे और वेतन पाये ! बाकी बची जगह और " चढ़ावे "को जन-कल्याण हेतु प्रयोग में लाया जाए !
4. किसी भी राजनितिक दल के नेता को वर्ष में 5 बार से ज्यादा भाषण ना देने दिया जाये !
5. समाचार माध्यमों को जवाबदेह बनाया जाए !आचार-संहिता लागू होनी चाहिए !
6. चुनाव खर्च सरकारी होना चाहिए , और 20% से कम वोट प्राप्त करने वाले नेता को अयोग्य घोषित कर देना चाहिए फिर वो जीवन भर चुनाव ना लड़ सके ! 
7. हर भारतीय विद्यार्थी को फौजी ट्रैनिंग लेना और रोजगार सम्बंधित विषय पढ़ना आवश्यक किया जाए !
8. आज की मंहगाई को देखते हुए 500/- रुपये से कम कमाने वाले व्यक्ति को ही सरकारी सब्सिडी और सुविधाएँ मिलनी चाहियें !
9. भारत में न्यूनतम मजदूरी सब हेतु 400/- रूपये कर देनी चाहिए !
10. सभी प्रकार के धार्मिक संतों के प्रवचन सार्वजानिक तौर पर बंद होने चाहियें ! लाऊड स्पीकर का प्रयोग भी बंद होना चाहिए !
11. राजनीतक,धार्मिक,और जातीय प्रदर्शनों में होने वाले नुक्सान को सम्बंधित पार्टी से वसूला जाना चाहिए !
                       मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि आप द्वारा इन विषयों पर अवश्य मनन किया जायेगा ! इसे अक्षरशः नहीं तो समीक्षा करके लागू किया जायेगा !
                              सधन्यवाद !
                                                    आपका अपना ,
                                                पीताम्बर दत्त शर्मा ,
                 "5TH PILLAR CORRUPTION KILLER",नामक ब्लॉग रोज़ाना अवश्य पढ़ें,जिसका लिंक - www.pitamberduttsharma.blogspot.com. है !इसे अपने मित्रों संग शेयर करें और अपने अनमोल विचार भी हमें अवश्य लिख कर भेजें !इसकी सामग्री आपको फेसबुक,गूगल+,पेज और कई ग्रुप्स में भी मिल जाएगी !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल ईद ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.-www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!
आपका अपना - पीताम्बर दत्त शर्मा -(लेखक-विश्लेषक), मोबाईल नंबर - 9414657511 , सूरतगढ़,पिनकोड -335804 ,जिला श्री गंगानगर , राजस्थान ,भारत !

5 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (26-05-2015) को माँ की ममता; चर्चा मंच -1987 पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक

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  2. सुन्दर व सार्थक रचना प्रस्तुतिकरण के लिए आभार..
    मेरे ब्लॉग की नई पोस्ट पर आपका इंतजार...

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  3. बहुत खूब , शब्दों की जीवंत भावनाएं... सुन्दर चित्रांकन
    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
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