Saturday, April 2, 2011

MUGHE B. P. L. BANAADE RAAM ----------------!! !! !!

और दोस्तों क्या हाल है !!प्यार भरा नमस्कार स्वीकार करे !एक प्यार ही है चाहे जितना लेलो,चाहे जितना देदो,कोई मोल नहीं देना पड़ता !मगर दाल,रोटी,सब्जी हर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी चीज की कीमत चुकानी पड़ती है !कीमत देने के लिए रुपया होना चाहिए वही तो है नहीं इसी लिए भगवान् से प्रार्थना करनी पड़ी की हे भगवान् !मुझे बी.पी.एल.बनादे राम !भगवान् बोले मुझसे सरकारी कार्यों की अपील मत करो,उचित कोर्ट में अपील करो,मैं तो एक प्रकार का ही मनुष्य,ओरत या मर्द ,बनाता हूँ !जातियां,धर्म .उंच,नीच,सब इंसान खुद बनाता है !उसके बाद मैंने अमेरिका के सामने अपनी बात रखी,तो वे बोले हम तो लोकतंत्र की रक्षा के लिए हथियार देते हैं,बाद में अपना आदमी वहां का मुखिया बना देते हैं,रोटी,सब्जी हम बनिबनायी खाते हैं,अपने प्रधानमंत्री जी के पास जाओ,मैंने पी.एम्.जी से गुहार लगाई,वे बोले हम भी दुनिया की पांचवीं शक्ति  हैं,दूसरी शक्ति बनना है !इस लिए हम या तो बी.पी.एल.को दाल.रोटी.और रोजगार देते हैं,या फिर अमीर घरानों को प्रसन्न रखते हैं !तुम कौन हो?मैं बोला,सरजी मैं बीच वाला हूँ !पी.एम्.जी बोले तू तो पिसेगा,और अपने आप को गरीब कहेगा परन्तु कोई तुम पर विशवास नहीं करेगा !!गरीब तुझे सेठ जी कहेगा और मंहगी चीज बेचेगा तथा अमीर तुझसे मीठा बोलकर अपने सारे काम निकलवा लेगा !तू बार बार ठोकरें खायेगा !!तू   ही सभी पार्टियों के बारी बारी से प्रधानमंत्री बनाएगा,फिर पछतायेगा !!

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