Sunday, September 11, 2011

" DARI - SAHMI - BE-BAS - KAMZOR - BHRASHT - OR - LAACHAR - SARKAAR - ?? "

विशेषणों के धनि मित्रो , विशेष नमस्कार !हमारी केंद्र की सरकार के साथ रोज़ नए - नए विशेषण जुड़ रहे हैं , जैसे :- निक्कम्मी , बेबस , भ्रष्ट , कमज़ोर और डरपोक आदि - आदि | और दाद देनी पड़ेगी हमारे पी.एम्. , मंत्रियों , और ९०% सांसदों की जो इतनी गाली गलौज के बाद भी अपनी पीठ थप थपाते नहीं थकते , मनीष तिवाड़ी , कपिल सिब्बल , बंसल , सत्यव्रत , सिंघवी , रेणुका जी , कितने नाम गिनाऊं इन महा पुरषों के ??? जो राहुल , सोनिया जी पूछे बिना कुछ काम नहीं कर सकते |  देश वासी  उनसे  क्या उपेक्षा रखें ?? क्या रोज़गार निति और क्या  विदेश निति , सब चोपट कर दिया इन निक्क्मों ने ??? जनता में सरकार के प्रति जितनी निराशा आज है ?? उतनी पहले की किसी सरकार के  प्रति नहीं रही ??? और ये बेशरम नेता बार - बार जनता  को ये  कह कर और चिढ़ा रहे हैं कि हम तो २०१४ तक ऐसे ही करेंगे ??? अगर जनता को बुरा  लग रहा है  तो वो अगले चुनावों में नए एम्.पी.और एम्.एल.ऐ. चुन ले ???? मतलब इन मवालियों  को इतना घमंड है कि ये अगले चुनावों में  भी जनता को फिर से मुर्ख बनाकर जीत के प्रति आश्वस्त हैं | अब चैलेंज जनता को स्वीकार करना है ??? ये चतुर नेता जनता को पार्टी,धर्म , इलाके,और जातियों के बंधन में हमें बाँध कर , "अपना उल्लू सीधा " कर लेते हैं  ??????? इसलिए हमें अभी से संभलना और समझना होगा तथा समझाना भी होगा देश  कि भोली - भाली जनता को ??? बोलो ------ भारत -- माता -- की  -------- जय हो !!!!!!

No comments:

Post a Comment

"क्या तीन तलाक़ से तलाक़ हो पायेगा"? - पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक)

ना जाने किसकी प्रेरणा मुस्लिम महिलाओं को मिली , तीन तलाक़ से पीड़ित कई महिलाएं न्यायालय की शरण में चली गयीं !पीड़ित तो वे कई  समस्याओं से भी व...