Tuesday, December 13, 2011

" मान जाइये ......! मान जाइये....., बात मेरे दिल की जान जाइये " ! ! !!

रूठे हुए मित्रो , म्नुवल भरा नमस्कार स्वीकार हो !!! क्योंकि हमारी सर्कार भी धीरे - धीरे अब मान रही है !! सिटिजन चार्टर , विसल ब्लोवर , और न्यायिक व्यवस्था वाले बिल सदन में आ भी गए और पास भी हो गए !! अब कुछ हेर फेर के साथ " लोक - पाल " जैसा बिल भी पास हो जायेगा , क्योंकि सरकार अब विशेष सत्र बुलाने की बात भी कर रही है ||  अब प्रयास श्रेय लेने का हो रहा है , विपक्ष , n.g.o. और सरकार सब जोर - शोर से इसी प्रयास में लगे हैं || जनता को फिर सारे भूल जायेंगे ?? अपने अपने ढोल पीटने में ये सब लग जायेंगे ??? लेकिन जनता को अपने " घाव " हरे रखने होंगे ?? उसे तो अपने अंदर एक ज्वाला तब तक जलाए रखनी है जब तलक चुनाव नहीं आते केंद्र के ??? तब हमें सिर्फ उन लोगों को संसद में भेजना है जो वंहा जाने के बाद जनता को और जनता की समस्याओं को याद रखें , न की ऐसे लोगों को जिन्हें जनता की समस्याएँ " याद " करानी पड़ें ?????हमने  ऐसे लोगों को भी वोट नहीं देना जो हमें जातियों में बाँट रहे हैं , हमने ऐसे लोगों को भी वोट नहीं देना जो हमें किसी प्रकार का लालच देवे , न ही उनको वोट देना है जो हमारी पार्टी का प्रत्याशी तो है लकिन ईमानदार नहीं है , उसको भी वोट नहीं देना है जो हमे धर्मों में बांटे || बस हम सब मिल कर यही कसम खा लें की जो हमारी बात ईमानदारी से करेगा वोट उसी को मिलेगा चाहे वो निर्दलीय हो या दलीय , हिन्दू हो या मुस्लिम , सिख हो या इसाई , कांग्रेसी हो या भाजपाई , कामरेड हो या समाजवादी जो हमें ये न कहे की मंहगाई तो अभी और बढ़ेगी ?? या हिम्मत है तो चुनाव लड़ लो ?? ऐसा कहने वालों को चुनावों में निबटा जायेगा !! इस लिए लड़ाई अभी बाकी है !! देश का जो धन विदेशी बैंकों में पड़ा है उसे भी भारत वापिस लाना है ! बाबा राम देव जी ने " हुंकार " भरदी है | इसलिए जनता को अब उनका भी साथ देना है | ऐसे बेशरम नेताओं को दिखा देना है की " मालिक" जनता है न की नेता ???? अब लगता है की u.p.a. सरकार की कुम्भ्करनी नींद खुल गयी है और उसे सच्चाई सामने दिखाई देने लगी है , इसी मैं ये गाना गा रहा हूँ की " ममन जाईये ......! मान जाईये ..., बात मेरे दिल की जान जाइए !!......... बोलो .....जय ....श्री ...राम .....!!!! 

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