Friday, July 6, 2012

" क्या सरकारों का काम " तोड़ना " होता है "???

" जोड़ - तोड़ " में माहिर मेरे " शातिर मित्रो , " हाथ - जोड़ " कर नमस्कार कृपया स्वीकार करें !!!
                       भई जब हम छोटे थे तो बड़े - बड़े नेताओं - महा पुरुषों की जीवनियाँ पढाई जातीं थीं , चल - चित्र दिखाए जाते थे जिसमे ये विस्तार से बताया जाता था की फलाने नेता या महापुरुष ने अपने जीवन में सुखों की कामना को छोड़ कर देश - समाज हेतु ये - ये कार्य किये !! जिनको पढ़ कर मन में श्रध्दा पैदा हो जाती है !! ये अलग बात है की वो चाहे उसी वक्त पैदा हो या अक्ल आने के बाद पैदा हो श्रध्दा , लेकिन ये पक्का है की मन में श्रध्दा पैदा हो जाती थी !! 
                               आज कल तो लोग धक्के से अपनी या अपने नेता की इज्जत करवाते हैं , माला पह्न्वाते हैं , मूर्तियाँ लगवाते हैं और अनुसूचित जातियों के साथ सेंकडों साल पहले हुए अत्याचार को ढाल बनाकर पाठ्यपुस्तकों में अपने नेताओं की कहानियाँ छपवाते हैं !! हमारे प्रधानमंत्री जी के प्रवक्ता  को  पड़ता है कि प्रधानमंत्री जी का पद एक संस्था है कृपया इसका अनादर मत करें !!  महाभारत के एक राजा से अगर कोई उनकी तुलना करदे तो परेशानी होने लगती है !!
                                     अगर अपनी इज्जत इतनी ही प्यारी है तो भैये ऐसे काम ही क्यों करते हो जिससे लोग आपकी "आरती " उतारने लगें ??? किसी ने बड़ा खूब कहा है की हर आदमी की इज्जत उसके अपने हाथों में ही होती है  !!!! अब आप इस नए विषय को ही देखिये .... विदेशों के जहाज़ जब बंगाल की खाड़ी से होकर पाकिस्तान की तरफ जाते हैं अरब सागर की और तो उन्हें इस " राम - सेतु " की  वजह से ज्यादा चलना पड़ता है जिससे उन देशों को ये सफ़र मंहगा पड़ता है !! क्यासिर्फ़ इसी वजह से हम अपना राम सेतु तोड़ लें ???? जो हमारे दुश्मन को भी दूर रखने में मदद करता है और ये सभी हिन्दुस्तानियों की धार्मिक भावनाओं से भी जुडा हुआ है !!
                            आज कल ये भी देखने में आ रहा है की हमारे लीडर जरूरत से ज्यादा " जिद्दी " हो गए हैं , बस जो बात पकड़ ली वो ही करनी है चाहे जो भी हो !!! सरकार चलानी आ नहीं रही इन ससुरों को और उस पर खाज ये की अपनी मर्ज़ी चलाएंगे तो मैं भी इस सरकार को इस माध्यम से बता देना चाहता हूँ की जिस दिन ये राम सेतु टूटा उस दिन कई कुछ टूट जाएगा  जैसे लोगों का विश्वास की नेता हमारे रक्षक या पालक  हैं ....फिर वो होगा जो अफगानिस्तान में वंहा के प्रधानमंत्री " नजीर " या कर्नल गद्दाफी के साथ हुआ .....!! भगवन करे की वो दिन भारत में ना आये और उस दिन से पहले हमारे इन नेताओं को " अक्ल " आ जाए !! 
                            क्यों मित्रो !! आपका क्या कहना है इस बारे में ..., अपने अनमोल विचार आप हमारे ब्लॉग या ग्रुप जिसका नाम अब तो आपकी जुबां पर चढ़ ही गया होगा " 5th pillar corrouption killer " जिसको खोलने हेतु लिंक है :- www.pitamberduttsharma.blogspot.com. 
               आपका अपना मित्र :- पीताम्बर दत्त शर्मा 
                       संपर्क :- +919414657511. 

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