" ये आज़ादी नहीं , अतिक्रमण है जनाब !! इनको बाँधा जाना आवश्यक है " !! - पीताम्बर दत्त शर्मा ( लेखक-विश्लेषक ) मो. न. - 9414657511

माननीय प्रधानमंत्री जी ने भारत की जनता से सुझाव माँगे हैं कि उन्हें बताया जाए कि वो किन-किन विषयों पर भाषण दें ? भारतवासी भरपूर संख्या में अपने सुझाव अवश्य देंगे क्योंकि यही तो एक वो काम है जो हम बड़ी खूबी से करना जानते हैं ! 
                             माननीय मोदी जी !! आप बड़े ही चतुर सुजान हैं ! आप जानते हैं कि इस बहाने से जनता का आक्रोश अगर कुछ होगा तो वो कम हो जाएगा ! इसीलिए आपने ऐसा सोचा है ! तो लीजिये साहेब मेरे सुझाव हाज़िर हैं :-
1. भारत के नागरिकों की आज़ादी को कम किया जाए !क्योंकि हम जब चाहते हैं तभी हम दूसरों के मामले में टांग अड़ा देते हैं !हम जब चाहें काम करते हैं, जब चाहें नहीं करते ! हमें काम पर बैठे हुए भी काम ना करने की आज़ादी है !और तो और हमें किसी को काम नहीं देना भी खूब आता है ! हम किसी भी काम को गंदा, महंगा और देर से भी कर या करवा सकते हैं !
2. हम जब चाहें संत बन सकते हैं और जब चाहें डाकू बन जाएँ !जब चाहें देश-भक्त और जब चाहें गद्दार बन जाएँ !किसी सरकारी एजेंसी को  चलेगा तो पकडे जाएंगे ! पकडे गए तो पंद्रह-बीस साल केस चलेगा ! अगर सज़ा हो भी गयी तो कई मानवीय आधार पर छुड़वा भी सकते हैं !
3. हमारे भारत में तन्त्र और क़ानून ऐसा है कि एक मिनट के काम को सम्पूर्ण होने में बरसों लग जाते हैं और अगर हम ख़ास हैं तो कई देर लगने वाला काम मिनटों में भी हो सकता है !
                            क्या आप भाषण देने की बजाये ये घोषणा नहीं कर सकते कि देश की हर कुव्यवस्था को सुव्यवस्था में बदलने हेतु हम सभी दलों के राष्ट्री,प्रादेशिक नेता अपने सभी सचिवों के साथ दिल्ली के नेहरू स्टेडियम में एक मुश्त होकर बैठेंगे , तब तलक नहीं उठेंगे जब तलक सब विचार-विमर्श करके बदला नहीं जाता और लागू नहीं कर दिया जाता !??????
                              हम अब नहीं  देखना चाहते वो ही 21. तोपों की सलामी , उड़ते रंग-बिरंगे गुबारे और नेताओं के थके हुए चेहरे !!हम देखना चाहते हैं कुछ क्रांतिकारी कदम उठते हुए ! कुछ चलते हुए और आगे बढ़ते हुए !सब प्रकार की रियायतें समाप्त हों जनता की भी और नेताओं की भी !सिर्फ सेना में ही नहीं बल्कि देश के हर काम में एक रैंक और एक तनख्वाह और पेन्शन हो ! अपने आप उंच-नीच का अंतर भी समाप्त हो जाएगा !  वामपंथियों ने अपने मनमाफिक भारत का इतिहास लिखा , अपने मन-माफिक jnu., जामिया-मिलिया-इस्लामिया जैसी यूनिवर्सिटियों में पढ़ाया  !! जिसका नतीजा ये निकला कि चैनलों अखबारों में ऐसे पत्रकार पैदा हो गए जिनको कुछ भी अच्छा नहीं लगता ! और कई ऐसे नेता पैदा हो गए जिनको भारत की संस्कृति अच्छी नहीं लगती ! तो आप भाषण से क्या उखाड़ लोगे साहेब !
  ये आज़ादी नहीं , अतिक्रमण है जनाब !! इनको  बाँधा जाना  आवश्यक है " !!
                                मित्रो !!"5TH PILLAR CORRUPTION KILLER",नामक ब्लॉग रोज़ाना अवश्य पढ़ें,जिसका लिंक -www.pitamberduttsharma.blogspot.com. है !इसे अपने मित्रों संग शेयर करें और अपने अनमोल विचार भी हमें अवश्य लिख कर भेजें !इसकी सामग्री आपको फेसबुक,गूगल+,पेज और कई ग्रुप्स में भी मिल जाएगी !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल ईद ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.-www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!
आपका अपना - पीताम्बर दत्त शर्मा -(लेखक-विश्लेषक), मोबाईल नंबर - 9414657511 , सूरतगढ़,पिनकोड -335804 ,जिला श्री गंगानगर , राजस्थान ,भारत !


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