" राजनितिक दलों का लिविंग-रिलेशनशिप क्या गुल खिलायेगा "? - पीताम्बर दत्त शर्मा ( लेखक-विश्लेषक) - मो. न. - 9414657511

जैसे मानव जाति में विधिवत शादी-ब्याह करना अब पुराना रिवाज़ हो चुका है ! कुत्तों-बिल्लियों से  ज्ञान प्राप्त कर आज की युवा-शक्ति "लिविंग-रिलेशनशिप "में रहना ज्यादा पसंद करती है ! बिलकुल वैसे ही राजनीतक लोग अब किसी दल के साथ ना तो स्वयं उस दल की रीतियों-नीतियों के साथ निष्ठा निभाते हुए जनहित के कार्य करने में विश्वास रखते हैं और ना ही कोई पार्टी किसी दुसरे दल के साथ अपना" गठबंधन धर्म " निभाती है ! आजकल तो जैसे अपना या अपने दल का स्वार्थ सिद्ध हुआ वैसे ही ऐसे पराये हो जाते हैं जैसे वो एक दुसरे को जानते ही नहीं थे !
                        ऐसा कई बार करते हुए हमने वामपंथी दलों ,ममता,जयललिता,मुलायम और कांग्रेस आदि को देखा है ! कभी ये अकेले राजनीती करना पसंद करते हैं तो कभी किसी दुसरे दल के साथ !ऐसा करने के बहाने भी इन लोगों ने ढूंढें हुए हैं !भ्रष्टाचार, सेकुलरिज़्म और साम्प्रदायिकता इनके मुख्य बहाने हैं जिन्हें ये अपनी सहूलियत के अनुसार तोड़-मरोड़ लेते हैं !आजकल ऐसे लोगों ने ये सिद्ध करना शुरू कर दिया है कि जैसे कांग्रेस और U.P.A.की सरकारों में भ्रष्टाचार हुआ , भाजपा और N.D.A.की सरकार में भी वैसा ही भ्रष्टाचार हो रहा है ! जैसे संसद घोटालों की वजह से भाजपा नहीं चलने देती थी वैसे ही आजकल कांग्रेस नहीं चलने दे रही ! लेकिन मुझे तो भाजपा के नेताओं और प्रवक्ताओं पर गुस्सा आता है क्योंकि ये माकूल जवाब ही नहीं दे पाते उलटे शंका जाहिर करने लग जाते हैं ! कहीं ये भी विपक्ष से मिले हुए तो नहीं ?? पार्टियां क्यों अपने कार्यकर्ताओं तलक समय रहते सच्चाई पंहुचाती ! वामपंथी विचारधारा वाले पत्रकारों का तो काम ही यही है कि वो कम बेईमानों को भी कोंग्रेसियों जैसा घाघ चोर बनादें ! अगर नहीं बना सकें तो कमसे कम जनता में उनके प्रति वहम तो पैदा कर ही दें ! बाकी काम आगामी चुनावों में घाघ नेता करके जीत ही जाएंगे !
                        ऐसा नहीं है कि भाजपा में असंतोष दिखाने लायक कोई विषय नहीं हैं ! भाजपा भी संगठन स्तर पर खोखली होती जा रही है ! लेकिन माननीय शान्ता कुमार जी आपके पत्र लिखने की टाइमिंग गलत है साहेब !!हम भाजपाइयों की मूल समस्या ही यही है जनाब ! हम अपने आदमियों की कमियां तो बहुत निकाल सकते हैं लेकिन अपने आदमी का बचाव नहीं कर सकते !ये सभी स्तर पर होता है !काफी पुरानी समस्या है ये भाजपा में !पता नहीं कब दूर होगी ये समस्या ??
                             आम जनता बड़ी परेशान है जी ! बहन माया वटी जी ने संसद में कहा था कि " एक सांप नाथ है तो दूसरा नाग नाथ " लेकिन आजकल एक बिच्छू नाथ भी आ गया है दिल्ली का मुख्यमंत्री बनकर , वो कहता रहता है कि मुझे M.C.D.देदो मैं संभाल लूँगा !! मुझे दिल्ली की पोलिस देदो ! मैं सम्भाल लूँगा ! अरे भाई तू पहले अपना " गाल "तो संभाल ले कोई फिर से ना लाल करदे !
                              बेशर्मी की हद है जी इन नेताओं के बारे में जितना सुनो कह दो कम है ! आज के लिए इतना ही ! बाकि संसद के ड्रामे के बाद बताऊंगा ! सधन्यवाद !अपने विचार अवश्य लिखियेगा !पसंद आये तो शेयर भी कीजियेगा !
                                  मित्रो !!"5TH PILLAR CORRUPTION KILLER",नामक ब्लॉग रोज़ाना अवश्य पढ़ें,जिसका लिंक -www.pitamberduttsharma.blogspot.com. है !इसे अपने मित्रों संग शेयर करें और अपने अनमोल विचार भी हमें अवश्य लिख कर भेजें !इसकी सामग्री आपको फेसबुक,गूगल+,पेज और कई ग्रुप्स में भी मिल जाएगी !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल ईद ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.-www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!
आपका अपना - पीताम्बर दत्त शर्मा -(लेखक-विश्लेषक), मोबाईल नंबर - 9414657511 , सूरतगढ़,पिनकोड -335804 ,जिला श्री गंगानगर , राजस्थान ,भारत !



Comments

  1. आपकी इस प्रस्तुती का लिंक 23 - 07 - 2015 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2045 में दिया जाएगा
    धन्यवाद

    ReplyDelete
  2. उम्दा लेख सत्य उजागर कर रहा |

    ReplyDelete
  3. बहुत बढ़िया प्रस्तुति

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

बुलंदशहर बलात्कार कांड को यह ‘मौन समर्थन’ क्यों! ??वरिष्ठ पत्रकार विकास मिश्रा - :साभार -सधन्यवाद !

आखिर ये राम-नाम है क्या ?..........!! ( DR. PUNIT AGRWAL )

भगवान के कल्कि अवतार से होगा कलयुग का अंत !!! ????