गडकरी के बयान पर हंगामा क्यों बरपा?



राजेश कालरा   Tuesday November 06, 2012

बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी हर रोज़ विवादों को न्योता देते प्रतीत हो रहे हैं। अपनी कंपनी/कंपनियों में भ्रामक निवेश को लेकर घिरे गडकरी पर हर कोई रोड़ा ताने खड़ा है। लग रहा है इतना ही पर्याप्त नहीं था। नामी वकील महेश जेठमलानी ने दागी पार्टी अध्यक्ष के साथ काम करने से इनकार करते हुए राष्ट्रीय कार्यकारिणी से इस्तीफा दे दिया है और स्वामी विवेकानंद से डॉन दाऊद इब्राहिम की तुलना के बाद तो उन पर हर राजनीतिक पार्टी की भौंहें तन गई हैं।

कोई करप्ट है, तो उसके खिलाफ हर संभव कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें दया की कोई गुंजाइश नहीं है। अपराधी के साथ अपराधियों जैसा ही व्यवहार होना चाहिए, फिर चाहे वह कोई भी हो। गडकरी अपने द्वारा प्रमोट की गई कंपनियों में लगी पूंजी को लेकर इन विवादों में हैं। किसी दूसरे सामान्य संदिग्ध की तरह ही उनके खिलाफ भी जांच होनी चाहिए और उन्हें कोई रियायत नहीं मिलनी चाहिए। लेकिन, इससे अलग मैं कहना चाहूंगा कि स्वामी विवेकानंद और दाऊद को लेकर ताजा विवाद बेमतलब का है।

आखिर गडकरी ने ऐसा क्या कह दिया कि इतना हंगामा बरपा हुआ है? उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि अगर आप स्वामी विवेकानंद और दाऊद इब्राहिम के आईक्यू की तुलना करेंगे तो संभवत: समान पाएंगे, लेकिन देखिए कि दोनों ने इसका किस तरह से इस्तेमाल किया। एक राष्ट्र निर्माण और आध्यात्म के क्षेत्र में सर्वोच्च शिखर पर पहुंचे, दूसरा अपराध की दुनिया का सरगना बना।

बताइए, इसमें गलत क्या है? हम राई को पहाड़ बनाने के आदी हो चुके हैं। क्या हम अपने बड़े-बुजुर्गों से यह सब सुनते हुए बड़े नहीं हुए हैं कि अपने दिमाग का सही जगह इस्तेमाल करो। नैतिक शिक्षा की हमारी किताबें भी हमें लगातार यही सिखाती रही हैं कि हमें अपने दिमाग का इस्तेमाल सृजन के काम में करना चाहिए न कि विध्वंस में। मैंने जो देखा और सुना, इसके आधार पर कह सकता हूं कि उन्होंने ऐसा कुछ भी असाधारण नहीं कहा जिससे इतना बड़ा विवाद खड़ा हो जाए। केवल इतना कहा जा सकता है कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में गडकरी असंयमित लगे, खासकर जब आप किसी शीर्ष राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष जैसे पद पर हों तो हर शब्द तोल-मोल कर बोलना चाहिए।

यह सही है कि गडकरी नेता हैं और चुनाव को देखते हुए जब देश का सियासी तापमान चरम पर है, तो उन्हें जुबान खोलने से पहले अति सतर्क रहने की जरूरत है। गडकरी की भाषा मजेदार है और अगर वह जनसामान्य होते तो लोग इस पर ध्यान नहीं देते, लेकिन दुर्भाग्य से उनके पास यह स्वतंत्रता नहीं है। उन्हें अपनी जुबान पर लगाम लगानी होगी। ज्यादा और गैरजरूरी बातों से जहां उनकी साख को बट्टा लगेगा, वहीं उनकी पार्टी को भी नुकसान पहुंचेगा, जो सत्ताधारियों को करप्शन के आरोपों पर बेनकाब करने में जुटी है।

बिना मतलब के विवाद को इतर रखकर बात करें तो मैं हमेशा से कहता रहा हूं कि कहीं भी सफल होने के लिए होनहार होना जरूरी है। सफल लोगों पर आप नजर डालिए, भले ही वे भ्रष्ट क्यों न हों। अगर आप उनके गलत कामों को अलग करके केवल बुद्धिमता के स्तर पर देखेंगे तो समझ जाएंगे कि मैं क्या कह रहा हूं।

आतंक फैलाने वाले मास्टरमाइंड्स पर गौर कीजिए। उदाहरण के लिए न्यू यॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले की साजिश करने वालों की बात करते हैं। जिस चातुर्य से साजिश रची गई और फिर गुप्त रखते हुए इसे अंजाम गया, क्या कोई बुद्धू मास्टरमाइंड ऐसा कर सकता था? बिल्कुल नहीं। फर्क केवल इतना है कि जिसने भी यह साजिश रची उसने अपने दिमाग का इस्तेमाल निर्माँण के बजाय विध्वंस के लिए किया। उसके पास उन बहुत से लोगों से ज्यादा आईक्यू था, जिन्हें हम जानते हैं। लेकिन वह कभी भी हमारे सम्मान का हकदार नहीं होगा, जैसे कि दाऊद को हम कभी भी इज्जत की नजर से नहीं देखेंगे।
                                       प्रिय मित्रो, आपका क्या कहना है ...इस विषय पर ......???? अपने विचार आप मेरे ब्लॉग पर , जिसका नाम है..:- " 5th pillar corrouption killer " जाकर लिख सकते हैं !! जिसको खोलने का लिंक ये है...www.pitamberduttsharma.blogspot.com. आप मेरे ये लेख फेसबुक , गूगल+ , ग्रुप और मेरे पेज पर भी पढ़ सकते हैं !!! आप मुझे अपना मित्र भी बना सकते हैं और मेरे ब्लॉग को ज्वाईन , शेयर और कंही भी प्रकाशित भी कर सकते हैं !!!!

प्यारे दोस्तो,सादर नमस्कार !! ( join this grup " 5th PILLAR CORROUPTION KILLER " )
आप जो मुझे इतना प्यार दे रहे हैं, उसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद-शुक्रिया करम और मेहरबानी ! आपकी दोस्ती और प्यार को हमेशां मैं अपने दिल में संजो कर रखूँगा !! आपके प्रिय ब्लॉग और ग्रुप " 5th pillar corrouption killer " में मेरे इलावा देश के मशहूर लेखकों के विचार भी प्रकाशित होते है !! आप चाहें तो आपके विचार भी इसमें प्रकाशित हो सकते हैं !! इसे खोलने हेतु लाग आन आज ही करें :-www.pitamberduttsharma.blogspot.com. और ज्यादा जानकारी हेतु संपर्क करें :- पीताम्बर दत शर्मा , हेल्प-लाईन-बिग-बाज़ार, पंचायत समिति भवन के सामने, सूरतगढ़ ! ( जिला ; श्री गंगानगर, राजस्थान, भारत ) मो.न. 09414657511.फ ेक्स ; 01509-222768. कृपया आप सब ये ब्लॉग पढ़ें, इसे अपने मित्रों संग बांटें और अपने अनमोल कमेंट्स ब्लाग पर जाकर अवश्य लिखें !! आप ये ब्लॉग ज्वाईन भी कर सकते हैं !! धन्यवाद !! जयहिंद - जय - भारत !! आप सदा प्रसन्न रहें !! ऐसी मेरी मनोकामना है !! मेरे कुछ मित्रों ने मेरी लेखन सामग्री को अपने समाचार-पत्रों में प्रकाशित करने की आज्ञा चाही है ! जिसकी मैं सहर्ष आज्ञा देता हूँ !! सभी मित्र इसे फेसबुक पर शेयर भी कर सकते है तथा अपने अनमोल विचार भी मेरे ब्लाग पर जाकर लिख सकते हैं !! मेरे ब्लाग को ज्वाईन भी कर सकते है !! 
आपका अपना
पीताम्बर दत्त शर्मा
हेल्प-लाईन- बिग- बाज़ार
आर. सी.पी. रोड, पंचायत समिति भवन के सामने, सूरतगढ़ ! ( श्री गंगानगर )( राजस्थान ) मोबाईल नंबर :- 9414657511. फेक्स :- 1509 - 222768.
DEAR FRIENDS , HI !! SAADAR NAMASKAR !! WELCOME AND SHUBHKAMNAYEN SWIKAR KAREN !! DOSTO AAJ SE MAIN AAPKO " JAAGRAN JUNCTION " PE BHI MILUNGA OR MERE NAAM KAA EK " PAGE " BHI BNAYA GYAA HAI !! IS TARAH AB MAIN AAPKO , FACE BOOK , PAGE , B
LOG , GOOGLE + OR GRUPS PE BHI MILUNGA !! AAP IN SAB JAGAH PAR MERE OR MERE MITRON DWARA LIKHE LEKH PADH SAKENGE !! IS LIYE AAP SABSE ANURODH HAI KI AAP " 5TH PILLAR CORROUPTION KILLER " KO JOIN KIJIYE , SHARE KIJIYE , READ KARIYE OR APNE ANMOL COMMENTS BHI IS PAR JAAKAR LIKHEN !! ISKO KHOLNE KA LINK HAI :-www.pitamberduttsharma.blogspot.com. vicharon ki duniya main aap sab vicharkon kaa swgat hai !! or saadar nimantran hai !! jyada jaankaari hetu call karen ..:- 09414657511. fax :- 015090-222768 . 

Posted by PD SHARMA, 09414657511 (EX. . VICE PRESIDENT OF B. J. P. CHUNAV VISHLESHAN and SANKHYKI PRKOSHTH (RAJASTHAN )SOCIAL WORKER,Distt. Organiser of PUNJABI WELFARE SOCIETY,Suratgarh 

Comments

  1. आपके लेख से मुझे तो यह बात सही लग रही है कि हमारी देश की ज्यादातर मीडिया बिकाई हो गयी है जो ऐसे मसले पर बात का बतंगड बना कर खडी है जबकि इस बात पर बखेडा खडे वालों का आई क्यू भी पता लग गया है कि इनमें तो दिमाग नाम की चीज है ही नहीं?

    आभार आपने बेहद साफ़ शब्दों में यह बात सबको समझा दी है, अब जिसमें आई क्यू होगा ही नहीं वो कैसे समझेगा?

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

बुलंदशहर बलात्कार कांड को यह ‘मौन समर्थन’ क्यों! ??वरिष्ठ पत्रकार विकास मिश्रा - :साभार -सधन्यवाद !

आखिर ये राम-नाम है क्या ?..........!! ( DR. PUNIT AGRWAL )

भगवान के कल्कि अवतार से होगा कलयुग का अंत !!! ????