Monday, January 16, 2017

"अलग विचारधारा"या देश-द्रोह ? - पीताम्बर दत्त शर्मा (स्वतन्त्र-टिप्पणीकार) मो.न. - +9414657511

अलग विचार धाराएं भारत में आज से नहीं तबसे हैं जब से सृष्टि ने इसका निर्माण किया था !सबकी बातें सुनी जाती थीं , सुनी जाती हैं और सुनी जाती रहेंगी इस भारत में !लेकिन इस तथाकथित विचारधारा के नामपर देश को तोडने का काम और स्वयं को सत्ता में स्थापित करने का कुत्सित प्रयास जबसे होने लगा तो इसका भरपूर विरोध भी भारत में होने लगा !ये भी एक कटु स्तय है !लेकिन इन नए "विचारकों" ने बड़ी ही चतुराई से पहले मुस्लिम शासकों , फिर अँगरेज़ शासकों के धर्म को भारत में मान्यता दिलाने के प्रयास में मदद देने का लालच देकर अपने लिए उनकी नज़रों में एक विशेष स्थान बना लिया !
                            एक "फार्मूला"ये बन गया कि वो इनको धन और सन्मान देते थे ,स्मृति चिन्हों के साथ ऊंचे स्थान सत्ता में देते थे , उसके बदले में ये भारत के हिंदुओं को उसकी संस्कृति, इतिहास और परम्पराओं से बड़ी "दूर" ले गए !इस छिपे हुए मिशन के कार्यकर्ताओं की वेशभूषा ठेठ भारतीय होती है , जैसे इनकी महिला-कार्यकर्ता मोटी बिंदियाँ लगाती हैं,सूती वस्त्र पहनती हैं और सूखे सफेद बाल लहराकर चलती हैं तो वहीँ पुरुष कार्यकर्ता भी सादे वस्त्र लेकिन घातक-विचारों से भरे हुए होते थे !ये लोग अक्सर गरीब मजदूरों,जन-जाति के भोले-भाले लोगों को ही पहले अपना निशाना बनाते हैं , फिर छात्रों को और अंत में भोले-भाले राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भड़काकर देश की "प्रगति"को रोकने का प्रयास करते रहते हैं !
                          आपने ये तो सूना होगा कि किसी कॉमरेड लीडर या संस्था ने कोई "बन्द"का ऐलान कर दिया हो या हड़ताल करवा दी हो , लेकिन ये कभी नहीं सुना होगा की किसी कॉमरेड ने देशहित में ज्यादा काम करने की सलाह दी हो , या कोई कार्यक्रम चलाया हो ! इनके नेता संसद की कार्यवाहियां रोकते हैं , वर्कर गाड़ियाँ रोकते हैं ,तोड़फोड़ करते हैं तो इनके शिक्षाविद और पत्रकार बड़े विद्वता से भरे विचारों से देश और समाज को तोड़ने का काम करते हैं !इसीलिए ये लोग भारत को जोड़ने वाले संगठनों को "साम्प्रदायिक-ताक़तें"कहते हैं !धर्म से चलने वाली कोई भी चीज़ भला "घातक" कैसे हो सकती है जी ??
                       लेकिन हमारे भारत की भोली-भाली  जनता को  जिसे ये चालाक लोग "बुद्धिमान-जनता" कहते हैं , बड़ी ही चतुराई से बेवकूफ बनाते रहते हैं !और हम बेवक़ूफ़ बनते रहते हैं जी !पता नहीं कब हमें अक्ल आएगी ?एक बार हम अक्ल का प्रयोग कर लेते हैं तो कुछ समय पश्चात हमें हमारा ही निर्णय गलत लगने लगता है इनकी चतुराई भरी बातें और तर्क सुनकर !भारत काफी बड़ा देश है इसलिए कोई भी नेता सारे क्षेत्र पर अपना काबू नहीं पा सकता !ये चोर और ड्रामेबाज़ लोग अपने कुत्सित इरादों में सफल हो जाते हैं !
होशियार - खबरदार !! जागते रहो वैचारिक दृष्टि से भारतवासियो !जय - हिन्द जय भारत !!




5th पिल्लर करप्शन किल्लर" "लेखक-विश्लेषक पीताम्बर दत्त शर्मा " वो ब्लॉग जिसे आप रोजाना पढना,शेयर करना और कोमेंट करना चाहेंगे ! link -www.pitamberduttsharma.blogspot.com मोबाईल न. + 9414657511

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