"मुलायम की "मुलायम - चाल"!!-पीताम्बर दत्त शर्मा (स्वतंत्र-टिप्पणीकार) मो.न.+ 9414657511

समाजवादी उसे कहते हैं जो सभी लोगों का बराबर ध्यान रख्खे,जाति-पाति,धर्म और इलाकेवाद में कोई भेदभाव ना बरते !लेकिन उत्तर प्रदेश के तथाकथित समाजवादी अब अपना धर्म भूल कर जनता को बरगलाने का काम कर रहे हैं !केवल अपने परिवार की चिंता करते नजर आ रहे हैं !अपनी विचारधारा को सभी राजनीतिक दल कभिका त्याग चुके हैं !कोंग्रेस केवल घोटाले करके बराबर-बराबर हिस्से बांटने में विश्वास करने लगी है ,कम्युनिस्ट लोग मेहनतकश का साथ छोड़ ,सत्ता पाने के लिए लालायित नज़र ज्यादा आते हैं तो क्षेत्रीय दल केवल एक परिवार का ही शासन चले इसी फ़िराक में लगे रहते हैं !वहीँ "अलग"किस्म की पार्टी नज़र आने वाली भाजपा भी कभी देशभक्ति करती नजर आती है तो उसके कई नेता सबसे बड़े बेईमान भी नज़र आते हैं !"राम मन्दिर बनाने की कसम खाने वाले "आधे तो बेचारे राम को प्यारे हो गए , या फिर "मार्ग-दर्शक"बना दिए गए !बेचारे मोदी जी अकेले दस-पन्द्रह लोगों के साथ क्या और कितना कर पाएंगे ये भी देखने की बात होगी !जनता सब जानती है शायद इसीलिए मोदी जी को अपना भरपूर समर्थन दे रही है !
                         राहुल गांधी ने ऐसा तीर छोड़ा है कि उनके दोनों हाथों में लड्डू आने की सम्भावना है , उन्होंने धीरे से ऐसी चाल चल दी है किअगर मुलायम-अखिलेश एक हुए तो इतना "ड्रामा"हो चुकाहै कि जनता उन्हें अपने वोट नहीं देगी ,और अगर अखिलेश बापू को छोड़ भैया से हाथ मिलाकर चुनावों में गए तो कोंग्रेस अपने को बड़ा साबित करने में लग जायेगी !क्योंकि उनकी भी वोट प्रतिशत बढ़ जायेगी ना !!समझते नहीं हो आप !!शीला जी तो पहले ही अपना दावा छोड़ चुकी हैं !और राज बब्बर साहिब तो एक आधा "डायलोग"मारने के ही आदि हैं जी !बड़े रोल वो फिल्मों में ही नहीं कर पाते आजकल तो राजनीति में उनसे बड़े कई नेता हैं जी उत्तर-प्रदेश में !
                          बहनजी हमारी बेचारी "माया"बदलवाने के चक्कर में ही उलझी पड़ी हैं !सारी टिकटें बाँट कर फ्री हो गयी हैं !दावेदार अपने-अपने क्षेत्र में घूमने चालु हो गए हैं लेकिन जनता उन्हें भाव नहीं दे रही है !क्योंकि खिलाने-पिलाने को कुछ है नहीं बेचारों के पास !अब चाहे कोई भी जाति का हो , वोटर खायेगा-पिएगा नहीं तो "गीत कैसे गायेगा "?बताइये आप बरसों पुरानी आदतें एक साथ तो नहीं बदलतीं ना जी !!
                              मुलायम जी कुछ मुलायम इसलिए भी हुए हैं की आज़म भाई ने समझाया है कि अपने साथ हमें भी क्यों "राजनितिक-बनवास"दिलाने को तुले हो मित्र !!मुलायम हो जाओ !लेकिन अब "राम और गोपाल चाचा के कहने पर अखिलेश सख्त हो गए हैं !राहुल भैया ने जो "मुंगेरी लाल के हसीं सपने " जो उन्हें दिखा दिए हैं जी !!
 इसलिए "मुलायम की "मुलायम - चाल"!!
"5th पिल्लर करप्शन किल्लर" "लेखक-विश्लेषक पीताम्बर दत्त शर्मा " वो ब्लॉग जिसे आप रोजाना पढना,शेयर करना और कोमेंट करना चाहेंगे ! link -www.pitamberduttsharma.blogspot.com मोबाईल न. + 9414657511


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