Saturday, February 25, 2012

क्या मिडिया देश में शान्ति नहीं आने देना चाहता ....???

प्रिय मित्रो , सीरियसली नमस्कार !! कल मैंने एन.डी.टी.वी. में देश के एक महानतम पत्रकार श्री हृदयेश जोशी जी द्वारा प्रस्तुत गुजरात पर एक कार्यक्रम देखा जसका नाम था " गुजरात , दर्द के दस साल " जैसे ही ये कार्यक्रम शुरू हुआ मुझे अखरने लगा , क्यों की जोशी जी ने गुजरात दंगों की कहानी सीधा मुसलामानों की हत्याओं से शुरू की , उस गोधरा की घटना का उन्होंने ज़िक्र तक करना जरूरी नहीं समझा ...???? मैंने सोचा शायद आगे जाकर प्रोग्राम कोई नया मोड़ ले ले , शायद कोई सकरात्मक बात कहनी हो ???? लेकिन मुझे बड़े ही अफ़सोस के साथ ये कहना पद रहा है की "क्या मिडिया देश में शान्ति नहीं आने देना चाहता ....???" मैंने उनकी वाल पर जाकर एक शिकायती पोस्ट लिखी , क्योंकि वो मेरे फेस बुक फ्रेंड भी हैं ।मैं उनका बहुत सन्मान करता हूँ , शायद इसी लिए मैं इस बात को पचा नहीं पा रहा हूँ !! पता नहीं उनकी क्या मजबूरी थी.......?????? क्या उनकी नौकरी का सवाल था ???. ये दंगे जब हो रहे थे तो इसी चेनल की बरखा दत्त ने भी केवल ऐसे फुटेज दिखाए थे जिस से ये आभास होता था की दंगों में सिर्फ और केवल सिर्फ मुसलमान ही मारे गए हैं । ये कम समझ वाला इंसान भी बता देगा की जब भी कोई दो पक्ष लड़ते हैं तो दोनों को चोट लगती है , किसी "एक को नहीं ...???? मैंने जो पोस्ट उनकी वाल पर टैग की है वो निम्न लिखित है : KYAA NAKRAATMAK KAARYKRAM BANA KAR DIKHAANA PATRKAARON KI KOI MAZBOORI HAI ???? YA INKI SOCH HI AISI HO JAATI HAI ???.... DESH KE PRSIDH PATRKAAR ...SHRI MAAN hridyesh joshi ji, namaskaar !!, aapka t.v. karykram " gujrat, darad ke 10 saal " sekhaa . sach kanhoo to mujhe karykram pakshpaat se bhara nazar aayaa . kaarykram ki shuruaat hi bhed bhav pooran rahi . aapne seedhaa dangon se shuru kiyaa .jabki ye dange " godhraa ki saajish bhari durghatna "se shuru hue . uska aapne zikr tak jroori nahi samjha .kyaa ye noukri ki majboori thi .darasal main istarah ke karykram jab banaye jaayen to bina cut ke cemra chalna chahiye . tabhi janta ki baat sachchi dikhegi . main ye to nahi kahunga ki aapne kisi wakta ko pahle samjhaa kar fir shooting ki hai . lekin aisaa sambhav hai . baaki aapka samaapti wala shar pasand aayaa , aapne dooriyaan mitaane ki koi salaah bhi nahi di . ab patrkaaron ko precticle bhi hona chahiye . aap jaisa bada patr kaar agar 10 saal baad bhi zakhmo ko hara karne ka hi kaarya karta hai to mujhe mahsoos hota hai koi chota sa ya tuchcha sa patrkaar ye kaary karta to main use bikaau maal samajh kar ignor kardeta . lekin aapse mujhe ye ummeed bilkul bhi nahi thi ki aap aisa program banayenge . kyaa aap ne bhi bhavnain bhadkaane wala kaam nahi kiyaa ..???? kripyaa aap bhi sochiye ,or aap jaise bade patrkaaron ko bhi aage se soch samjh kar hi karykram banaane chaahiyen . ham aapko bahut pyaar karte hain or aapka poora sammaan bhi karte hain . ho sakta hai ki prtyaksh roop se maine aapki kabhi prshansa na ki ho lekin hmaare man main aapke liye ek vishesh sthaan hai . pease bura mat maaniyega . main sirf itna kahna chahtaa hoon ki desh aapse " sakraatmak " karyakram chaahta hai " nakraatmak " nahi ...? aapka priya mitr :- PITAMBER DUTT SHARMA . MO.NO. 09414657511. " 5TH PILLAR CORROUPTION KILLER "
आप सब समझ दार पाठक मित्र हैं , कृपया अपने सभी मीडिया के साथियों से कहें की सब पत्रकार भाई अपनी जिम्मेदारी को समझें क्योंकि पत्रकार " लोक तंत्र का जो चोथा स्तम्भ होता है उसकी नींव हैं आप लोग " ?????? कृपया भगवन का वास्ता है .......पत्रकार मित्रो सकरात्मक पत्रकारिता करें !! ज्यादा मेरे विचार पढना चाहें या अपनी अनमोल प्रतिकिरिया  देना चाहें तो log.on. www.pitamberduttsharma.blogspot.com. आपकी प्रति क्रिया की प्रतीक्षा में .... आपका मित्र ... पीताम्बर दत्त शर्मा , 

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