"हम तो पूछेंगे कि…सूरतगढ़ की सड़कें इतनी जर्ज़र हालात में क्यों हैं जी "??? - पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक) मो. न. - 9414657511

           राजस्थान का एक सुन्दर और प्यारा  सा  नगर सूरतगढ़ , जिसे हम सोढल नगर से भी जानते हैं ! यहाँ एक सुन्दर सा किला,जिसके पास ही घाटों से सुसज्जित एक तालाब , जिसे हम आज "ढाब"के नाम से जानते हैं ! इस तालाब के पास भगवान भोले-शंकर, गणेश,हनुमान,शनि देव और माता जी के भव्य मन्दिर बने हुए थे ! किले से एक चौड़ी कच्ची सड़क आदर्श कालोनी की तरफ जाती थी,एक चौड़ी सड़क स्टेशन से सीधे हाईवे तक,  चौड़ी सड़क गोशाला रामनाथ जी की कुटिया और बिश्नोई मंदिर के चारों और घूमती हुई कोहेनूर सिनेमा की तरफ जाती थी !श्रीगंगानगर,हनुमानगढ़ बड़ोपल , बीकानेर और अनूपगढ़ जाने वाली सड़कें इसको बाहर से खूबसूरत बनाती थीं ! हमारा ये शहर कच्ची सड़कें होने के बावजूद सुन्दर और खुला-खुला नज़र आता था !
                                             जैसे जैसे समय बदलता गया ,वैसे वैसे इस शहर की शक्ल भी बदलती गयी ! खुली कच्ची सड़कें पक्की लेकिन संकरी गलियों में तब्दील होती चली गयीं !जब श्रीमती आरती शर्मा सूरतगढ़ नगरपालिका की चेयरमैन बनीं, तो उन्होंने स्टेशन रोड और शहर की अन्य सड़कें भी बनवायीं ! शहर के लोग आज भी उनके कार्यकाल को याद करते हैं ! लेकिन उसके बाद जो भी चेयरमैन बना उन्होंने इस शहर की सड़कों पर धन तो अनाप-शनाप खर्च किया लेकिन उनकी निर्माण-कवालिटी पर बिलकुल भी ध्यान नहीं दिया ! जिसका नतीजा ये निकला कि सड़कें बनने के कुछ समय पश्चात ही टूटती चली गयीं, फिर बजट बनते गए फिर सड़कें बनती गयीं और फिर टूटती गयीं ! आज जब हम शहर के किसी भी हिस्से में से गुजरते हैं तो कंही बरसात से बने गड्ढे,कहीं जायज़-नाजायज़ बने स्पीड-ब्रेकर और कहीं आसपास के लोगों और किसी डिपार्टमेन्ट द्वारा लगाये गए लम्बे-लम्बे कट हमें संभल कर चलने को मजबूर कर देते हैं !!
                            सड़कें हमारे जीवन से सीधे जुडी हुई हैं ! हमारे जीवन का काफी हिस्सा सड़कों पर ही गुजरता है !सफर करना हो , टहलना हो,शादी की बरात में नाचना हो,राजनितिक प्रदर्शन करना हो या फिर कोई धार्मिक-पारिवारिक आयोजन करना हो , इन सड़कों की ही आवश्यकता हमें पड़ती है !कई फिल्मों में भी हीरो-हीरोइन सड़कों पर गीत गाते हुए नज़र आ जाते हैं !तो क्या हमारी भी कोई जिम्मेदारी बनती है या नहीं सड़कों के प्रति ??क्या सिर्फ दूसरों पर ही ऊँगली उठाना उचित रहेगा ?? क्या सारा ठीकरा प्रशासन पर  फोड़ना सही होगा ??तो आइये !!सबसे पहले हम अपनी जिम्मेदारियों पर ही नज़र डालें !!
                                क्या हम अपना फ़र्ज़ निभा रहे हैं ??क्या हम सड़क पर चलने में "नियमों" का पालन करते हैं ? क्या हम घर-दुकान के आगे की सड़क को साफ़ रखते हैं ?क्या हम बिना वजह सड़क पर पानी बिखेरते रहते हैं ?क्या हम सड़क का पानी अपने घर के आगे वाली नाली में जाने देते हैं ?क्या हम सड़क में अपने छोटे से स्वार्थ की पूर्ती हेतु बड़ा सा खड्डा करने में भी नहीं हिचकिचाते ? इन प्रश्नों के तराज़ू पर पहले हमें अपनेआपको तोलना होगा !तब हम किसी दुसरे से प्रश्न पूछने के हक़दार होंगे जी ! क्योंकि सारी जनता उपरोक्त प्रश्नों की दोषी नहीं हो सकती इसलिए हमने उस सच्ची और समझदार जनता के प्रश्नों को पूछने हेतु सबसे पहले P.W.D.विभाग के सूरतगढ़ कार्यालय के एक्सियन श्री मान सुनील बिश्नोई जी से मिले !
                   उनसे हमने पूछा कि साहेब हमारे सूरतगढ़ के अन्दर और बाहर से आपके विभाग की सड़कें जाती हैं , उनकी हालत इतनी जर्जर क्यों हैं ? तो उन्होंने हमें बताया कि जो सड़क इंदिरा सर्किल से चेतक चौक तक जाती है ,जिसे हम "बीकानेर-रोड या गुरु गोबिंद सिंह मार्ग"भी बुलाते हैं , वो हमने सन 2006 - 2007-8 में  थीं ! उसके बाद ना  किसी राजनितिक दल ने और नाही किसी चेयरमैन ने हमें इसे बनाने की मांग करी !हमारा विभाग 15 साल बाद किसी सड़क को दोबारा बनता है !इंदिरा सर्किल से माणकसर तक जाने वाली सड़क जून 2016 तक नयी बन जाएगी ! इस पर काम चालु है !बड़ोपल को जाने वाली सड़क तहसील सीमा तक नयी बना दी गयी है !माणकसर से हनुमानगढ़ वाली सड़क नयी बनी हुई है ! खड्डों के बारे में पूछने पर एक्सईएन सुनील बिश्नोई जी ने बताया कि मात्र 3 करोड़ रुपये हमें हर साल मिलते हैं हमें रख-रखाव हेतु , वो हम आवश्यकतानुसार खर्च करते रहते हैं ! अभी हमारे प्रधानमंत्री जी जब सूरतगढ़ पधारे थे तो हमने सूरतगढ़ की कई सड़कों को रिपेयर था !भ्रष्टाचार के  में जब हमने उनसे पूछा कि P.W.D.विभाग और भ्रष्टाचार एक दुसरे " पर्यायवाची-शब्द " कैसे बन गए ?? तो उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार करना या नहीं करना , ये प्रत्येक व्यक्ति के साथ अलग-अलग रूप से जुड़ा हुआ है ! हम किसी पूरे विभाग को इस नज़र से नहीं देख सकते ! जो चोरी करेगा वो सजा का हक़दार होगा !हमने कहा कि इसका मतलब तो ये हुआ कि जो पकड़ा जाये वो चोर और बाकी साधू ?? वो हंस पड़े तो उनके साथ हम भी हँसते हुए राम-राम करते हुए उनके कार्यालय से बाहर आ गए !
                                      फिर हमने नगरपालिका की और अपना रुख किया जिसके जिम्मे शहर की सारी सड़कों को बनाने और रिपेयर करने की  जिम्मेदारी है !हम कार्यालय पंहुचे तो पूर्व पार्षद सुनील छाबड़ा ,पार्षद विक्की अरोड़ा,नगर पालिका के उपाध्यक्ष पवन ओझा जी और 2-3पार्षद पति महोदय भी बैठे थे !इतने में ही हमारी चेयरमैन साहिबा श्रीमती काजल छाबड़ा जी भी अपने कार्यालय में पधार गयीं !स्वागत और राम-राम की औपचारिकता के बाद सड़कों के आज के हालात के बारे में चर्चा शुरू हुई तो हमने पुछा कि, मैडम सूरतगढ़ में आज सड़कों की हालत ऐसी क्यों ? तो उन्होंने बताया कि आप सच कह रहे हैं !आज शहर की शायद ही कोई सड़क वर्षा के प्रभाव से टूटने  होगी ! इसीलिए मैंने चेयरमैन बनते ही शहर के सभी वार्डों में सड़कों के 80 मीटर से लेकर 1080 मीटर तक के टुकड़े रिपेयर करवाये या बनवाए थे ! हमने फिर हमारी चेयरमैन श्रीमती काजल छाबड़ा जी से पूछा कि मैडम वो भी सारी टूट गयी हैं अब आगे आपका क्या कार्यक्रम है ? नयी सड़कें , नालियाँ और पुलियों का निर्माण कब शुरू करवा रहे हो ? तो उन्होंने हमें बताया कि हमने 3 निविदाएं निकाल दी हैं जनता के कष्ट को महसूस करते हुए शहर के हर वार्ड में जहां रिपेयरिंग की आवश्यकता है वहाँ रिपेयरिंग करवा रहे हैं जहाँ नयी सड़कों की आवश्यकता है वहाँ सड़कों के साथ-साथ नालियों और सार्वजानिक टॉयलेट्स का भी निर्माण करवा रहे हैं ! जिनकी निविदाएं  जारी कर दी गयी हैं ! कुल 817. 86 लाख के कार्य जल्दी ही शुरू करवा दिए जायेंगे !
                          हमने एक और प्रश्न किया कि मैडम कभी इन सड़कों की क्वालिटी की भी जांच नगरपालिका ने करवाई है ?तो  उत्तर था कि p.w.d.कवालिटी कंट्रोल श्रीगंगानगर से टेस्टिंग रिपोर्ट हमने ली थी जो संतोषप्रद है ! अगला प्रश्न हमने ये किया कि ओवर-ब्रिज के उद्घाटन हेतु काफी लोग जल्दी में हैं , तो इसका उद्घाटन कब होगा, और अण्डर-ब्रिज कब शुरू हो रहे हैं ?? तो चेयरमैन साहिबा ने बताया कि जो हमारे पास अभी तक जानकारी है उसके मुताबिक 15 सितंबर 2015 तक ओवरब्रिज शुरू हो जायेगा ! लेकिन अंडरब्रिज के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है !हमने उनका बातचीत हेतु धन्यवाद किया , आभार प्रकट करके विदा ली ! वापिस लौटते-लौटते मन में यही ख्याल घूम रहा था कि जनता का जागरूक होना कितना आवश्यक है !



                                    मित्रो !!"5TH PILLAR CORRUPTION KILLER",नामक ब्लॉग रोज़ाना अवश्य पढ़ें,जिसका लिंक -www.pitamberduttsharma.blogspot.com. है !इसे अपने मित्रों संग शेयर करें और अपने अनमोल विचार भी हमें अवश्य लिख कर भेजें !इसकी सामग्री आपको फेसबुक,गूगल+,पेज और कई ग्रुप्स में भी मिल जाएगी !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल ईद ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.-www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!
आपका अपना - पीताम्बर दत्त शर्मा -(लेखक-विश्लेषक), मोबाईल नंबर - 9414657511 , सूरतगढ़,पिनकोड -335804 ,जिला श्री गंगानगर , राजस्थान ,भारत !

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