Tuesday, December 25, 2012

" वाहवाही " मिले मुझे," गाज़ " गिरे तुझ पे ! क्योंकि मैं नेता और तू कर्मचारी...?????

 देखलो  ,प्रिय   मित्रो !! लगातार   3बार दिल्ली  की   लोकप्रिय मुख्यमंत्री  श्रीमती  शीला  दीक्षित  जी  और  उनके सुपुत्र सांसद श्री संदीप दीक्षित जी पिछले 4 दिनों से केंद्र सरकार को कह रहे हैं कि दिल्ली के प्रदर्शन को बिगाड़ने में वंहा की " पुलिस"जी का हाथ है.....!! लेकिन गृह-मंत्रालय है की सुनता ही नहीं..!!

                             जब इतने बड़े नेताओं की बात सुनने में ये सरकार इतना वक्त लगाती है तो आम आदमी की बात ये सरकार जल्द सुनेगी,ऐसी उम्मीद ही भला क्यों की जाती है ??? आजकल तो नेताओं के हाथ बहुत ही बढ़िया " फार्मूला " हाथ लगा हुआ है, वो ये की अगर कोई गलत काम जनता के सामने खुल जाये तो झटसे करमचारियों पर गाज़ गिराकर उन्हें " बलि " का बकरा बना दो...!! और अगर कोई वाहवाही का काम भूल से हो जाये तो मालाएं स्वयं  पहन्लो.......!!!!????
                                एक बात ईमानदारी से कहनी पड़ेगी कि इस काम में कांग्रेसी नेता ही निपुण हैं या हो पाए हैं बाकी तो भावुकता में अपनी भूल स्वयं ही मानकर अपने पदों से स्तीफा दे देते है !! हां नयी पनीरी के गडकरी जी और येदियुरप्पा जी कुछ अपवाद भी हैं !!!???
                              प्रिय मित्रो, आपका क्या कहना है ...इस विषय पर ......???? अपने विचार आप मेरे ब्लॉग पर , जिसका नाम है..:- " 5th pillar corrouption killer " जाकर लिख सकते हैं !! जिसको खोलने का लिंक ये है...
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1 comment:

  1. शानदार रचना है आपकी,

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