रविकर की कामना, चतुर्दिक प्रेम हर्ष हो-...!!!


रविकर की कामना, चतुर्दिक प्रेम हर्ष हो-






 मंगलमय नव वर्ष हो, फैले धवल उजास ।
आस पूर्ण होवें सभी, बढ़े आत्म-विश्वास ।

बढ़े आत्म-विश्वास, रास सन तेरह आये ।
शुभ शुभ हो हर घड़ी, जिन्दगी नित मुस्काये ।

रविकर की कामना, चतुर्दिक प्रेम हर्ष हो ।
सुख-शान्ति सौहार्द, मंगलमय नव वर्ष हो ।।


नए वर्ष में शपथ, मरे नहीं मित्र दामिनी-
 दाम, दामिनी दमन, दम, दंगा दपु दामाद ।
दरबारी दरवेश दुर, दुर्जन जिंदाबाद ।

दुर्जन जिंदाबाद, अनर्गल भाषण-बाजी ।
कर शब्दों से रेप, स्वयंभू बनते गाजी ।

बारह, बारह बजा, बीतती जाय यामिनी । 
नए वर्ष में शपथ, मरे नहीं मित्र दामिनी ।।



मित्र-सेक्स विपरीत गर, रखो अपेक्षित ख्याल- रविकर 
विनम्र श्रद्धांजलि 
ताड़ो नीयत दुष्ट की,  पहचानो पशु-व्याल |
मित्र-सेक्स विपरीत गर, रखो अपेक्षित ख्याल |

रखो अपेक्षित ख्यालपिता पति पुत्र सरीखे
 बनकर सच्चा मित्र, 
हिफाजत करना सीखे ||


एक घरी का स्वार्थ, जिन्दगी नहीं उजाड़ो |
जोखिम चलो बराय, मुसीबत झटपट ताड़ो ||


बलात्कार के बाद की ज़लालत

Virendra Kumar Sharma at कबीरा खडा़ बाज़ार में -11 minutes ago

यह तो है बेहूदगी, होय दुबारा रेप ।
सड़ी व्यवस्था टेस्ट की, गया डाक्टर खेप ।
गया डाक्टर खेप, योनि में ऊँगली डाले ।
सम्भावना का खेल, गलत ही पता लगा ले ।
बार बार बालात, नहीं यह रविकर सोहै ।
रीति चुनो आधुनिक, बेहूदगी यह तो है ।



अस्त-व्यस्त नेटवर्क, ग्राम में बहुत व्यस्त था-रविकर

 सादर नमस्ते 
विदा 2012
स्वागत है 2013 
"क्षमा"
 व्यस्त बहुत रविकर रहा, कुहरा पाला शीत ।
दो डिग्री था न्यूनतम, यू पी से भयभीत ।
  यू पी से भयभीत, भाग के झारखंड में ।
नौ डिग्री में मौज, मजे से आज ठण्ड में ।
लम्बा यह व्यवधान, कर्म में किन्तु मस्त था ।
अस्त-व्यस्त नेटवर्क, ग्राम में बहुत व्यस्त था ।।
कर्तव्य पथ 
विसराता मनुष्य ।
अधिकार पर 
हर्षाता युग ।।
 निकृष्ट जीवन 
आत्मा अशुद्ध 
भूलता यथार्थ 
अनर्गलता पुष्ट ।।
चेतो रे चश्मों 
बहाओ प्रेमनीर 
देखने को हर्षित 
नववर्ष है अधीर ।। 
 शुभकामनायें

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