Wednesday, June 3, 2015

"नेताओं से फ़र्ज़ी समझदार की उपाधि प्राप्त कर ,चारों तरफ से घिरा,रोता और तड़पता , ये बेचारा आम-आदमी ,जाए भी तो किधर "??-पीताम्बर दत्त शर्मा (लेखक-विश्लेषक)-मो. न. - 9414657511 - लिंक www.pitamberduttsharma.blogspot.com

जी हाँ पाठक मित्रो ! हमारे नेताओं और उनके हाथों में नाचने वाले लोगों ने हम लोगों को " समझदार " की डिग्री दे रख्खी है ! जिसका इस्तेमाल हम बड़े चाव से अपने जीवन में समय-समय पर करते रहते हैं !लेकिन हमारे माता-पिता और शिक्षक हमें हमेशां अनुभवी और ग्यानी कम ही मानते हैं ! क्योंकि उनमे स्वार्थ नहीं होता ! कम से कम मैंने तो अपनी ज़िंदगी में यही अनुभव किया है कि इन नेताओं और भ्रष्टाचारियों ने हमारे इर्द-गिर्द इतने जाल बिछा रख्खे हैं कि हम चाहे लाख चतुराई करें , किसी ना किसी जाल में हमारा फंसना तय ही है !!
                          आज चाहे किसी तरह का व्यापार हो , ऐसी - ऐसी भ्रामक योजनाएँ बताकर और प्रचार करके ऐसा माया जाल रचा जाता है कि हम स्वयं वो उत्पाद खरीदने हेतु अपने घर से निकल पड़ते हैं , जिसके बारे में हम कुछ भी नहीं जानते होते !प्रचार का सबसे बड़ा माध्यम आजकल टीवी है , और टीवी वाले भी किसी " फड़ी " वाले की तरह तैयार बैठे होते हैं की आइये हमें खरीद लीजिये !वो सिर्फ चुनावों के समय में ही पेड न्यूज़ और प्रोग्राम नहीं बनाते , बल्कि किसी भी समय आप पैसे दीजिये अपनी मनमर्ज़ी की खबर, इंटरव्यू और प्रोग्राम जितनी बार चाहें दिखा देते हैं !
                                       देखा नहीं आपने?? केजरीवाल साहब ने इनके पिछवाड़े पर कितनी लातें मारीं , लेकिन पूरा मीडिया फिर भी पूरा कवरेज दिखा रहा है !अभी 2 महीने पहले यही मीडिया सूखा पड़ने की खबर दिखा रहा था , लेकिन बरसात में किसानों की फसलें तबाह हो गयीं ! फिर कुछ दिन यही मीडिया ये चिल्लाने लगा कि मानसून भरपूर बरसेगा ! और अब यही मीडिया मानसून कमज़ोर बता रहा है !गज़ब ये की हमारे केंद्रीय मंत्री जी फोटो खिंचवाने के शोंक में टीवी पर मौसम का हाल बता रहे हैं जबकि खबर बुरी है ! अकल ना जाने कहाँ चली गयी ??
                          इन्सिडेक्स एक ऐसा गंदा व्यापार है कि ना जाने कितने व्यापारी इस से डूब चुके हैं और किसानों की आत्महत्या के पीछे भी यही इन्सिडेक्स ही है !ये भी बंद होना चाहिए !और नेताओं की क्या कहूँ जी , जातिवाद,धर्म,इलाके और पार्टियों के नाम पर हम सबको इस तरह से बाँट रख्खा है कि हम सब वही करते हैं जी , जो वो चाहते हैं ! हैं ना हम समझदार आदमी ????
                           सभी धर्मों के प्रचारकों का भी अपना बाज़ार बन चुका है !जिसका प्रचार है वो ही कामयाब प्रचारक है ! फिर वो अपने नाम की मिटटी भी हज़ारों में बेच सकता है !और हम समझदार लोग अपना धर्म परिवर्तन तक कर लेते हैं !जैसे महाराज अशोक ने किया था !उनसे कोई पूछता तो सही कि क्या आपका सनातन धर्म क्या हिंसा फैलाता है ?? हत्याएं तो तुम्हे अपने हित साधने हेतु की थीं ?? 

"5TH PILLAR CORRUPTION KILLER",नामक ब्लॉग रोज़ाना अवश्य पढ़ें,जिसका लिंक - www.pitamberduttsharma.blogspot.com. है !इसे अपने मित्रों संग शेयर करें और अपने अनमोल विचार भी हमें अवश्य लिख कर भेजें !इसकी सामग्री आपको फेसबुक,गूगल+,पेज और कई ग्रुप्स में भी मिल जाएगी !इसे आप एक समाचार पत्र की तरह से ही पढ़ें !हमारी इ-मेल ईद ये है - pitamberdutt.sharma@gmail.com. f.b.id.-www.facebook.com/pitamberduttsharma.7 . आप का जीवन खुशियों से भरा रहे !इस ख़ुशी के अवसर पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!


आपका अपना - पीताम्बर दत्त शर्मा -(लेखक-विश्लेषक), मोबाईल नंबर - 9414657511 , सूरतगढ़,पिनकोड -335804 ,जिला श्री गंगानगर , राजस्थान ,भारत !
  

6 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बृहस्पतिवार (04-06-2015) को "हम भारतीयों का डी एन ए - दिल का अजीब रिश्ता" (चर्चा अंक-1996) पर भी होगी।
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    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक

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  2. सुन्दर व सार्थक प्रस्तुति..
    शुभकामनाएँ।

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  3. सुन्दर व सार्थक प्रस्तुति..
    शुभकामनाएँ।
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

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  4. सुन्दर व सार्थक रचना प्रस्तुतिकरण के लिए आभार..
    मेरे ब्लॉग की नई पोस्ट पर आपका इंतजार...

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  5. सुन्दर व सार्थक प्रस्तुति..

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  6. सुन्दर व सार्थक प्रस्तुति..

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