" जा - नी वैरने , तू साडे वी पसंद नहीं सरकार ".....!!!!

" सभी सरकारी " हाथ "को सक्रिय करने में सहयोगी मित्रो , राम - राम !! वो वाली ......??????
         भारत में लाखों ऐसे लोग हैं जो सरकारी निर्णयों को क्रियान्वित करने में महत्व पूर्ण भूमिका निभाते हैं , और लाखों ऐसे हैं जो उनका सहयोग करते हैं । तब कंही जाकर एक निर्णय जनता पर लागू हो पाता  है । कई अफसर , राजनेता( पक्षी - विपक्षी दोनों ) और न्यायालय निर्णय कैसा हो कैसा ना हो ये भी तय करने में अहम् भूमिका निभाते हैं । अकेली सरकार ही दोषी या शाबाश की हकदार नहीं होती !!बहुत से सलाहकार भी होते हैं !! इस निक्कम्मी सरकार के ना जाने कौन से सलाहकार है ....इन्होने जनता को पिछले 10 सालों से नाकों चने चबवा रखें हैं !!वो चाहे फिर देश निति हो या विदेश निति !!! सब तरफ तौबा - तौबा हो रही है !! सरकार जनता को कह रही है की आप हमें पसंद नहीं और जनता सरकार को कह रही है की जा नी वैरने , तूं साडे वी पसंद नहीं ..!!!
                       देश में नज़र घुमाएँ तो हम पाएंगे की हर आदमी परेशान है किसान अपने अनाज के पहले से दोगुने दाम वसूल रहा है , कर्मचारी दोगुना तनख्वाह ले रहे हैं , मजदूर तीन गुना मजदूरी ले रहा है ,ठेकेदार करोड़ - पति हो रहे हैं , पत्रकार स्टाईलिश हो चुके हैं और फौजी मोटे हो रहे हैं फिरभी सारे रो रहे हैं !! क्यों ....??? किधर जा रहा है सारा पैसा ?? क्यों किसी को तसल्ली नहीं है ....???कुछ समझ नहीं आ रहा ..जिसको देखो वो ही परेशान सा घूम रहा है क्यों ...??कल मुझे एक आदमी मिला , वो भोला आदमी मुझसे बोला की भाई साहिब आजकल या तो वो सुखी है जिसके घर में एक से ज्यादा सरकारी कर्मचारी हैं , या वो जो पैदा ही करोड़पतियों के घर हुए हैं , और ज्यादा ध्यान से देखें तो हम पायेंगे की जो बिलकुल गरीब हैं उनको सरकार इतनी सहूलियतें प्रदान करती है की वो अपने में मस्त है , या फिर जिन्हें इस देश में आरक्षण मिल रहा है वो सुखी हैं .....और जो बाकी बचे हैं वो कुत्ते की जून से भी बद्त्तर जीवन व्यतीत कर रहे हैं !! विश्वास नहीं आता तो मेरे कई मित्रों को उदाहरण के लिए प्रस्तुत किया जा सकता है !!बेचारे ब्रह्मण , बनिए और राजपूतों के घर पैदा हुए हैं , आधे कमा रहे हैं आधे खाली घूम रहे हैं , अमीरों के बच्चों संग रहते हैं , लेकिन अन्दर से नंग हैं , सब्जी खरीदने जाते हैं तो पसीने आ जाते हैं , कंही कुछ देना पड़ जाए तो मुंह छिपाने लग जाते हैं यानी माध्यम दर्जे का आदमी !! यही आदमी नेताओं का भाषण सुनकर अपने मन में आस पाल लेता है की अब राम राज आएगा , यही वो आदमी है जो अन्ना जी और बाबा राम देव जी का साथ देता है की शायद सरकार का मन पसीज जाएगा और भ्रष्टाचार को ख़त्म करके , काला - धन वापिस ला कर देश फिर से सोने की चिड़िया बन जाएगा और सब तरफ खुशहाली हो जायेगी ........!!!! परन्तु उसे क्या पता की इस घोर कलयुग में हर कोई किसी की उँगलियों के इशारों पर ही नाचता है !!ये पता बाद में चलता है की ओ हो ये तो उसका चम्च्चा था .....आदि आदि !!!
                           विदेश नीतियों की तरफ देखें तो यंहा उससे भी बुरा हाल है !! पिछले 65 सालों में हमारी सरकारों ने अपने सभी पड़ोसियों से सम्बन्ध बनाने की जगह बिगाड़े ही हैं , विश्व की बड़ी शक्तियां भारत को हड़प कर जाना चाहती हैं क्यों ....सिर्फ इस सरकार की गलत नीतियों के कारण ही तो ......???
          इसी लिए मैंने कहा की " जा नी  वैरने सरकार , तूं साडे वी पसंद नहीं .......!!!!!
                                 मित्रो आपकी क्या राय है इस बारे में .....कृपया अपने अनमोल विचार आप हमारे ब्लॉग पर विज़िट कर अवश्य लिखें , हमारे ब्लॉग का नाम है :- " 5थ पिल्लर करप्शन किल्लर " इसे खोलने और फ्री ज्वाईन करने हेतु लाग आन करें :- www.pitamberduttsharma.blogspot.com. 
                आप का अपना मित्र :- पीताम्बर दत्त शर्मा , हेल्प - लाईन - बिग बाज़ार , r.c.p.रोड , पंचायत समिति के सामने , सूरतगढ़ । जिला श्री गंगानगर ( राजस्थान भारत ) मोबाईल नंबर :- 919414657511, 01509 - 222768 . 
   आपके विचार हमारी प्रकाशित होने वाली पुस्तक में छापे जायेंगे !! अगर आप चाहते हैं की मैं किसी विषय विशेष पर लिखूं तो वो भी आप मुझे सहर्ष बता सकते हैं !!मैं अवश्य कोशिश करूँगा !! धन्यवाद !! 
 सभी दोनों हाथ उठा कर मेरे साथ बोलिए जी ...


धर्म की जय हो ! अधर्म का नाश हो !! प्राणियों में सद्भावना हो !!! विश्व का कल्याण हो !!!! हर - हर - हर महादेव .........!!!!!!!! 
                                   

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