" राजनितिक थाली के बेन्गुन " लुढकने को बैचेन..???

" बेन्गुनों की पहचान रखने वाले प्रिय मित्रो ", " भरते और तंदूरी रोटी - रोटी सहित मीठी लस्सी " वाला नमस्कार कबूल फरमाएं !! 
                अब इसमें बेचारे बेन्गुनों का क्या कसूर जो उन पर किसी विद्वान ने कहावत बना दी , गोल तो बहुत सारी  चीजें होती है मसलन कोलकते का रस - गुल्ला , वो तो कब मुंह से पेट के अन्दर चला जाता है की पता ही नहीं चलता । बिलकुल अपने प्रणब दा की तरह ?? चार दिन पहले तक तो कह रहे थे की मैं राष्ट्रपति बनना ही नहीं चाहता , मेरा नाम मत उछालो प्लीज वगेरह वगेरह ??? और अब जोर शोर से दोस्तों और दुश्मनों से समर्थन भी मांग रहे हैं !!? क्योंकि रसगुल्ला पेट में जाने के बाद वापिस नहीं आ सकता बेन्गुन घूम कर वापिस वंही आ सकता है इस लिए कहावत में बेन्गुन लिखा गया है !!
                         जब भी देश में चुनाव होने का समय नज़दीक आता है तब - तब ऐसी प्रकृति के लोग देखना - जांचना और परखना शुरू कर देते हैं की आने वाला कल कौन से दल के पक्ष में जाने वाला है ...बस उसी और जाने को मन ललचाने लगता है !! अगर सामने वाला दल भी स्वागत करता दिखाई देता है तो ऐसे लोग कोई बहाना बनाकर निकल लेते हैं , अगर सामने वाला दल इन लोगों का स्वागत  नहीं करता दिखाई देता तो तो ऐसे " बेन्गुन - लोग " अपना " तीसरा - मोर्चा " बना लेते हैं !! 
                          अब क्योंकि सयाने और अनुभवी तीन - चार बेन्गुनों ने कोंग्रेस नीत यु . पी . ऐ . के साथ अपना " डिब्बा " जोड़ लिया है और उनको आश्वासन भी मिल गया है तो उन्होंने बड़ी चालाकी से " तीसरे - मोर्चे " की सम्भावना को ही कबर खोद के दबा दिया है !! अब तीसरे मोर्चे हेतु वांछित दल ही नहीं बचे हैं तो बेचारे नितीश जी , शरद यादव जी और उनकी सेना को अभी से घबराहट होनी शुरू हो गयी है ! इसी लिए जब देश में राष्ट्रपति चुनावों हेतु कोई उम्मीदवार इनको भाजपा से मिलकर ढूंढना है , वो तो इनको कोई मिल नहीं रहा है , इनको साफ़ दिखाई देने लगा है की सोनिया द्वारा घोषित व्यक्ति ही राष्ट्रपति बनेगा और पूरे पांच साल प्रतिभा पाटिल जी की तरह अपना मुंह बंद करके बैठेगा !! तो इनका हाजमा खराब होने लगा है ?? कंही जाने की फिराक में हैं ये " थाली के बेन्गुन " ?????
                         जनता होशियार - खबरदार !!!! अपने आपको तैयार कर लो आने वाले चुनावों में हम सबने मिलकर ऐसे बैगुनों को और नकली सेकुलरों को ऐसा सबक सिखाना है की इन बे - इमान नेताओं को नानी याद आ जाए चाहे वो किसी भी दल के क्यों ना हो ??? अपने आस - पास कोई नया , अनुभवी , मेहनती और पढालिखा समाजसेवी देखिये और उसे प्रोत्साहित कीजिये और सपोर्ट कीजिये ताकि वो आपका नया विधायक या सांसद चुना जाए !! अपना जाती - धरम , इलाका और पार्टी सब भुलाकर केवल इमानदार व्यक्ति को ही अपना अनमोल वोट देवें तब कंही जाकर हम देश का कोई जुम्मेदार नेता चुन पायेंगे !! इसके साथ - साथ हमें उस समय किसी भी लालच में भी नहीं आना है जैसे पैसा - शराब आदि आदि !! अगर हम इस बार भी इन लोगों के नाटकों में फंस गए तो फिर इसी तरह रोते रहने के सिवाय हमारे पास कोई चारा नहीं बचेगा और ये " राक्षस " हमारा ऐसे ही भक्षण करेंगे !!

                               हमेशां की तरह आप हमारे ब्लॉग और ग्रुप पर विजिट कीजिये जिसका नाम है :- " 5TH PILLAR CORROUPTION KILLER " और इसे पढने हेतु लोग आन करें :- www.pitamberduttsharma.blogspot.com. आप चाहें तो इसे ज्वाईन भी कर सकते है !! आपके अनमोल कमेंट्स का स्वगत तो हम हमेशा ही करते है !! ............आपका प्रिय मित्र _- पीताम्बर दत्त शर्मा , जोर से बोलिए जय ...श्री ...राम ...!!   

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