Tuesday, March 5, 2013

***भारत को कब तक इंडिया कहेंगे ?***



जो भारत को इंडिया कहते है वे मात्र लॉर्ड मैकाले के दिये वचनो का पालन कर रहे है इंडिया बोलने से पहले विचारे : क्या अर्थ है इंडिया का ? .. कुछ नहीं ... हर भारतीय के नाम का अर्थ है .... हमारे यहाँ बिना भावार्थ के नाम रखने की असांस्कृतिक परंपरा नहीं है।

अंग्रेज़ो को भारत नाम बोलने मे परेशानी होती थी -अंग्रेज़ 'इंडियन' उस व्यक्ति को कहते है जो उनके हिसाब से जाहिल माना जाता है, अंग्रेज़ इंडियन उस व्यक्ति को कहते थे जो पाषाण कालीन जीवन जीता है Remember the old British notorious signboard 'Dogs and Indians not allowed'. लेकिन हमारे भारत नाम का अर्थ है
भारत : भा = प्रकाश + रत = लीन ( हमेशा प्रकाश, ज्ञान मे लीन )
इतना महान अर्थ से परिपूर्ण देश का नाम है !

(लॉर्ड मैकाले जिसका पूरा नाम 'थॉमस बैबिंगटन मैकाले' था ! मैकाले 1834 ई. में गवर्नर-जनरल की एक्जीक्यूटिव कौंसिल का पहला क़ानून सदस्य नियुक्त होकर भारत आया।)

*******कैसे पड़ा भारत का नाम ? *********

इस देश का नाम प्रथम तीर्थंकर दार्शनिक राजा भगवान ऋषभदेव के पुत्र भरत के नाम पर भारतवर्ष पड़ा। महाभारत (आदि पर्व-2-96) का कहना है कि इस देश का नाम भारतवर्ष उस भरत के नाम पर पड़ा जो दुष्यन्त और शकुन्तला का पुत्र कुरूवंशी राजा था। पर इसके अतिरिक्त जिस भी पुराण में भारतवर्ष का विवरण है वहां इसे ऋषभ पुत्र भरत के नाम पर ही पड़ा बताया गया है।

जहाँ "भारत" अपने स्वाभिमान का प्रतीक है वहीँ "India" आज भी अंग्रेजों की गुलामी की निशानी | इसलिए मेरा मानना है कि हमें अपने देश को अपनी संस्कृति से जोड़कर देखना चाहिए क्यूंकि यह महान है |

यह दुखद है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद यहाँ अनेक प्रांतों और शहरों के नाम तो बदले, किंतु देश का नाम यथावत विकृत बना हुआ है। समय आ गया है कि जिन लोगों ने ‘त्रिवेन्द्रम’ को तिरुअनंतपुरम्, ‘मद्रास’ को तमिलनाडु, ‘बोंबे’ को मुंबई, ‘कैलकटा’ को कोलकाता या ‘बैंगलोर’ को बंगलूरू, ‘उड़ीसा’ को ओडिसा तथा ‘वेस्ट बंगाल’ को पश्चिमबंग आदि पुनर्नामांकित करना जरूरी समझा – उन सब को मिल-जुल कर अब ‘इंडिया’ शब्द को विस्थापित कर भारतवर्ष कर देना चाहिए। क्योंकि यह वह शब्द है जो हमें पददलित करने और दास बनाने वाली संस्था ने हम पर थोपा था।

जय हिन्द, जय भारत !!
भारत हमको जान से प्यारा है.....!!
भा + रत = भारत
(संस्कृति का सन्देश, स्वाभिमान का प्रतीक)

भारत उस देश का नाम है, जो अपने में एक विशिष्ट आध्यात्मिक संस्कृति को संजोए हुए है।
भारत : भा= 'प्रकाश और ज्ञान' + रत= 'लीन'
अर्थात जो देश प्रकाश, ज्ञान और आनंद की साधना में संलग्न रहा है, उसी का नाम है भारत।

भारत विश्वगुरु रहा है उसी ने बहुत पहले यह उदघोष किया -

॥ असतो माँ सदगमय, तमसो माँ ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय ॥
अर्थात असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर और मृत्यु से अमरत्व की ओर बढ़ना।

"अंग्रेजो ने भारत को इंडिया नाम दिया"
इस शब्द में वह शक्ति नहीं है, जो भारत के उपरोक्त गुणों को ध्वनित और व्यंजित कर सके, भारत के इंडिया शब्द का प्रयोग स्पष्ट करता है की भले ही अंग्रेजो की गुलामी से हम स्वतंत्र हो गए हैं, पर मानसिक दासता से अभी भी मुक्त नहीं हो सके हैं।

हमें इंडिया और अंग्रेजी, दोनों से ही अपने को मुक्त करना है तथा भारत, भारतीय संस्कृति और अपनी मातृभाषा से जुड़ना है, तभी हम सच्चे अर्थों में भारतीय कहलाने के अधिकारी होंगे।


# ::: इंडिया बनाम भारत ::: #

* इंडिया Competition पर चलता है और भारत Cooperation पर।
* इंडिया की theory है Survival of the Fittest और भारत की theory है Survival of all including the Weakest.
* इंडिया में ज्ञान डिग्री से मिलता है और भारत में ज्ञान सेवा से मिलता है।
* इंडिया में Nuclear Family चलती है और भारत में Joint Family.
* इंडिया में सिद्धांत है "स्व हिताय स्व सुखाय" और भारत में सिद्धांत है "बहुजन हिताय बहुजन सुखाय"।
* इंडिया में "I " "मैं" पर चलता है और भारत में "हम" पर चलता है।
* इंडिया मतलब इंडियन शहरों का समूह और भारत मतलब भारतीय गावों का समूह।
* इंडिया/इंडियन मतलब अंग्रेजी संस्कृति को बढ़ावा देना तथा भारत और भारतीय संस्कृति को भूलना।
* इंडिया/इंडियन मतलब विलासिता और शक्तिशाली लोग हैं जो भारत और भारतीयों पर राज करें।
* इंडियन सरकार ने भारतीय लोगों से जाति और धर्म क्यों पूछते हैं क्योंकि वे भारत/भारतीय लोगों पर शासन "फूट डालो और नियम" का पालन करते हैं।
* इंडियन मतलब साक्षर है और भारतीय मतलब शिक्षाविद् है।
* इंडियन अपने बच्चों के लिए सेक्स शिक्षा और भारतीय अपने बच्चों के लिए योग शिक्षा मांगते हैं।


भारत नाम हमारे देश में स्वीकार किया जाता है, विभिन्न सरकारी और सामाजिक क्षेत्रों, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्यूँ नहीं ?
जो निम्न उदाहरण से स्पष्ट है: -

1. हमारा राष्ट्रीय गान:
जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता ( ना की इंडिया भाग्य विधाता)

2. हमारा राष्ट्रीय प्रतिज्ञा: पहली पंक्ति है...!!
"भारत मेरा देश है" (ना की इंडिया मेरा देश है)

3. सर्वोच्च नागरिक सम्मान, जो हमारे देश में दिया जाता है: "भारत रत्न" है (ना की 'इंडिया रत्न')

4. Indian penal code के लिए शब्द "भारतीय दंड संविधान" प्रयोग किया जाता है।

5. 'दूरदर्शन राष्ट्रीय नेटवर्क' पर दैनिक हिन्दी समाचार में हमेशा शब्द इंडिया के लिए भारत का उपयोग करता है। उदाहरणार्थ: 'इंडिया और इंग्लैंड" के बीच के क्रिकेट मैच को "भारत और इंग्लैंड" के बीच।

6. हम कहते हैं "भारत माता की जय" (ना की इंडिया माता की जय)


"Incredible India" का मतलब "अविश्वासी इंडिया" होता है, तभी क्रिकेट के मैदान पर लिखा होता है, जिसे हमारे महान खिलाडी अपने जूते भरे पैरो से रोंदते है और इंडिया की जनता ताली बजाकर खुश होती है और भारत की जनता रोती है ? क्या हम अपने माता पिता का नाम किसी खेल के मैदान या सड़क पर लिख सकते है ?

इंग्लिश सीखो, लिखो, बोलो लेकिन सोचो....

"आंसू टपक रहे हैं, भारत के हर बाग से,
शहीदों की रूहें लिपट के रोती हैं, हर खासो आम से,
अपनों ने बुना था हमें, भारत के नाम से,
फिर भी यहाँ जिंदा है हम, गैरों के दिए हुए नाम इंडिया से"

क्या सोच रहे है आप ? बचाइए स्वाभिमान का प्रतीक अपने देश का नाम "भारत"

"हमारे देश का नाम हिंदी में भारत है, इंग्लिश में भी 'BHARAT' ही होगा ना की INDIA."

अधिक से अधिक शेयर करो और "इंडिया छोड़ो भारत बोलो"....!! *


आर्यावर्त भरतखण्ड संस्कृति


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