Posts

Showing posts from January, 2013

" संघ " को चाहिए- अब राम-कृष्ण-गाय-मन्दिर और अपना इतिहास को छोड़,- वर्तमान में जीना सीखे और सिखाये.!!

Image
वर्तमान में रहने-खाने-पीने-सोने और विचरने वाले सभी मित्रों को मेरा आधुनिक नमस्कार यानी कि " HI-हाय... !!
                  निश्चितरूप से हमें अपने इतिहास,रीती-रिवाजों,सभ्यता और ग्रंथों से बहुत कुछ सीखने को मिलता है और इनको हमें हमेशां अपने जीवन का आधार बनाकर चलना चाहिए !! लेकिन अगर हम इसे एक निश्चित अवधि से ज्यादा देर तक पकडे रहेंगे तो हम विश्व के दुसरे देशों से पिछड़ जायेंगे !!
               भारत में R.S.S. ने हिन्दू सभ्यता सँभालने, बढानेऔर इसका प्रचार करने में एक विशेष भूमिका निभाई है इसमें कोई शक नहीं है ! भारतीय राजनीती में भी इसका अच्छा-खासा प्रभाव रहा है !! पहले जनसंघ और आजकल भाजपा में इसका पूरन कंट्रोल रहा है !! तो इस करणवश भारत की तरक्की और भारत की कमियों में भी इसका योगदान भी माना जाना चाहिए !!
                जब हमारा ये हमारा देश गुलाम था,और जब ये आज़ाद हुआ तब के जवान - बूढ़े और बच्चे जो थे , उन्होंने ही तो देश औरअपने समाज-परिवार को चलाया था..! एक गीत में कहा भी गया था कि " हम लाये हैं , तूफ़ान से कश्ती निकाल के, इस देश को रखना , मेरे बच्चो सम्भाल के"....!…

" हृन्याक्ष-रावण-कंसऔर दक्ष बनो,ताकि हरी को आना पड़े आपके पास "...!! रोना-धोना छोड़ो ..!!

Image
प्रिय मित्रो,सादर नमस्कार !                                                                                                                     हमारे ग्रन्थ हमें इंसान बनाने हेतु ना जाने कितने रास्ते बताते हैं !लेकिन हम बुराइयों के सामने हार जाते हैं !! हमने ये भी देखा-सुना और पढ़ा है कि बुरे आदमियों के सामने भगवान भी नतमस्तक हो जाते थे, ये आजके मंत्री -संत्री फिर किस खेत की मूली हैं ?
                     जब जाने से इस सृष्टि का निर्माण हुआ है तब से लेकर आज तक ना जाने कितनी बार श्री विष्णु जी को अवतार लेने पड़े हैं , ना कितने साधू-संत हुए और ना जाने कितने ग्रन्थ लिखे जा चुके हैं !! इंसान को सुधारने हेतु ना जाने कितने प्रकार के धरम और पंथ भी चलाये गए...?? लेकिन ये इंसान भी " कमाल " का जानवर है !! गधा -घोडा-हाथी-कुत्ता और तोता आदि सीखकर वैसा ही करने लगता है , जैसा सिखाया जाता है , लेकिन ये इंसान तो अपनी अकल लगाकर हर जगह अपनी " सहूलियत ' वाला रास्ता बना ही लेता है !! यही नहीं ज़रुरत पड़ने पर तो ये अपने " ग्रन्थ-गुरु और भगवान् को भी गलत साबित कर देता है !!
          …

प्रसिद्धि का शार्टकट ........????

Image
हर बार विश्व पुस्तक मेले के आयोजन का होना जैसे एक घटना को घटित कर देता है मुझमें और मैं हो जाता हूँ सतर्क हर तरफ़ चौकन्नी निगाह …………कौन , कहाँ और कैसे छप रहा है , किसने क्या जुगाड किया, किसने पैसे देकर खुद को छपवाया, किसने सच में नाम कमाया और किसने अनुचित हथकंडे अपनाये और पा ली प्रसिद्धि, किसने वर्जित विषय लिखे और पहुँच गये मशहूरियत के मुकाम पर …………देख देख मुझमें खून का उबाल चरम सीमा पर पहुँचने लगता है और मैं डूब जाता हूँ विश्लेषण के गणित में………

लिखना वो भी निरन्तर उस पर उसकी साधना करना, अराधना करना मुझ जैसे निष्क्रिय के बस की बात तो नहीं जब सुबह एक बार तस्वीर के आगे नतमस्तक नहीं होता तो यहाँ इसकी अराधना कैसे की जाये और कौन इन पचडों मे पडे । ये तो गये ज़माने की बातें हैं और आज का वक्त तो वैसे भी इंटरनैट का वक्त है ………जहाँ जैसे ही कोई विचार उतरे चाहे उसमें तुक हो या नहीं सीधा चिपका दो दीवार पर और हो जाओ शुरु अपने मन की भडास निकालना …………अब इसमें कोई मोल थोडे लगता है सो हम भी इसी तरह कर लेते हैं एक दिन में ना जाने कितनी बार अराधना शब्दों की और खुद को साबित कर देते हैं महान लिक्खाड्……आज के व…

क्या है हमारा राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस ???

भारत में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाया जाता है और यह भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है। हर वर्ष 26 जनवरी एक ऐसा दिन है जब प्रत्‍येक भारतीय के मन में देश भक्ति की लहर और मातृभूमि के प्रति अपार स्‍नेह भर उठता है। ऐसी अनेक महत्त्वपूर्ण स्‍मृतियां हैं जो इस दिन के साथ जुड़ी हुई है।
26 जनवरी, 1950 को देश का संविधान लागू हुआ और इस प्रकार यह सरकार के संसदीय रूप के साथ एक संप्रभुताशाली समाजवादी लोक‍तांत्रिक गणतंत्र के रूप में भारत देश सामने आया।
भारतीय संविधान, जिसे देश की सरकार की रूपरेखा का प्रतिनिधित्‍व करने वाले पर्याप्‍त विचार विमर्श के बाद विधान मंडल द्वारा अपनाया गया, तब से 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस के रूप में भारी उत्‍साह के साथ मनाया जाता है और इसे राष्‍ट्रीय अवकाश घोषित किया जाता है।
यह आयोजन हमें देश के सभी शहीदों के नि:स्‍वार्थ बलिदान की याद दिलाता है, जिन्‍होंने आज़ादी के संघर्ष में अपने जीवन बलिदान कर दिए और विदेशी आक्रमणों के विरुद्ध अनेक लड़ाइयाँ जीती।

इतिहास

भारत के संविधान को लागू किए जाने से पहले भी 26 जनवरी का बहुत महत्त्व था। 26 जनवरी को विशेष दिन के रूप में …

"सिसक रहा गणतन्त्र" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

Image
गाकर आज सुनाता हूँ मैं, गाथा हिन्दुस्तान की। नहीं रही अब कोई कीमत, वीरों के बलिदान की।।
नहीं रहे अब वीर शिवा, राणा जैसे अपने शासक, राजा और वजीर आज के, बने हुए थोथे भाषक, लज्जा की है बात बहुत, ये बात नहीं अभिमान की। नहीं रही अब कोई कीमत, वीरों के बलिदान की।।
कहने को तो आजादी है, मन में वही गुलामी है, पश्चिम के देशों का भारत, बना हुए अनुगामी है, मक्कारों ने कमर तोड़ दी, आन-बान और शान की। नहीं रही अ

" न्याय करना सीखो ....!! कांग्रेसियों !!

Image
"यदि सच न बोलने की और सच न स्वीकारने की गीता /कुरआन /बाइबिल या संविधान की कसम खा रखी है तो दीगर बात है ...अगर साम्प्रदायिकता को कानी आँख से देखने की कसम खा राखी है तो दीगर बात है ... वरना क्या यह गलत है कि बाबरी मस्जिद ढहाई जाने से पहले औरंगजेब ने 6000 से भी अधिक हिन्दू मंदिर नहीं तोड़े ?...क्या यह गलत है कि इस्लाम कबूल करने से मना करने पर कई सिख हिन्दुओं के सर कलम करवाए गए ? क्या यह गलत है कि अकेले जम्मू-कश्मीर में गुजरे सालों में 210 से भी अधिक मंदिर तोड़े गए ? ...क्या यह गलत है कि जम्मू-कश्मीर में हिन्दुओं को अपनी औरते छोड़ कर पलायन कर जाने के धमकी भरे पोस्टर हिन्दुओं के घर पर मुसलमान आतंकवादीयों ने नहीं लगाए ? ...क्या यह गलत है कि लाखों कश्मीरी हिन्दू मुसलमान आतंकियों की वजह से जम्मू -कश्मीर से बेघर होकर देश के अन्य प्रान्तों में शरणार्थी है ?...क्या यह गलत है कि जम्मू -कश्मीर में सामान्य दिन तो छोड़ दो स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर भी मुसलमान आतंकवादी तिरंगा नहीं फहराने देते ?... क्या यह गलत है कि हिन्दुओं को अपने ही देश में अपने आस्था के तीर्थ अमरनाथ दर्शन करने के लिए …

" अडवाणी-सुषमा-जेटली ने दिखाई अपनी नेता गिरी "... देर आयद-दुरुस्त आयद ..!!??

Image
राजनाथ सिंह का शुमार बीजेपी के अनुभवी और तेज-तर्रार नेताओं में होता है। बेशक अध्यक्ष बनने के बाद उनके सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन उनकी संगठन क्षमता सवालों से परे रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके राजनाथ इससे पहले भी बीजेपी अध्यक्ष पद संभाल चुके हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत है उनका मिलनसार व्यक्तित्व और बेदाग छवि। क्या-क्या है राजनाथ की ताकत आप भी जानें-
राजनाथ की ताकत

1. राजनाथ की छवि साफ-सुथरी है। उनके खिलाफ किसी भी तरह के भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे हैं। उनका राजनीतिक करियर अब तक बेदाग रहा है।वो पूरी तरह विवादों से मुक्त रहे हैं।
2. राजनाथ खुद को भाजपा के अलग-अलग गुटों से परे रखते हैं। यही वजह है कि उनके सभी के साथ अच्छे संबंध हैं।
3. राजनाथ कोई भी फैसला लेने से पहले आरआरएस से सलाह अवश्य लेते हैं। यानी आरएसएस का उन्हें पूरा वरदहस्त प्राप्त है।
4. राजनाथ अपनी गलतियों के लिए सहयोगियों से क्षमा मांगने में हिचकिचाते नहीं हैं। यानी उनमें अहम की भावना नहीं है।
5. राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश से आते हैं जहां लोकसभा की सबसे ज्यादा सीटें हैं। यूपी की जनता उन्हें जानती और पहचानती है।
6. राजनाथ य…

" दिल..है कि मानता....नहीं..." राहुल जी को P.M. ...!!???

Image
दिल की बात मानने वाले सभी मित्रों को मेरा   हार्दिक नमस्कार !!
                            जयपुर के " चिंतन-शिविर " में कांग्रेस के भावी प्रधानमंत्री पद के दावेदार राहुल गांधी ने अपने चेलों-गुरुओं को डांटा-समझाया-फुसलाया-रुलाया और सपना भी दिखाया !! सब " भावविह्वल " होकर नाचने-गाने और नारे भी लगाने लगे !! माता श्री सोनिया जी ने भी अपने बेटे को " सत्ता रुपी ज़हर " पीने हेतु अग्रसर कर ही दिया !! 8 साल पहले का " त्याग " अब मोह बन गया ! 
                   लेकिन इतना सबकुछ घट जाने के बाद भी..." दिल है कि मानता नहीं ....हमारे राहुल बाबा प्रधानमंत्री पद पर बैठ पाएंगे..,क्योंकि जो प्रश्न इस चिंतन-शिविर में माँ-बेटे ने खड़े किये , पार्टी में व्याप्त कमियों को लेकर,उनका उत्तर ना तो कोई कांग्रेसी नेता दे पाया और ना ही ये स्वयं !! क्योंकि सवाल करने वाले भी ये, पार्टी-सरकार चलाने वाले भी ये और भविष्य के शासक भी ये ...तो कोई पागल ही होगा जो ये कहे कि महाराज और महारानी जी आप ही " वकील-जज और दोषी " हो !! हमने तो सिर्फ आपके परिवार का हुकुम ही माना है…

" क्या आपको ...मीडिया-मनेजर चाहिए.".!! हायर कीजिये मात्र 20,000/-प्रति माह पर !!

Image
प्रिय  मित्रो,नमस्कार!! भारत में चुनाव नज़दीक आ रहे हैं । सोशल-मीडिया में लाखों लोगों तक अपनी बात और राजनितिक-सामाजिक गतिविधियों को " सलीके से चित्रों और विडिओ क्लिप " द्वारा रोज़ाना पंहुचाने हेतु " हेल्प-लाईन-बिग-बाज़ार ", सूरतगढ़ पर संपर्क करें !! ताकि आपकी सफलता सुनिश्चित हो सके । क्योंकि 21वीं सदी में इंटरनेट द्वारा सस्ता और असरदार प्रचार कम समय में ही किया जा सकता है !!
 हमारी टीम के सदस्य अपने आप आपकी गतिविधियों को " वाच " कर प्रभावशाली तरीके से आपको और आपकी बात को जनता और " हाई-कमांड " के नेताओं तक पंहुचायेंगे !! जिनमे संपादक,केमरा-मैनऔर साउंड-रिकार्डर शामिल रहेंगे !! अगर आपको ज़रुरत हो तो हमारे आदमी आपके लिए " इवेन्ट-मेनेजमेंट " और सर्वे  भी करवा देंगे !!
                                हम सोशल-मीडिया की कई वेबसाईटों,ब्लॉग,पेज,ग्रुप,गूगल+,फेसबुक                                    और ट्विटर से जुड़े हुए हैं !! टिकेट लेने के इच्छुक नेता अपने वीडियो-प्रोफाईल तैयार करवाने हेतु आज ही मिलें :- पीताम्बर दत्त शर्मा, मोबाईल नंबर-9414657511,सूर…