" सांसद - विधायक और विचारक नहीं , " जमूरे " पाल रखे हैं राजनितिक दलों ने " ??

मदारी का खेल देख चुके मेरे सारे समझदार मित्रो , प्यारा सा नमस्कार स्वीकार करें !! कल जब मैं बाज़ार से गुज़र रहा था तो अचानक डमरू की आवाज़ सुन कर चोंक गया , थोडा आगे जा कर देखा - तो एक मदारी डमरू बजा - बजा कर एक छोटे से लड़के से सवाल कर रहा था की जमूरे बोल तेरा नाम क्या है तो जमूरा बना लड़का बोला , उस्ताद रामू , मदारी ने फिर पूछा कौन सा खेल दिखायेगा जमूरा बोला जो आप कहो गे वोही , मदारी बोला नाचोगे जमूरा बोला हाँ हजूर ........!! इस तरह से खेल मनोरंजक होता चला गया और मैं न चाहते हुए भी सारा खेल देख कर और जमूरे को पांच रूपये देकर आगे निकला तो कांग्रेस के एक नेता मिल गए तो मैंने पूछा की उत्तराखंड में कौन मुख्यमंत्री बन रहा है ?? तो वो बोले जिसे सोनिया जी चाहेंगी वोही बनेगा । ठीक है बोल कर मैं आगे बढ़ा तो एक भाजपा का नेता मिला तो उनसे भी मैंने पूछा की भाई साहब गोआ में कौन मुख्यमंत्री बनेगा तो वो भी बोले की जिसे " संगठन " चाहेगा वो ही बनेगा !! तभी मेरे मन में ये विचार कोंधा की हम सब उस जमूरे कीतरह से क्यों अपने सारे अधिकार किसी एक व्यक्ति के हाथों में सोंप देते हैं ??? जनता जब हमें सांसद या विधायक चुन कर भेजती है तो हम अपनी बुध्धि से क्यों नहीं अपना नेता चुन सकते ?? क्यों " सांसद - विधायक और विचारक नहीं , " जमूरे " पाल रखे हैं राजनितिक दलों ने " ?? पांच सो पच्चीस सांसदों में से कितने अपनी इच्छा से कोई विधेयक या सुझाव ला सकते हैं , क्यों संसद में बहस के वक्त सारे पार्टी लाइन पर ही चलते हैं या हाज़िर ही नहीं रहते ??? चुन कर जनता भेजती है और वफादारी अपने हाई -कमांड की निभाते हैं क्यों ....??? कुछ तो विषय होने चाहियें जिन पर केवल सांसद या विधायक की अपनी ही राय मांगी जाय ...??? क्यों हज़ारों लोगों का नुमैन्दा एक जमूरा बन जाता है !! शायद इसी लिए लगभग सभी नेता अपना " सन्मान खोते जा रहे हैं !! पहले के समय में नेताओं का एक विशेष स्थान और विशेष सन्मान होता था , लेकिन अब तो महा - महिम राष्ट्रपति महोदया श्री मति प्रतिभा पाटिल जी को भी अपना अभी भाषण पूरा नहीं करने दिया जाता और वो भी हमारे माननीय सांसदों द्वारा जो की बड़े ही शर्म की बात है !! आम आदमी भी अपने व्यवहार को देखा देखि रूखा सा बना रहा है जो आगे जाकर हमारे समाज के प्रति नुक्सान दायक होगा !! इस पर चिंतन आवश्यक है !! मेरी दृष्टि में तो माता - पिता और शिक्षक इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं ......आपका क्या कहना है इस विषय पर ....कृपया केवल " लायिक " ही नहीं अपने अनमोल विचारों से भी हमें अवगत करवाएं ....:- आज ही लाग आन करे हमारा ब्लाग और ग्रुप जिसका नाम है :-" 5TH PILLAR CORROUPTION KILLER " ज्यादा  जानकारी  हेतु  संपर्क  करें :- ०९४१४६५७५११.  

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