Tuesday, March 20, 2012

" मोसी की बेटी माया,मामा का बेटा मुलायम,और चचा ताऊ के करुना,ममता,और कोमरेड ..सब मिले तो बने सेक्लर ?"

" कजन " टाईप के सभी भाई बहनों को मेरा प्यार !! और नमस्कार !!
                                    कल संसद में सरकार जीत गयी और विपक्ष हार गया ?? सभी बुध्धिजीवियों ने देखा सूना और समझा की सब कैसे हुआ !! जिसको समझ नहीं आया उसे हम जैसों यानी मीडिया वालों ने समझा दिया !! किसी ने बोल कर तो किसी ने लिख कर !! संसद भी मेरा नाम जोकर फिलम के एक गीत के शब्दों जैसी हो गयी है की " ये शो है तीन घंटे का " बाकी आगे पीछे जो मर्ज़ी हो वोही करो जी कौन पूछ सकता है इन पांच साल हेतु चुन कर आये नेताओं से ?                                 सारे नेता बस अपना अभिनय करने आते हैं संसद में और जिनको कोई "रोल " नहीं मिला होता वो वंहा या तो सो जाते है या फी हल्ला - गुल्ला , नारे बाज़ी और " फिल्मे " देखते हैं !! पहले हर मंत्री और प्रधान मंत्री संसद के प्रति जवाब देह होता था । कोई भी निर्णय वो लेते थे तो उसकी जानकारी संसद को पहले हुआ करती थी ....लेकिन अब प्रधानमंत्री अपने सहयोगियों से भी ये बोलते हैं की बाद में बात कर लेंगे लेकिन पहले ये प्रस्ताव पास करो !! संसद की कार्यवाही को " झंझट " समझ लिया गया है या मात्र ओपचारिकता क्यूँ ...?????   ये  भावना केंद्र से लेकर हर प्रदेश की विधानसभा , नगर परिषद्,जिलापरिषद,और पंचायत समिति की सभा तलक पंहुच गयी है ...जो देश के लिए हानि कारक है !                         नेताओं ने दो बड़े शब्दों की रचना कर राखी है एक " साम्प्रदायिकता और दूसरा  सेकुलर " और दो ही धड़े आज संसद में दिखाई देते हैं ! तीसरा धडा तब बनता है जब दोनों धड़े के बड़े हिस्से वाले नेता छोटे हिस्से वाले नेताओं को मलाई खाने नहीं देते , अगर खाते हैं तो राजा की तरह जेल भेज दिए जाते हैं ? ???
                                 आजकल सेकुलर टाईप लोगों की सरकार है देश में पेंसठ सालों में 10-12 साल ही ये साम्प्रदायिक शक्तियां राज कर पायीं हैं ......आप ही देखलो की इस देश का भठ्ठा बैठाने वाले ..सेकुलर हैं या साम्प्रदायिक शक्तियां ????.......बोलो जय श्री राम !!                  

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