" और कठिन कदम उठाओ "-- मेरी सरकार ...! !

जिंदगी में कठिन राह पर चलने वाले सभी मेरे बहादुर मित्रों को मेरा सादर प्रणाम !! अभी कल संसद में प्रणब डा ने 2012 - 2013 का बजट पेश किया और उससे पहले हमारे  "विद्वान  "रेल मंत्री  श्री मान दिनेश त्रिवेदी जी ने रेल बजट भी पेश किया था  । उन्होंने भी कुछ कठिन कदम उठाए थे , जिसे उन्ही के शब्दों में " तृण मूल पार्टी समझ नहीं पायी " ????/// पिछले 9.वर्षों से किसी भी रेल मंत्री जी ने किराया  नहीं बढ़ाया था  या यूं  क्न्हें की  हिम्मत नहीं हुई  ?? नतीजा ये निकला की कभी रेल में बलात्कार होने लगे  तो कभी चोरी , कभी मालगाड़ी - यात्री गाडी से टकराने लगी तो कभी अपने आप ही लाईने छोड़  कर नीचे सड़क पर चलने लगीं ....??? गिलास की जगह शिकोरे में चाय मिलने लगी और " गरीब - रथ " नाम के डिब्बे चलने लगे ...!! रेल मंत्रियों  की पार्टी कार्यकर्ताओं की तो टिकेट लगनी ही बंद हो गयी थी ....???? इस लिए मैं कह रहा हूँ की " और कठिन कदम उठाओ  "-- मेरी सरकार ...! ! लेकिन हमारी ममता दीदी जी को ये पसंद नहीं आया ??? ये एक अलग विषय है इसे यंही छोड़ देते हैं ....सिर्फ "कठिन कदम की बात करते हैं ...!! उसके बाद हमारे वित्त - मंत्री  जी ने सदन से बजट पेश करने से पहले ही बोल दिया की मुझसे ज्यादा उमीदें मत रखना ...!! यानी " पूत के पाँव ...पालने में ही दिखाई दे गए " ???? मेरा इस सरकार से एक ही प्रश्न है की सखत कदम उठाने की नौबत  किसकी वजह से आई , ये वजह कब से है , क्यों है और किसकी वजह से ये मजबूरी आन पड़ी ...??? जो भी दोषी है उसे सज़ा कौन और कब देगा .....?? अगर आम आदमी मात्र 200/- या  500/- का टेक्स नहीं  देता  तो सरकारी अफसर  " शिकारी कुत्तों " की तरह  उसे "निचोड़ " डालते हैं !! और बड़े चोर जिन पर केस भी चाहे क्यों न चल रहे हों ...फिर भी ऐश करते घुमते हुए अदालतों में आते हैं .......क्यों ?? " राम देव - अन्ना हजारे जैसे कई समाज - सेवी रो -रो कर थक गए ", तब इस सरकार ने अपने "प्यादों " की मदद से  उन्हें भगा दिया !! " लोक - पाल " बिल को "ऊंची खूँटी " पर टांग दिया ???? अब आम जनता पर तो रोज़ तलवार लटका दी जाती है की कल फलानी वास्तु के दाम बढ़ेंगे तो परसों फलानी के !! जनता बेचारी का तो वैसे ही खून सूख जाता है ??? साड़ी जनता की तरफ से मैं आपको छूट देता हूँ की एक दिन बैठ कर आर - पार  कर लीजिये ना ! किसने रोका है । कहके तो देखिये की देश हेतु ये आवश्यक है , कोई मना नहीं करेगा !! लेकिन मुश्किल तो तब होती है की गरीब जनता , जब से देश आज़ाद हुआ है तब से पिस रही है  !!!! और चंद हज़ारों लोग देश में " दौलू से सेठ दौलत राम " बन गए ......????? करो फोज़ को ताकत वर , करो गरीब किसान की भूमि का संरक्षण , करो बेरोज़गारी ख़तम और करो सभी धर्मों का प्रचार बंद ...तो देखो जनता आपको कितना समर्थन देगी .....????? जब ऐसा कोई काम होता दिखाई नादे और टेक्स बढ़ते ही जाएँ तो जनता रोये नहीं तो क्या करे ... प्रणब  जी !!!??????? देश की इस हालात के लिए लोक तंत्र के चारों खम्भों पर अगर हम जिम्मेदारी डालें तो हम देखेंगे की सबसे ज्यादा " विधायिका " दोषी है , दुसरे नम्बेर पर " कार्यपालिका " तीसरे नंबर पर हमारा "मीडिया " और चोथे यानी सबसे कम दोषी हमारी " न्यायपालिका " है !!! मीडिया का तो ये हाल है की वो 70% देश के लोगों और वंहा पर हो रही घटनाओं के बारे में बताता तक नहीं ??? और तो और  सभी पार्टियों के 80% सांसदों और विधायकों के बारे में जनता को अवगत ही नहीं कराता ....??? और ढिंढोरा पीटता है की हम देश में जो लोक - तंत्र है उस के चोथे खम्भे हैं ?????? तो पाठको आप ही बताओ की आपकी इस के बारे में क्या राय है ??? तभी तो ये " सोशल मीडिया " पैदा हुआ है जिसे लोक तंत्र का पांचवां खम्भा कहा जाने लगा है !! फेस - बुक , ट्विटर और वेब साईटें  इसका माध्यम बनी हैं !! पूरा विश्व एक परिवार सा बन गया है !! आप भी हमारे ब्लाग और ग्रुप को आज ही बिलकुल फ्री ज्वाईन कीजिये और अपने अनमोल विचारों से हमें अवगत करवाएं !! अगर आप भी लेखन के शोकिन हैं तो आपका भी स्वागत है ! अगर आपकी कोई साईट या न्यूज़ पोर्टल है , और आपको हमारे ग्रुप या ब्लाग पर छपे किसी लेख के विचार पसंद हैं तो आप इन्हें फ्री शेयर कर सकते हैं !! हमारे ब्लाग और ग्रुप का नाम है " 5TH PILLAR CORROUPTION KILLER " . LOG ON . www.pitamberduttsharma.blogspot.com. ज्यादा जानकारी हेतु बात करें --: ०९४१४६५७५११,01509-222768. तो जोर से बोलिए ...जय  -- श्री -- राम --!!!! 

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