Saturday, March 24, 2012

केवल वयस्कों हेतु - " बूढी घोड़ी - लाल लगाम ".! ! !

फेस-बुक में व्यस्त रहने वाले सभी अधेड़ मित्रों और सहेलियों को मेरा " वयस्कों वाला हेल्लो !! हाय !!

             कोई न कोई ऐसी घटना हो जाती है इस फेस-बुक पर जिस से मेरा लेखक मन , आशिक मन हो जाता है >>> कभी कोई मित्र ऐसा चुटकुला लिख्देता है तो कभी कोई सहेली ऐसा शेयर लिख देतीं हैं या कोई युवा मित्र ऐसी फोटो लगा देता है की मन सतरंगी हवाओं में खो जाता है । अब मैं आपको ये तो नहीं बताऊंगा की किस सहेली या मित्र ने मुझे क्या लिख भेजा या क्या दिखा दिया क्योंकि "ये अन्दर की बात है " । वैसे आपसे भी कुछ छिपा हुआ नहीं है क्योंकि आपकी वाल पर भी ना चाहते हुए भी ऐसा ही कुछ आही जाता है !! अब मेरी फ्रेंड लिस्ट में तो मेरा लड़का ,लड़की और अन्य बच्चे भी हैं ! मैं जो कुछ भी लिखता हूँ वो उनके पास भी जाता है । लेकिन हम तो खुले विचारों के लोग हैं । लेकिन कई लोग हैं जो रंगीन कार्य फेस बुक पर करते हैं । जैसे विधान सभा में विधायक करते हैं । सरकार ने  भी पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर ये कहा की अगर कोई आदमी अपनी मर्ज़ी से किसी दुसरे मर्द से अन्तरंग सम्बन्ध बनाता है तो सरकार को कोई ऐतराज़ नहीं है । तो इन नेताओं को पोर्न मूवी देखने में क्यों दिक्कत हो रही है .....? फिर विपरीत लिंग वाले कोई दो जन मिलने की कोशिश अपनी मर्ज़ी से करते हैं तो ये पुलिस वाले उन्हें पार्क ,होटलों और क्लबों से क्यों पकड़ लाती है .......???? कोई बतायेगा ....??? वो भी तो सब एकांत में ही होता है पब्लिकली तो नहीं !!

                       हम सब 40.-60.वर्ष वाले लोग कान्हा जाएँ हमारे विपरीत लिंगी जीवन साथी अगर हमें आवश्यक सहयोग किसी भी वजह से नहीं दे पा रहे और हम किसी झूठे या सच्ची i.d.वाले मित्र के साथ चेटिंग या डेटिंग करते हैं तो हमें क्यों कहा जाता है की " बूढी घोड़ी -लाल लगाम " !!???? क्या ये हमारे मोलिक अधिकारों का हनन नहीं है ??? कन्हा हैं ये " मानवाधिकार आयोग वाले ....?????

                           कोई भाई अपनी बहन को अपनी ही जातिवाले आदमी से शादी करने से रोके तो पता नहीं कन्हा कन्हा से समाजसेवी चले आते हैं उस भाई को जेल भिजवाने हेतु ....??? जबकि साईंस भी कहती है की एक ही जाती ( d.n.a.)वालों में अगर शादी हो तो बच्चे रोगी होते हैं !! बड़ा कन्फ़यूज़न  सा हो रहा है इस लाईफ में । लिखना मैं क्या चाहता था लिखा क्या जा रहा है समझ से बाहर हो रहा है ।एडिट मैं कभी करता नहीं !! जो फ्लो में लिखा गया वो ही फाईनल हो जाता है !! तो यारो आप ही समझ लो की आज कल पहले तो ये आधुनिक , राईटर , समाजसेवी,और विदेशी पैसे पर पलने वाले N.G.O. हमें आधुनिक बनाते आ रहे हैं पिछले 35. सालों से , कभी "सरिता ",मनोरमा " आदि में कहानियां पढ़ाकर , तो कभी अजीब अजीब टी.वी.पर सीरियल दिखा कर !! बाकी रही सही कसर ये फिल्मे बनाने वाले पूरी कर देते हैं क्योंकि यंहां भी तो 2. नंबर का पैसा लगता है !!??? इन सब से प्रेरित होकर हम जब ऊटपटांग काम करते है मसलन , नशा करना , चोरी करना विवाहेत्तर सम्बन्ध बनाना आदि आदि तो ये उपरोक्त सभी " लाल रिबन ले कर घुमते हैं ....की एड्स हो जायेगी - एड्स हो जायेगी । अब आप ही बताओ की देश में नशे उपलब्ध कोण करवाता है ???? " सरकार "!! तो दोषी कोण ????? पीनेवाला या उपलब्ध करवाने वाला ??? 

                  तो मित्रो बात यंहा ख़तम होती है की छोटे चोर , नशेडी ,अपराधी और आशिक हेतु सारे क़ानून और बड़े आशिक,चोर,अपराधी,और आशिक हेतु सब अज्ञान .....क्या मैंने झूठ कहा ???? आप भी अपने विचार हमारे ब्लॉग या ग्रुप में लिख सकते हैं जिसका नाम है :- "5TH PILLAR CORROUPTION KILLER " आज ही लाग आन करें . www.pitamberduttsharma.blogspot.com.ज्यादा जानकारी हेतु हमारी पूरी प्रोफाईल पढ़ें !! तो बोलिए जय - माता - जी - की ........!! 

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