" महान इकोनोमिस्ट ,आहलुवालिया जी ," सिफर " लगानी भूल गए "..!!??

सिफर की कद्र जान्ने वाले सभी मित्रों को , मेरा हार्दिक नमस्कार !!
                           भारत को ये गर्व प्राप्त है की " सिफर" का आविष्कार भारत के लोगों ने ही किया था !! और ये भी सच है की सिफर लगाना या  ना लगाने की भूल भी सबसे ज्यादा भारतीय लोग ही करते हैं !! पिछले दिनों संसद में भारत के योजना आयोग के उपाध्यक्ष सरदार मोंटेक सिंह जी आहलुवालिया ने एक रिपोर्ट पेश की , जिसमे उन्होंने देश को बताया की शहर में 32/-रूपये और गाँव में 26/- रूपये जो व्यक्ति कमाता है , उसे गरीबों वाली सुविधा उपलब्ध नहीं करायी जाएगी !!
                                 मिडिया ने इसे इस तरह पेश किया की , 26/-व 32/- रूपये से ज्यादा कमाने वाला व्यक्ति अमीर है !! इस शोर को जब मध्यम दर्जे के लोगों ने सुना तो उनको बहुत बुरा लगा !!दरअसल में इस देश में ना तो आमिर को किसी सहायता की आवश्यकता है और ना ही ज्यादा गरीब को क्योंकि साड़ी योजनाएँ इस 26/-व 32/- रूपये वाले लोगों हेतु ही बनायी गयीं हैं जिनका उन्हें लाभ भी मिल रहा है ! 
                       मर तो " मध्यम दर्जे " वाला है , जैसे दो पाटन में घुन पिस्ता है वैसे ये बेचारा पिस रहा है !!असलियत ये है की अगर बताई गयी राशि में एक सिफर और लगा दी जाए यानी 260/-व 320/-रूपये रोजाना की आमदन को किसी सहायता योजना की सीमा बना दिया जाये तो जनता को साड़ी बातें पसंद आ जायेंगी !! 
                                     क्या मध्यम दर्जे का व्यक्ति इस देश का निवासी नहीं है ???? उसके हित हेतु किसी योजना का निर्माण कोई भी सरकार क्यों नहीं करती ???? उसकी हालत को कोई नेता क्यों नहीं समझता ?????? जिसे रहन-सहन तो अमीरों जैसा रखना पड़ता है और आमदन उसकी कई बार तो B.P.L.वालों से भी कम होती है !! आज भी आप भारत के किसी भी कसबे या शहर में जाकर देखलो हर जगह आपको अनपढ़ आदमी तो 250/- रूपये से कम नहीं मिलेगा , वन्ही पढ़ा-लिखा आदमी आपको मात्र 80/- रूपये रोज़ की मजदूरी पर ख़ुशी-ख़ुशी काम करता मिल जाएगा !! 
                             यही वो अंतर है जो सरकार को पाटना चाहिए लेकिन अब तक किसी भी पार्टी की सरकार ने इस और ध्यान नहीं दिया है क्यों .......आप ही सोच कर हमें इस ब्लाग और ग्रुप में अपने अनमोल विचारों को लिख कर बताएं । जिसका नाम है :- "5TH PILLAR CORROUPTION KILLAR " इसके आप सदस्य बने और आज ही ज्वाईन करें !! नए लेखक भी सादर आमंत्रित है जो इस ब्लाग पर अपने लेख लिख सकते हैं ...ज्यादा जानकारी हेतु संपर्क करें :- पीताम्बर दत्त शर्मा , हेल्प-लाइन -बिग - बाज़ार , पंचायत समिति भवन के सामने , सूरतगढ़ । जिला श्री गंगानगर , राजस्थान !! मो.न.०९४१४६५७५११. या लाग आन करें www.pitamberduttsharma.blogspot.com. 

                 शायद  सरदार जी , सिफार लगाना भूल गए .........???????????? बोलो जय माता की !! 

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